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    सोने और चांदी की कीमत 1980 के बाद सबसे बड़ी गिरावट, सोने और चांदी की कीमत से निवेशकों में हड़कंप

    19 hours ago

    सोने और चांदी की कीमत में आज ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है, जिसने निवेशकों और बुलियन बाज़ार को हिलाकर रख दिया है। बुलियन मार्केट में कीमतें लगभग 30 प्रतिशत तक टूट गईं, जिसे 1980 के दशक के बाद की सबसे बड़ी एकदिवसीय गिरावट माना जा रहा है।

    मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने और चांदी की कीमत में तेज़ गिरावट देखी गई, जहाँ चांदी का भाव लुढ़ककर 2,91,922 रुपये प्रति किलोग्राम के निचले स्तर पर पहुँच गया। वहीं, सोने और चांदी की कीमत में गिरावट के बीच सोने के दाम भी फिसलकर करीब 1,50,849 रुपये तक आ गए।

    विशेषज्ञों के मुताबिक, कमजोर वैश्विक संकेत (weak global cues), डॉलर में तेज़ उतार-चढ़ाव और भारी मुनाफावसूली (profit booking) इस गिरावट की प्रमुख वजह मानी जा रही है। इन कारणों से अंतरराष्ट्रीय और घरेलू दोनों बाज़ारों में सोने और चांदी की कीमत पर दबाव साफ देखा जा रहा है।

     

     Gold Price Today: 22K और 24K में सोने और चांदी की कीमत का हाल

    वैश्विक बाज़ार में सोने की कमजोरी का असर घरेलू खुदरा बाज़ार पर भी साफ दिखा है।

    आज सोने और चांदी की कीमत में गिरावट के बीच 24 कैरेट सोना करीब 1,50,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार करता दिखा, जबकि 22 कैरेट सोने का भाव लगभग 1,31,000 रुपये रहा।

    यहाँ ध्यान देने वाली बात यह है कि ये दरें GST और मेकिंग चार्ज के बिना हैं, यानी ज्वैलरी खरीदते समय सोने और चांदी की कीमत इससे अधिक पड़ सकती है।

     

    प्रमुख शहरों में आज का सोना भाव (प्रति 10 ग्राम)

    शहर 22 कैरेट सोना 24 कैरेट सोना
    दिल्ली ₹1,38,360 ₹1,51,050
    जयपुर ₹1,38,360 ₹1,51,050
    अहमदाबाद ₹1,38,360 ₹1,51,050
    पुणे ₹1,38,300 ₹1,50,900
    मुंबई ₹1,38,300 ₹1,50,900
    हैदराबाद ₹1,38,300 ₹1,50,900
    चेन्नई ₹1,38,300 ₹1,50,900
    बेंगलुरु ₹1,38,300 ₹1,50,900
    कोलकाता ₹1,38,300 ₹1,50,900

     

    International Market में भी टूटी सोने और चांदी की कीमत

    अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में भी सोने और चांदी की कीमत भारी दबाव में है। स्पॉट गोल्ड की कीमत 8.25 प्रतिशत गिरकर 4,879 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर आ गई, यानी करीब 438.80 डॉलर की गिरावट दर्ज की गई।


    वहीं, कॉमेक्स (COMEX) पर सोने की कीमत में कमजोरी जारी रही और चांदी का भाव 25.50 प्रतिशत टूटकर 85.250 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करता दिखा।

     

    निवेशकों के लिए क्या संकेत देती है सोने और चांदी की कीमत?

    विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी तेज़ गिरावट के बाद बाज़ार में अस्थिरता (volatility) बनी रह सकती है। अल्पकाल में सोने और चांदी की कीमत में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है, जबकि दीर्घकालिक निवेशक फिलहाल स्थिरता का इंतज़ार कर सकते हैं।

    आने वाले दिनों में डॉलर की चाल, वैश्विक ब्याज दरें और भू-राजनीतिक घटनाक्रम यह तय करेंगे कि सोने और चांदी की कीमत किस दिशा में आगे बढ़ेगी।

     निवेश से पहले ताज़ा रेट, टैक्स और जोखिम कारकों का आकलन ज़रूर करें, क्योंकि मौजूदा हालात में कीमत तेज़ी से बदल सकती है

     

     सोने और चांदी की कीमत में गिरावट: बबल फूटा या सिर्फ़ सुधार?

    सोने और चांदी की कीमत में आई इस ऐतिहासिक गिरावट ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है क्या यह बुलियन बाज़ार में बबल फूटने का संकेत है या फिर यह सिर्फ़ एक तेज़ लेकिन अस्थायी करेक्शन है।

    पिछले कुछ वर्षों में सोने और चांदी की कीमतों में लगातार तेज़ी देखी गई थी, खासकर वैश्विक अनिश्चितताओं, युद्ध जैसे हालात और महँगाई के डर के बीच निवेशकों ने इन्हें सुरक्षित निवेश के रूप में अपनाया। इसी वजह से सोने और चांदी की कीमत अपने औसत स्तर से काफी ऊपर चली गई थी।

    विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गिरावट का बड़ा कारण अत्यधिक सट्टेबाज़ी और मुनाफावसूली है। जब कीमतें बहुत तेज़ी से ऊपर जाती हैं, तो एक स्तर पर निवेशक मुनाफा निकालने लगते हैं, जिससे अचानक तेज़ गिरावट देखने को मिलती है। इस नज़रिये से देखा जाए तो सोने और चांदी की कीमत में यह गिरावट एक तकनीकी करेक्शन भी हो सकती है, न कि पूरी तरह बबल फूटने की स्थिति।

    दूसरी अहम वजह वैश्विक आर्थिक माहौल में आया बदलाव है। अमेरिकी डॉलर की मजबूती, ब्याज दरों को लेकर बदला हुआ रुख़ और जोखिम भरे निवेशों की ओर बढ़ता झुकाव इन सभी ने सोने और चांदी की कीमत पर दबाव बनाया है। जब डॉलर मज़बूत होता है, तो सोने जैसी परिसंपत्तियाँ कम आकर्षक हो जाती हैं, जिससे कीमतों में गिरावट आती है। यह संकेत देता है कि यह गिरावट नीतिगत और आर्थिक बदलावों से प्रेरित हो सकती है।

    हालांकि, यह कहना अभी जल्दबाज़ी होगी कि बुलियन बाज़ार में बबल पूरी तरह फूट चुका है। ऐतिहासिक रूप से देखा जाए तो सोने और चांदी की कीमत में तेज़ गिरावट के बाद अक्सर स्थिरता और धीरे-धीरे रिकवरी भी देखने को मिली है। दीर्घकालिक निवेशकों के लिए यह गिरावट जोखिम के साथ-साथ अवसर भी हो सकती है, बशर्ते वैश्विक हालात अचानक और ज़्यादा न बिगड़ें।

    कुल मिलाकर, मौजूदा हालात यह इशारा करते हैं कि सोने और चांदी की कीमत में आई यह गिरावट फिलहाल एक गंभीर लेकिन अस्थायी करेक्शन लगती है, न कि पूरी तरह बबल फूटने का संकेत। आने वाले दिनों में बाज़ार की दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि वैश्विक अर्थव्यवस्था, डॉलर और ब्याज दरें किस तरह का रुख़ अपनाती हैं।

     

    Frequently Asked Questions

    1 क्या सोने और चांदी की कीमत में आई गिरावट बबल फूटने का संकेत है?

    उत्तर: फिलहाल विशेषज्ञ इसे पूरी तरह बबल फूटना नहीं मान रहे हैं। अधिकतर विश्लेषकों के अनुसार यह तेज़ी के बाद आया एक मजबूत करेक्शन है, जो बाज़ार को संतुलित करता है।

    2 सोने और चांदी की कीमत में इतनी तेज़ गिरावट की सबसे बड़ी वजह क्या है?

    उत्तर: डॉलर की मजबूती, वैश्विक ब्याज दरों को लेकर बदला रुख़ और निवेशकों की भारी मुनाफावसूली सोने और चांदी की कीमत में गिरावट की प्रमुख वजहें हैं।

    3 क्या सोने और चांदी की कीमत में और गिरावट आ सकती है?

    उत्तर: अल्पकाल में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, लेकिन दीर्घकाल में सोने और चांदी की कीमत वैश्विक आर्थिक स्थिरता और महँगाई के रुख़ पर निर्भर करेगी।

    4 क्या मौजूदा गिरावट के दौरान सोना या चांदी खरीदना सही रहेगा?

    उत्तर: लंबी अवधि के निवेशकों के लिए सोने और चांदी की कीमत में आई गिरावट एक अवसर हो सकती है, लेकिन निवेश से पहले जोखिम और बाज़ार की स्थिरता का आकलन ज़रूरी है।

    5 भविष्य में सोने और चांदी की कीमत किन कारकों से तय होगी?

    उत्तर: डॉलर की चाल, केंद्रीय बैंकों की ब्याज दर नीतियाँ, वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाएँ और महँगाई का स्तर आगे सोने और चांदी की कीमत की दिशा तय करेंगे।

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