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    योगी आदित्यनाथ का कांग्रेस पर हमला, बोले- पहले LPG कनेक्शन के लिए देने पड़ते थे ₹25,000 से ₹50,000 तक

    10 hours ago

    Yugcharan News / 04-11-2026

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एलपीजी गैस कनेक्शन को लेकर कांग्रेस के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2014 से पहले आम लोगों को रसोई गैस का कनेक्शन हासिल करने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था और कई मामलों में कथित तौर पर 25,000 रुपये से लेकर 50,000 रुपये तक की रकम ब्लैक में देनी पड़ती थी। योगी ने कहा कि मौजूदा सरकार ने गरीब परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन उपलब्ध कराकर इस व्यवस्था में बदलाव किया है।

    मुख्यमंत्री ने मंगलवार को लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में यह बयान दिया। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को एलपीजी सिलेंडर रिफिल पर सब्सिडी वितरित की गई। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार ने पात्र परिवारों को दीपावली और होली पर एक-एक मुफ्त एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराने की योजना की जानकारी भी दी।

    सरकार के मुताबिक, इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को सिलेंडर रिफिल पर सब्सिडी देने के लिए 1,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। कार्यक्रम में 1.89 करोड़ से अधिक लाभार्थियों तक इस सहायता को पहुंचाने की बात कही गई।

    2014 से पहले गैस कनेक्शन के लिए रिश्वत देने का आरोप

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले रसोई गैस का कनेक्शन प्राप्त करना आम लोगों के लिए आसान नहीं था। उनके मुताबिक, लोगों को कनेक्शन लेने के लिए कई तरह की मुश्किलों से गुजरना पड़ता था और कथित तौर पर बड़ी रकम देकर गैस कनेक्शन हासिल करना पड़ता था।

    मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उस समय एक एलपीजी कनेक्शन के लिए लोगों से 25,000, 35,000 या यहां तक कि 50,000 रुपये तक की रकम ब्लैक में मांगी जाती थी। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन उपलब्ध कराना सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    योगी ने कहा कि सरकार की सफलता का आकलन इस आधार पर होना चाहिए कि योजनाओं का लाभ समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति तक बिना किसी भेदभाव के पहुंचे। उन्होंने यह भी कहा कि पहले भ्रष्टाचार और अनावश्यक खर्चों में जाने वाला पैसा अब गरीब परिवारों की बचत के रूप में काम आ रहा है।

    हालांकि, गैस कनेक्शन के लिए कथित तौर पर 25,000 से 50,000 रुपये तक की रकम वसूले जाने का यह दावा मुख्यमंत्री का राजनीतिक बयान है। कार्यक्रम में इस आरोप के समर्थन में अलग से कोई दस्तावेजी आंकड़ा या विस्तृत विवरण प्रस्तुत किए जाने की जानकारी नहीं दी गई।

    उज्ज्वला योजना के तहत महिलाओं को राहत देने पर जोर

    मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना को गरीब परिवारों, विशेषकर महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि सरकार ने जरूरतमंद परिवारों तक रसोई गैस की सुविधा पहुंचाने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि मुफ्त गैस कनेक्शन और रिफिल पर आर्थिक सहायता से गरीब परिवारों को घरेलू खर्च में राहत मिल सकती है।

    उत्तर प्रदेश सरकार की घोषणा के अनुसार, उज्ज्वला योजना के पात्र परिवारों को दीपावली और होली के अवसर पर एक-एक मुफ्त एलपीजी सिलेंडर दिया जाएगा। इसके लिए सिलेंडर रिफिल पर सब्सिडी वितरित करने के उद्देश्य से 1,500 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है।

    इस व्यवस्था का उद्देश्य त्योहारों के दौरान पात्र परिवारों पर पड़ने वाले घरेलू खर्च के बोझ को कम करना है। हालांकि, योजना का लाभ उन्हीं परिवारों को मिलेगा जो निर्धारित पात्रता शर्तों के अंतर्गत आते हैं।

    गरीबी में कमी को लेकर विश्व बैंक की रिपोर्ट का हवाला

    योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में देश में गरीबी कम होने का दावा करते हुए विश्व बैंक की एक हालिया रिपोर्ट का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश में लगभग 46 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए हैं और अब सामान्य तथा बेहतर जीवन जीने की स्थिति में पहुंचे हैं।

    मुख्यमंत्री ने इस आंकड़े को केंद्र सरकार की नीतियों और कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ते हुए कहा कि वर्ष 2014 के बाद देश में विकास और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की दिशा में बदलाव आया है।

    उन्होंने वर्ष 2014 से पहले की सरकारों की आलोचना करते हुए बेरोजगारी, किसानों की आत्महत्या, भूख और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे उठाए। योगी ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के कार्यकाल में युवाओं के लिए रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं थे, किसानों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता था और महिलाओं के लिए आत्मनिर्भर बनने के रास्ते सीमित थे।

    उन्होंने राष्ट्रमंडल खेल, 2जी स्पेक्ट्रम और कोयला आवंटन से जुड़े विवादों का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में भ्रष्टाचार के कई मामले सामने आए थे। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 के बाद भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक लगाने के प्रयास किए गए और केंद्र सरकार के प्रति लोगों का भरोसा मजबूत हुआ।

    उत्तर प्रदेश की पुरानी स्थिति का भी किया जिक्र

    मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश की पिछली स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके मुख्यमंत्री बनने से पहले राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर लोगों में चिंता रहती थी। उन्होंने दावा किया कि उस समय त्योहारों के दौरान भी तनाव, दंगे और कर्फ्यू जैसी परिस्थितियां पैदा हो जाती थीं।

    योगी के मुताबिक, पहले लोगों को अपनी संपत्ति और सुरक्षा की चिंता रहती थी और विकास गतिविधियां भी प्रभावित होती थीं। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने कानून-व्यवस्था सुधारने, महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और आम नागरिकों को सुरक्षित माहौल देने पर ध्यान दिया है।

    उन्होंने राज्य सरकार की नीतियों को केंद्र सरकार की योजनाओं के साथ जोड़ते हुए ‘डबल इंजन’ सरकार का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य में एक ही दल की सरकार होने से विकास योजनाओं को लागू करने में मदद मिलती है।

    महिलाओं की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए नए पैकेज का ऐलान

    योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार उनकी सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि महिलाओं को अच्छी शिक्षा उपलब्ध कराने और उन्हें सुरक्षित वातावरण देने के लिए कई स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि उत्तर प्रदेश सरकार जल्द ही महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से एक विशेष पैकेज लेकर आएगी। हालांकि, इस पैकेज की विस्तृत रूपरेखा, बजट, लाभार्थियों की संख्या और लागू होने की समयसीमा के बारे में कार्यक्रम में जानकारी नहीं दी गई।

    उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना और उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होने के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। इस घोषणा को राज्य में महिला सशक्तीकरण से जुड़ी योजनाओं के विस्तार के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

    कल्याणकारी योजनाओं और राजनीतिक आरोपों के बीच कार्यक्रम

    लखनऊ में आयोजित यह कार्यक्रम एलपीजी रिफिल सब्सिडी वितरण और उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को सहायता देने पर केंद्रित था। हालांकि, अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने इसे केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं रखा और कांग्रेस के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती सरकारों की नीतियों की आलोचना भी की।

    योगी आदित्यनाथ ने गैस कनेक्शन, गरीबी, रोजगार, भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों को उठाते हुए वर्ष 2014 से पहले और बाद की राजनीतिक तथा प्रशासनिक परिस्थितियों की तुलना की।

    इस कार्यक्रम में सबसे प्रमुख घोषणा पात्र उज्ज्वला लाभार्थियों को दीपावली और होली पर एक-एक मुफ्त सिलेंडर देने की रही। इसके लिए 1,500 करोड़ रुपये के प्रावधान का उल्लेख किया गया है। वहीं, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रस्तावित विशेष पैकेज की घोषणा ने राज्य सरकार की आगामी योजनाओं को लेकर भी चर्चा शुरू कर दी है।

    सरकार की ओर से घोषित सहायता का वास्तविक लाभ पात्र परिवारों तक किस तरह और कितनी प्रभावी ढंग से पहुंचेगा, यह योजना के क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा। दूसरी ओर, वर्ष 2014 से पहले एलपीजी कनेक्शन के लिए कथित रूप से बड़ी रकम वसूले जाने और पिछली सरकारों के कार्यकाल को लेकर मुख्यमंत्री के आरोप राजनीतिक बहस का हिस्सा बने रह सकते हैं।

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