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    यूनिवर्सिटी ऑफ़ टेक्नोलॉजी,वाटिका जयपुर में दो दिवसीय CRE कार्यक्रम का सफल आयोजन

    यूनिवर्सिटी ऑफ़ टेक्नोलॉजी के विशेष शिक्षा विभाग में अधिष्ठाता डॉ. वंदना सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में दिनांक 12 एवं 13 मार्च 2026 को दो दिवसीय CRE (Continuing Rehabilitation Education) कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय “विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए क्रियात्मक शैक्षणिक शिक्षा” रखा गया, जिसका उद्देश्य विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए जीवनोपयोगी शैक्षणिक कौशलों को समझना एवं विकसित करना था।   कार्यक्रम के प्रथम दिवस 12 मार्च 2026 को पंजीकरण प्रक्रिया के पश्चात कार्यक्रम का शुभारंभ प्रेसिडेंट डॉ. रश्मि जैन, प्रो- प्रेसिडेंट डॉ. अंकित गांधी , अधिष्ठाता डॉ. वंदना सिंह ठाकुर तथा विशेष शिक्षा विभाग के अध्यापकगणों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इसके उपरांत डॉ. वंदना सिंह ठाकुर ने अपने स्वागत भाषण में CRE कार्यक्रम के उद्देश्यों एवं महत्व से प्रतिभागियों को अवगत कराया। कार्यक्रम में विभिन्न रिसोर्स पर्सन द्वारा विषय से संबंधित महत्वपूर्ण व्याख्यान एवं प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिनमें मनीष कुमार मीणा, हसन दीन खान, राघवेंद्र यादव, भावना रावत, डॉ. नवनीता नहाता एवं डॉ. स्नेहलता शर्मा शामिल रहे। प्रथम सत्र के दौरान RCI द्वारा वीडियो कॉल के माध्यम से कार्यक्रम की जानकारी ली गई, जिसमें प्रतिभागियों से भी संवाद स्थापित किया गया तथा कौशल आधारित गतिविधियों का भी आयोजन किया गया। प्रथम दिवस के अंत में अतिथि वक्ताओं को स्मृति-चिन्ह प्रदान कर प्रथम दिवस का समापन किया गया।   कार्यक्रम के द्वितीय दिवस 13 मार्च 2026 को भी कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. वंदना सिंह ठाकुर के प्रेरणादायक उद्बोधन से हुई। इस दिन गीता रानी, डॉ. माया बोहरा, डॉ. अनीता शर्मा, डॉ. पी. रामकृष्ण एवं धीरज कुमार नागर द्वारा विषय से संबंधित प्रभावी प्रस्तुतियाँ दी गईं। प्रतिभागियों के लिए विभिन्न शिक्षण-अधिगम गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिससे कार्यक्रम अत्यंत रोचक एवं ज्ञानवर्धक बना।   इस अवसर पर प्रो-प्रेसिडेंट डॉ. अंकित गांधी ने कहा कि क्रियात्मक शैक्षणिक शिक्षा का उद्देश्य विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को ऐसे शैक्षणिक कौशल प्रदान करना है जो उनके दैनिक जीवन में उपयोगी हों तथा उन्हें अधिक आत्मनिर्भर बना सकें। यह शिक्षा बच्चों को जीवन से जोड़ती है, जिससे वे अपनी क्षमताओं के अनुसार समाज में सक्रिय और सम्मानजनक जीवन जी सकें। इसके साथ ही डॉ. अंकित गांधी ने डॉ. वंदना सिंह ठाकुर , आमंत्रित रिसोर्स पर्सन, अध्यापकगण व विद्यार्थियों को कार्यक्रम की सफलता हेतु धन्यवाद ज्ञापन किया।   वहीं प्रेसिडेंट डॉ. रश्मि जैन ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों में कौशलात्मक क्षमता के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। क्रियात्मक शैक्षणिक शिक्षा का उद्देश्य बच्चों को केवल पुस्तकीय ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें ऐसे व्यावहारिक कौशल सिखाना है जो उनके दैनिक जीवन को अधिक स्वतंत्र और आत्मनिर्भर बना सकें।    प्रो चेयरपर्सन डॉ. अंशु सुराना ने भी कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस विषय पर साझा किए गए विचार विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के सर्वांगीण विकास में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगे। ऐसी शिक्षा बच्चों की व्यक्तिगत आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उन्हें आत्मविश्वास, स्वावलंबन और समाज में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करती है। द्वितीय दिवस के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए तथा अतिथि वक्ताओं को यूनिवर्सिटी ऑफ़ टेक्नोलॉजी की ओर से स्मृति-चिन्ह भेंट किए गए। कार्यक्रम के सफल आयोजन में विशेष शिक्षा विभाग के अध्यापकगण धीरज कुमार नागर, श्रीमती सीमा चौधरी, गीता रानी, हसन दीन खान, मनीष कुमार मीणा एवं भावना रावत का योगदान सराहनीय रहा। अंत में डॉ. वंदना सिंह ठाकुर ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए चेयरपर्सन डॉ. प्रेम सुराना, प्रो चेयरपर्सन डॉ. अंशु सुराना, प्रेसिडेंट डॉ. रश्मि जैन, प्रो प्रेसिडेंट डॉ. अंकित गांधी, कुलसचिव डॉ. अनूप शर्मा, परीक्षा नियंत्रक डॉ. कमल किशोर जांगिड़, सभी वक्ताओं, अध्यापकगणों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। इस प्रकार “विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए क्रियात्मक शैक्षणिक शिक्षा” विषय पर आयोजित दो दिवसीय CRE कार्यक्रम का सफल एवं गरिमामय समापन हुआ।

    रैंप वॉक, टैलेंट राउंड और बॉलीवुड डांस ने बांधा समा

    बियानी इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड मैनेजमेंट एवं बियानी स्कूल ऑफ नर्सिंग में ‘फ्रेशर्स पार्टी’ का हुआ आयोजन जयपुर। बियानी इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड मैनेजमेंट (बीएससी नर्सिंग) तथा बियानी स्कूल ऑफ नर्सिंग (जीएनएम) में शनिवार को ‘फ्रेशर्स पार्टी – फ्रेशर्स फ्रेंज़ी 2026’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नए विद्यार्थियों का स्वागत करना तथा उनमें आत्मविश्वास और प्रतिभा को प्रोत्साहित करना था।   कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं गणेश वंदना के साथ हुई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. वसुंधरा व्यास (लैप्रोस्कोपिक सर्जन एवं रोबोटिक गायनेकोलॉजिस्ट, व्यास हॉस्पिटल, जयपुर) तथा विशिष्ट अतिथि राकेश डिडवानिया (डिप्टी नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट, बीएमसीएचआरसी) उपस्थित रहे। साथ ही आयोजक संस्था के निदेशक एवं प्रसिद्ध मोटिवेशनल गुरु डॉ. संजय बियानी, डीन व प्रिंसिपल डॉ. ध्यान सिंह गोठवाल, सीनियर नर्सिंग प्रिंसिपल तारावती चौधरी, नर्सिंग प्रिंसिपल लथा पी.एस. तथा वाइस प्रिंसिपल जीशु जॉर्ज भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।   इस अवसर पर विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिनमें कालबेलिया वेलकम डांस और सांस्कृतिक फ्यूजन प्रस्तुति विशेष आकर्षण रहे।   कार्यक्रम को संबोधित करते हुए निदेशक डॉ. संजय बियानी ने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नर्सिंग का अर्थ केवल एक पेशा नहीं, बल्कि सेवा भाव से समाज की सेवा करना है। उन्होंने विद्यार्थियों को सेवा, सत्संग और सीमिरन का अर्थ समझाते हुए आध्यात्मिकता और सकारात्मक सोच को जीवन में अपनाने की भी प्रेरणा दी।   मुख्य अतिथि डॉ. वसुंधरा व्यास ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को मरीजों के साथ बेहतर संवाद और संवेदनशील व्यवहार बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने स्वास्थ्य जागरूकता के संदर्भ में सर्वाइकल कैंसर वैक्सीन के महत्व की जानकारी भी साझा की।   कार्यक्रम में फ्रेशर विद्यार्थियों के लिए रैंप वॉक, टैलेंट राउंड, गेम्स और क्वेश्चन-आंसर राउंड जैसी रोचक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसके अलावा बॉलीवुड तड़का डांस प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया।   वही बीएससी से ईशा शर्मा और जीएनएम पूजा मीणा ने मिस फ्रेशर का खिताब अपने नाम किया।

    दीक्षांत शिक्षा का अंत नहीं प्रारंभ है: स्वामी जितेन्द्रानन्द सरस्वती

    डिग्रियां मिलीं, खिले चेहरों की मुस्कान— अपेक्स यूनिवर्सिटी का चतुर्थ दीक्षांत समारोह बना यादगार अवसर जयपुर। अपेक्स यूनिवर्सिटी में शनिवार को चतुर्थ दीक्षांत समारोह गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। समारोह के विशिष्ट अतिथि अखिल भारतीय संत समिति एवं गंगा महासभा के महासचिव पूज्य स्वामी जितेन्द्रानन्द जी सरस्वती एवं एक्म्स ड्रग्स एंड फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक संदीप जैन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में पूर्व आईपीएस अधिकारी, अखिल भारतीय विशेष संपर्क प्रमुख (भारतीय शिक्षण मंडल) एवं निदेशक आरएफआरएफ नागपुर शिवव्रत महापात्र भी उपस्थित रहे। समारोह की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के चेयरपर्सन डॉ. रवि जूनीवाल ने की। अचरोल स्थित अपेक्स यूनिवर्सिटी कैंपस में आयोजित इस दीक्षांत समारोह की शुरुआत दीक्षांत परेड से हुई, जो प्रशासनिक भवन से प्रारंभ होकर समारोह स्थल तक पहुँची। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगीत और अपेक्स यूनिवर्सिटी के कुलगीत के साथ किया गया। विश्वविद्यालय ने अपने स्नातकों को भारतीय वेशभूषा में सुसज्जित कर दीक्षांत समारोह को विशेष गरिमा प्रदान की। दीक्षांत समारोह में डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के चेहरे पर खुशी और गर्व साफ झलक रहा था। समारोह के दौरान विभिन्न संकायों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 16 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल प्रदान किए गए तथा सर्वश्रेष्ठ विद्यार्थी के लिए मेघा कोठारी को डॉ. सागरमल जूनीवाल मेमोरियल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर स्नातक के 998, स्नातकोत्तर के 286 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं, जबकि विभिन्न विषयों में शोध कार्य पूर्ण करने वाले 53 शोधार्थियों को पीएच.डी. की डिग्री प्रदान की गई। दीक्षांत समारोह के दौरान गंगा संरक्षण, सनातन संस्कृति के संरक्षण, तथा धार्मिक-सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए स्वामी जितेन्द्रानन्द जी सरस्वती तथा फार्मास्युटिकल उद्योग और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए संदीप जैन को विश्वविद्यालय की ओर से डी.लिट्. की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया।  अपने संबोधन में स्वामी जितेन्द्रानन्द जी सरस्वती ने कहा कि आज से उनके जीवन की नई शुरुआत होगी। युवाओ को भारत के नए उभरते अर्थतंत्र का भाग बनाना होगा। युवाओ को नेतृत्व करना है और आगे बढ़ कर कार्य करना है। नौकरी की तलाश में ना रहें बल्कि रोजगार उपलब्ध कराये। एआई के बारे मे बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह दो धारी तलवार है जिसका सदुपयोग होना चाहिये। सफल व्यवसायी और मानवतावादी सामाजिक कार्यकर्ता संदीप जैन ने कहा कि हमने समाज और देश से जो लिया है उसे लौटाना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि वैमनस्य का कचरा साफ़ करके समाज की सुन्दर मूर्ति का निर्माण किया जा सकता है। हमारा प्रयास होना चाहिये कि सब स्वस्थ हों और सबका जीवन सुखी हो। शिवव्रत महापात्र ने कहा कि सभी युवाओं को भारत बोध का हिस्सा बनना चाहिये। ये बोध भारतीयों को भारतीयों से जोड़ता है। शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने के लिए नहीं होती बल्कि इसे आपको भारत को जानने और इसकी सेवा करने के लिए उपयोग में लेना चाहिये। विश्वविद्यालय के चेयरपर्सन डॉ. रवि जूनीवाल ने अपने दीक्षांत संबोधन में उपाधि प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि डिग्री प्राप्त करना जीवन की नई यात्रा की शुरुआत है और अब विद्यार्थियों के सामने नए अवसरों के साथ नई जिम्मेदारियां भी हैं। कार्यक्रम में संजय शिक्षा समिति के सचिव मनोज जुनीवाल ने अतिथियों का स्वागत किया। यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. सोमदेव शतांशु ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया तथा रजिस्ट्रार डॉ. पंकज कुमार शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट, एकेडमिक काउंसिल के सदस्य तथा शहर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। यह दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के लिए उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों का गौरवपूर्ण और यादगार अवसर बना।

    दीक्षांत शिक्षा का अंत नहीं प्रारंभ है- स्वामी जितेन्द्रानन्द सरस्वती

    डिग्रियां मिलीं, खिले चेहरों की मुस्कान— अपेक्स यूनिवर्सिटी का चतुर्थ दीक्षांत समारोह बना यादगार अवसर जयपुर। अपेक्स यूनिवर्सिटी में शनिवार को चतुर्थ दीक्षांत समारोह गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। समारोह के विशिष्ट अतिथि अखिल भारतीय संत समिति एवं गंगा महासभा के महासचिव पूज्य स्वामी जितेन्द्रानन्द जी सरस्वती एवं एक्म्स ड्रग्स एंड फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक संदीप जैन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में पूर्व आईपीएस अधिकारी, अखिल भारतीय विशेष संपर्क प्रमुख (भारतीय शिक्षण मंडल) एवं निदेशक आरएफआरएफ नागपुर शिवव्रत महापात्र भी उपस्थित रहे। समारोह की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के चेयरपर्सन डॉ. रवि जूनीवाल ने की। अचरोल स्थित अपेक्स यूनिवर्सिटी कैंपस में आयोजित इस दीक्षांत समारोह की शुरुआत दीक्षांत परेड से हुई, जो प्रशासनिक भवन से प्रारंभ होकर समारोह स्थल तक पहुँची। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगीत और अपेक्स यूनिवर्सिटी के कुलगीत के साथ किया गया। विश्वविद्यालय ने अपने स्नातकों को भारतीय वेशभूषा में सुसज्जित कर दीक्षांत समारोह को विशेष गरिमा प्रदान की। दीक्षांत समारोह में डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के चेहरे पर खुशी और गर्व साफ झलक रहा था। समारोह के दौरान विभिन्न संकायों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 16 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल प्रदान किए गए तथा सर्वश्रेष्ठ विद्यार्थी के लिए मेघा कोठारी को डॉ. सागरमल जूनीवाल मेमोरियल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर स्नातक के 998, स्नातकोत्तर के 286 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं, जबकि विभिन्न विषयों में शोध कार्य पूर्ण करने वाले 53 शोधार्थियों को पीएच.डी. की डिग्री प्रदान की गई। दीक्षांत समारोह के दौरान गंगा संरक्षण, सनातन संस्कृति के संरक्षण, तथा धार्मिक-सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए स्वामी जितेन्द्रानन्द जी सरस्वती तथा फार्मास्युटिकल उद्योग और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए संदीप जैन को विश्वविद्यालय की ओर से डी.लिट्. की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया।  अपने संबोधन में स्वामी जितेन्द्रानन्द जी सरस्वती ने कहा कि आज से उनके जीवन की नई शुरुआत होगी। युवाओ को भारत के नए उभरते अर्थतंत्र का भाग बनाना होगा। युवाओ को नेतृत्व करना है और आगे बढ़ कर कार्य करना है। नौकरी की तलाश में ना रहें बल्कि रोजगार उपलब्ध कराये। एआई के बारे मे बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह दो धारी तलवार है जिसका सदुपयोग होना चाहिये। सफल व्यवसायी और मानवतावादी सामाजिक कार्यकर्ता संदीप जैन ने कहा कि हमने समाज और देश से जो लिया है उसे लौटाना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि वैमनस्य का कचरा साफ़ करके समाज की सुन्दर मूर्ति का निर्माण किया जा सकता है। हमारा प्रयास होना चाहिये कि सब स्वस्थ हों और सबका जीवन सुखी हो। शिवव्रत महापात्र ने कहा कि सभी युवाओं को भारत बोध का हिस्सा बनना चाहिये। ये बोध भारतीयों को भारतीयों से जोड़ता है। शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने के लिए नहीं होती बल्कि इसे आपको भारत को जानने और इसकी सेवा करने के लिए उपयोग में लेना चाहिये। विश्वविद्यालय के चेयरपर्सन डॉ. रवि जूनीवाल ने अपने दीक्षांत संबोधन में उपाधि प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि डिग्री प्राप्त करना जीवन की नई यात्रा की शुरुआत है और अब विद्यार्थियों के सामने नए अवसरों के साथ नई जिम्मेदारियां भी हैं। कार्यक्रम में संजय शिक्षा समिति के सचिव मनोज जुनीवाल ने अतिथियों का स्वागत किया। यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. सोमदेव शतांशु ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया तथा रजिस्ट्रार डॉ. पंकज कुमार शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट, एकेडमिक काउंसिल के सदस्य तथा शहर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। यह दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के लिए उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों का गौरवपूर्ण और यादगार अवसर बना।

    राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत आयोजित सप्त दिवसीय विशेष शिविर का समापन समारोह

    सप्त दिवसीय शिविर का समापन। विश्वविद्यालय राजस्थान महाविद्यालय में 5 मार्च से 11 मार्च तक राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत आयोजित सप्त दिवसीय विशेष शिविर का समापन समारोह 13 मार्च को आयोजित हुआ। कार्यक्रम महाविद्यालय प्राचार्य प्रो. विनोद कुमार शर्मा की अध्यक्षता में संपन्न हुआ एवं मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय सेवा योजना के क्षेत्रीय समन्वयक एस. पी. भटनागर उपस्थित रहे। महाविद्यालय प्राचार्य ने बताया की इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। डॉ मीना रानी ने सप्त दिवसीय शिविर की रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए प्रतिभागियों की उभरती प्रतिभा के बारे में बताया। मुख्य अतिथि ने विद्यार्थियों को दिशानिर्देश प्रदान करते हुए कर्तव्य बोध कराया। श्रेष्ठ विद्यार्थियों को पुरुस्कृत करने के पश्चात डॉ. मीता शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

    राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर दीपशिखा कॉलेज ऑफ टेक्निकल एजुकेशन में विज्ञान प्रदर्शनी व क्विज प्रतियोगिता आयोजित

      जयपुर। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर मानसरोवर स्थित दीपशिखा कॉलेज ऑफ टेक्निकल एजुकेशन (DCTE) में विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और रचनात्मकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन प्राचार्या डॉ. रीता बिष्ट के निर्देशन में किया गया, जिसमें विज्ञान मॉडल प्रदर्शनी और रोचक साइंस क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई। इस कार्यक्रम के अंतर्गत  बीएससी बी.एड  के विद्यार्थियों ने विज्ञान से जुड़े विभिन्न नवाचारपूर्ण मॉडल प्रस्तुत किए। मॉडल प्रदर्शनी में तन्वी शर्मा एवं प्रतिका गोयल ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं रोबोट मॉडल प्रस्तुत करने वाली टीम आशीष जहाजी, अनुज गुप्ता एवं मोहित शर्मा ने द्वितीय स्थान हासिल किया। वायु प्रदूषण नियंत्रण विषय पर मॉडल प्रस्तुत करने वाली टीम मानसी बिश्नोई एवं कृष्णावतार गुर्जर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसी क्रम में आयोजित साइंस क्विज प्रतियोगिता में भी विद्यार्थियों ने अपनी वैज्ञानिक जानकारी और त्वरित सोच का बेहतरीन प्रदर्शन किया। क्विज प्रतियोगिता में पराशर ग्रुप (आशीष जहाजी एवं मोहित शर्मा) विजेता रहा। कार्यक्रम का संचालन आयोजन समिति के मार्गदर्शन में किया गया, जिसमें डॉ. नीतू चौहान, देवेंद्र कुमार एवं क्षमा गुप्ता की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मॉडल प्रदर्शनी के निर्णायक (जज) के रूप में सोनिया गौर उपस्थित रहीं, जिन्होंने प्रतिभागियों के मॉडलों का मूल्यांकन किया। इस अवसर पर दीपशिखा ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के चेयरमैन डॉ. प्रेम सुराना ने अपने संदेश में कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करते हैं और उन्हें नवाचार व शोध के लिए प्रेरित करते हैं। वहीं वाइस चेयरमैन डॉ. अंशु सुराना ने भी विद्यार्थियों को विज्ञान के क्षेत्र में रचनात्मक सोच और प्रयोगधर्मिता को बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में सभी विजेता प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र (Certificates) प्रदान कर सम्मानित किया गया तथा विद्यार्थियों को भविष्य में भी विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया।

    देवस्थान विभाग के मंदिरों में 18 मार्च को होंगे विशेष आयोजन

    -मंत्री जोराराम कुमावत ने ली बैठक, दिए आवश्यक दिशा-निर्देश     मोती डूंगरी, मेंहदीपुर बालाजी, पुंछरी का लोठा में भी होंगे समारोह    जयपुर। राजस्थान स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में देवस्थान विभाग अपने प्रत्यक्ष प्रभार एवं राजकीय आत्मनिर्भर श्रेणी के समस्त 593 एवं ट्रस्टों द्धारा संचालित 21 मंदिरों में 18 मार्च 2026 को विशेष कार्यक्रम आयोजित करेगा। इस आयोजन को सफल बनाने के संबंध में बुधवार को देवस्थान मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने देवस्थान विभाग की शासन सचिव श्रीमति शुचि त्यागी से बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। देवस्थान मंत्री कुमावत ने कहा कि राजस्थान दिवस के उपलक्ष में 563 राजकीय मंदिरों में विशेष आरती एवं 51 प्रमुख मंदिरों में संध्या के समय महाआरती का आयोजन किया जाएगा। इसके तहत मंदिरों को सजाने, दीप प्रज्ज्वलन, भजन संध्या और विशेष पूजा-अर्चना के माध्यम से राज्य की समृद्ध संस्कृति व कला का प्रदर्शन किया जाएगा। कुमावत ने कहा कि राज्य की संस्कृति को बढ़ावा देना और सांस्कृतिक धरोहर से लोगों को जोड़ना ही मुख्य उदेश्य है।   इन राजकीय मंदिरों में होंगे विशेष आयोजन  देवस्थान मंत्री कुमावत ने बताया कि 18 मार्च को राजकीय प्रत्यक्ष प्रभार व आत्मनिर्भर श्रेणी के 30 मंदिरों में विशेष कार्यक्रम होंगे। इनमें मंदिर श्री हनुमान जी मांझी का घाट, चांदपोल, उदयपुर, मंदिर श्री रूपनारायण जी सेवंत्री, राजसमंद, मंदिर श्री दीपनाथ महादेव जी, प्रतापगढ़, मंदिर श्री मंगलेश्वर महादेव जी, चितौड़गढ़, मंदिर श्री तेजानंद बिहारी जी, सलूंबर, मंदिर श्री राजरणछोड़ जी, जोधपुर, मंदिर श्री सोमनाथ महादेव, पाली, मंदिर श्री बांकड़े बिहारी जी, जैसलमेर, मंदिर श्री गोगाजी गोगामेड़ी, हनुमानगढ़, मंदिर श्री सदाशिव जी राजगढ़, चूरू, मंदिर श्री लक्ष्मीनाथ जी, बीकानेर, मंदिर श्री बृजनिधि जी, चांदनी चौक, जयपुर मंदिर श्री माताजी मावलियान, आमेर जयपुर, मंदिर श्री रामचंद्र जी सिरहडयोढी बाजार, जयपुर , मंदिर श्री राधाबिहारी जी, धौलपुर, मंदिर श्री गंगा जी, भरतपुर, मंदिर श्री लक्ष्मण जी, डीग, मंदिर श्री प्रताप नवल बिहारी जी, करौली, मंदिर श्री रघुनाथ जी, चूलीगेट, सवाईमाधोपुर, मंदिर श्री चर्तुभुज जी, सिंगोली श्याम जी, ग्राम सिंगोली, मांडलगढ़-भीलवाड़ा, मंदिर श्री भुतेश्वर जी, टोडारायसिंह, टोंक, मंदिर श्री रंगबाड़ी बालाजी कोटा, मंदिर श्री अनंतराम प्यारेराम जी बांरा, मंदिर श्री केशवराय जी, केशोरायपाटन, बूंदी, मंदिर श्री द्धारकाधीश जी, झालरापाटन, मंदिर श्री नीलकण्ठ महादेव फतहपुरा, डूंगरपुर, मंदिर श्री ऋषभदेव जी, ऋषभदेव जिला उदयपुर, मंदिर श्री सिद्धी विनायक जी, बांसवाड़ा, मंदिर श्री कुशल बिहारी जी, बरसाना, वृंदावन, मंदिर श्री राधा माधव जी, वृंदावन शामिल है।   प्रदेश के इन प्रमुख मंदिरों में होंगे कार्यक्रम  देवस्थान विभाग की ओर से सार्वजनिक प्रन्यास मंदिर मण्डल की ओर से संचालित प्रदेश के 21 मंदिरों में भी 18 मार्च को विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें मंदिर श्री कल्याराय जी अस्थल मंदिर सूरजपोल, उदयपुर, पुष्टिमार्गीय तृतीय पीठ मंदिर श्री द्धारकाधीश जी, कांकरोली, राजसमंद, श्री वीरातरा माता मंदिर ट्रस्ट, चोहटन, बाड़मेर, श्री आपेश्वर महादेव सेवा ट्रस्ट, भीनमाल, जालोर, श्री दुलेश्वर महादेव ट्रस्ट, माउंट आबू, श्री संभंवनाथ जी जैन श्वेताम्बर मंदिर ट्रस्ट, बालोतरा, श्री कृष्ण कल्याण राम जी का मंदिर ट्रस्ट, फलौदी, शिव मंदिर, श्रीजगदंबा अंध विद्यालय, श्रीगंगानगर, मंदिर श्री महादेव जी त्रिपोलिया, अलवर, मंदिर श्री कल्याण जी, सीकर, मंदिर श्री रोड के बालाजी, घोड़ी वाराकला, नवलगढ़-झुंझुंनुं, मंदिर श्री श्याम जी, श्री श्याम शक्ति मण्डल, कोटपुतली, बहरोड़, मंदिर श्री बाबा मोहनराम काली खोली वाला, मिलकपुर गुर्जर, टपुकड़ा, खैरथल-तिजारा, मंदिर श्री गणेश जी मोती डूंगरी, जयपुर , मंदिर श्री मेंहदीपुर बालाजी, घाटा मेंहदीपुर, दौसा, मंदिर श्रीनाथ जी, पुंछरी का लोठा, डीग, मंदिर श्री हनुमान जी, लुधावाई, भरतपुर, मंदिर श्री ब्रह्मा जी, पुष्कर, मंदिर श्री चारभुजा जी (मीरा बाई), मेड़ता, जिला नागौर, मंदिर श्री जोगमाता (कैवायमाता) मंदिर किनसरिया, परबतसर, मंदिर श्री गणेश जी, ब्यावर में कार्यक्रम होगा।

    आमजन के स्वास्थ्य के लिये लाभकारी ऐसे मेले : मंत्री कुमावत

    जयपुर/पाली,। पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने गुरूवार को पाली के रामलीला मैदान में संभाग स्तरीय आयुर्वेद मेले का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मंत्री कुमावत ने कहा कि आरोग्य व स्वास्थ्य का हमारे जीवन में बेहद् महत्वपूर्ण स्थान है। शरीर स्वस्थ होता है तो व्यक्ति सब कुछ प्राप्त कर सकता है इसे ध्यान रखते हुये आमजन के लिये आरोग्य मेले का आयोजन किया गया है। केन्द्र व राज्य सरकार भी आमजन के स्वास्थ्य हितो को ध्यान में रखकर कार्य कर रही है। जिला प्रशासन द्वारा आयोजित मेला आमजन के लिए उपयोगी साबित होगा, क्योंकि पूर्व में सुमेरपुर में भी इस विभाग के द्वारा जो मेला लगाया गया था उसका आम जनता को बहुत लाभ मिला और विशेष कर बच्चों का भी सफल इलाज किया गया। इसके लिए आयुष विभाग धन्यवाद का पात्र है। कुमावत ने कहा कि आज के समय में आयुर्वेद इलाज बहुत ही उपयोगी है। उन्होंने कहा कि एलोपैथी से जल्दी ठीक तो हो सकते हैं, परंतु साइड इफेक्ट ज्यादा हैं, किंतु आयुर्वेद का इलाज धीरे जरूर है पर बीमारी को जड़ से नष्ट कर देता है। मंत्री ने कहा कि हमारे ऋषि मुनियों के द्वारा जड़ी-बूटिंयों का उपयोग किया जाता रहा है। मेले में आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी, योग एवँ प्राकृतिक चिकित्सा द्वारा लाभान्वित किया जायेगा। शुभारंभ के पश्चात मंत्री कुमावत, आईएएस बिरजू गोपाल, भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील भंडारी, आयुक्त नगर निगम नवीन भारद्वाज, उपखंड अधिकारी विमलेंद्र सिंह राणावत, पुखराज पटेल सहित अन्य मेहमानों ने आरोग्य मेले में लगी समस्त व्यवस्थाओं एवँ आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी के विभिन्न काउंटरों का अवलोकन किया।   कार्यक्रम में संभाग नोडल अधिकारी अर्जुनसिंह, सयुक्त निदेशक बजरंग लाल शर्मा, उपनिदेशक जालोर डॉ भवानी सिंह, उपनिदेशक ब्यावर सीपी सिंह, देवीलाल मेघवाल, डॉ शिव कुमार शर्मा अन्य सभी आमजन मौजूद रहे। मेले में 13 से 14 मार्च को शाम 7 बजे भव्य संस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा। जिसमे राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त कलाकार भाग लेंगे। सांस्कृतिक आयोजन में पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र उदयपुर के सौजन्य से किया जाएगा।

    पैकेज नहीं, 'पर्पज़' को चुना: जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के उज्ज्वल प्रियांक ने सिविल सेवा परीक्षा में किया टॉप

    -यूपीएससी सीएसई में 10वी रैंक हासिल कर जेईसीआरसी के शिक्षा और राष्ट्र निर्माण के संकल्प की मिसाल बने उज्ज्वल   -प्रशासन से लेकर सशस्त्र बलों तक: देश को होनहार अफसर दे रहा जेईसीआरसी    जयपुर,   जब शिक्षा का उद्देश्य सिर्फ एक सुरक्षित नौकरी नहीं, बल्कि समाज में गहरा इम्पैक्ट छोड़ना हो, तो इतिहास रचा जाता है। जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के इसी ध्येय को उज्ज्वल प्रियांक ने यूपीएससी सिविल सर्विसेस एग्ज़ामिनेशन में ऑल इंडिया 10वीं रैंक हासिल कर सच कर दिखाया है। मूलतः पटना के रहने वाले उज्ज्वल की यह उपलब्धि दर्शाती है कि सही मार्गदर्शन और दृढ़ संकल्प से किसी भी शिखर को छुआ जा सकता है।   कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग के छात्र उज्ज्वल ने यह साफ दर्शाया कि आज की युवा पीढ़ी केवल बड़े पैकेज के पीछे नहीं, बल्कि जीवन में एक सार्थक और व्यापक उद्देश्य के लिए काम करती है।   यह उद्देश्य तब और स्पष्ट हुआ, जब उज्ज्वल के सामने कैपजेमिनी और माइंडट्री जैसी ग्लोबल आईटी कंपनियों के बेहतरीन करियर विकल्प मौजूद थे। कॉर्पोरेट दुनिया के उन प्रस्तावों को बेहद विनम्रता से पीछे छोड़ते हुए, उन्होंने जनसेवा के रास्ते का चुनाव किया। अपने लक्ष्य की तरफ लगातार आगे बढ़ने और खुद को वैचारिक आज़ादी देने के लिए, उज्ज्वल ने एम्बाइब के साथ साढ़े तीन सालों तक एक फ्रीलांस कंटेंट क्रिएटर के रूप में भी काम किया। यह कदम केवल आत्मनिर्भरता का ज़रिया ही नहीं; इसने वह कीमती वक्त और एकाग्रता दी, जो देश की सबसे बड़ी परीक्षा को पास करने के लिए जरूरी है।   कामयाबी के इस सर्वोच्च शिखर पर पहुँचने का श्रेय गुरुजनों और शिक्षकों के निरंतर मार्गदर्शन को समर्पित करते हुए, उज्ज्वल का यह सफर स्पष्ट करता है कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल आर्थिक लाभ कमाना नहीं, बल्कि समाज के उस वर्ग तक प्रगति और विकास पहुँचाना है जिसे इसकी सर्वाधिक आवश्यकता है।   उज्ज्वल की यह उपलब्धि उस निरंतरता का हिस्सा है, जहाँ जेईसीआरसी के छात्र विभिन्न क्षेत्रों में देश का नाम रोशन कर रहे हैं। इसी विज़न को विस्तार देते हुए 'जेयू डिफेंस एकेडमी' जैसे माध्यमों से अब सशस्त्र बलों के लिए भी अनुशासित और होनहार नेतृत्व तैयार किया जा रहा है।

    शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर की चार दिवसीय पदयात्रा नयागांव से शुरू

    शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर की चार दिवसीय पदयात्रा नयागांव से शुरू ग्रामीणों ने किया यात्रा का जोरदार स्वागत, बोले आजादी के बाद पहली बार कोई मंत्री आया जिसने गांव में विकास कराया*   *40 डिग्री की तपती दोपहरी मे गांव की सड़को पर पैदल चल रहे मंत्री मदन दिलावर*   कोटा! शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर द्वारा अपने विधानसभा क्षेत्र रामगंज मंडी की लाडपुरा पंचायत समिति के गाओं में निकाल जा रही चार दिवसीय जनहिताय - जन सुखाय पदयात्रा की शुरुआत आज शुक्रवार को नयापुरा गांव से हुई! 40 डिग्री की तपती दोपहरी मे गांव की सड़को पर पैदल घूमे मंत्री मदन दिलावर!     मंत्री मदन दिलावर सुबह सवेरे 8:00 बजे कोटा स्थित अपने आवास से सीधे प्राचीन रंगबाड़ी बालाजी मंदिर पहुंचे और हनुमान जी महाराज के दर्शन कर ढोक लगायी! बजरंगबली का आशीर्वाद लेकर मंत्री दिलावर सीधे नयागांव पहुंचे! ग्रामीणों ने मंत्री मदन दिलावर का जोरदार स्वागत किया!   इस अवसर पर मंत्री दिलावर ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि मंत्री की तरह कर के काफिले में बैठकर आने से आप सबसे मिलना नहीं हो पता है और खुलकर दिल की बात नहीं होती है! इसलिए मैं आपका सेवक बनाकर पैदल यात्रा निकाल रहा हूं ताकि आपके घर पैदल आऊं और आपके बीच बैठकर आपसे बात करूं!     मंत्री ने कहा कि मैं जब से मंत्री बना हूं तब से निरंतर अपने क्षेत्र के लोगों के लिए हर तरह के विकास कार्य करने काम कर रहा हूं! फिर भी कोई कमी ना रह जाए इसलिए आपके बीच आकर आपसे जानकारी लेता हूं!   मंत्री मदन दिलावर ने एक-एक कर सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे लोगों की जानकारी! तथा जो लोग पात्र होने के बावजूद अब तक योजनाओं के लाभ से वंचित हैं उनके नाम सरकार योजनाओं में जोड़ने के लिए मौके पर ही उपस्थित तहसीलदार लतपुरा और विकास अधिकारी लाडपुरा को निर्देश दिए! मंत्री दिलावर ने कहा कि जिन नाम की सूची अभी बनाई गई है उनके घर तहसीलदार और विकास अधिकारी स्वयं आएंगे और सारी जानकारी कर आपको सरकारी योजनाओं का लाभ शुरू करवाएंगे!    मंत्री दिलावर ने यात्रा के दौरान ग्रामीणों द्वारा बताए गए आवश्यक विकास कार्यों की तत्काल मौके पर ही काम शुरू करने की घोषणा की! मंत्री दिलावर ने यात्रा के दौरान गांव में गंदगी देखकर नाराज़गी जाहिर की तथा ग्राम विकास अधिकारी को सभी ग्राम पंचायत के सभी गांव में सात दिवस में सफाई करवाने के निर्देश दिए!     *इन कामों के लिए की 50 लाख की घोषणा*--- नयागांव में शमशान घाट की चारदीवारी के निर्माण के लिए ग्राम विकास अधिकारी को निर्देश दिए! ग्राम नयागांव में ही देवनारायण जी के मंदिर परिसर में पेयजल के लिए ट्यूब वेल विधायक कोष से लगाने की घोषणा की! ग्राम डोबड़ा की मेघवाल बस्ती में नयागांव रोड पर लगा हुआ हेड पंप खराब होने पर इसे आज ही ठीक करने के निर्देश दिए! ग्राम डोबड़ा से नया कुआ तक इंटरलॉकिंग खरंजे के निर्माण कराए जाने के लिए 500 मीटर लंबाई के लिए डांग योजना मे प्रस्ताव बनाकर भेजने की निर्देश दिए! डोबड़ा गांव में ही मेघवाल बस्ती में नवीन सार्वजनिक सामुदायिक भवन के विस्तार एवं निर्माण हेतु 10 लाख रुपए विधायकों से देने की घोषणा की! डोबड़ा गांव की भील बस्ती में महादेव जी के चबूतरे के पास पेयजल खेल का निर्माण साथ ही 5000 लीटर पानी की टंकी मय स्टैंड के निर्माण हेतु ₹200000 की राशि विधायक कोष से स्वीकृत की! ग्राम पदमपुरा ग्राम पंचायत कालिया खेड़ी मैं ठाकुर जी के मंदिर परिसर में सार्वजनिक चौपाल के निर्माण हेतु 10 लाख रुपए विधायक कोष से देने की घोषणा की! ग्राम कोथला ग्राम पंचायत कालिया खेड़ी में गांव के अंदर नालियों के निर्माण हेतु 20 लाख रुपए की राशि देने की घोषणा की! ग्राम कोथला में राजकीय प्राथमिक विद्यालय के भवन को जिला कलेक्टर द्वारा सार्वजनिक सामुदायिक भवन हेतु आवंटित करने के उपरांत इस भवन की मरम्मत व नवीनीकरण हेतु ₹500000 की राशि विधायकों से देने की घोषणा की! ग्राम थोलपुरा ग्राम पंचायत कल्याखेड़ी में श्मशान घाट के विकास हेतु ₹200000 की घोषणा की गई!इस राशि से चबूतरा मय टीन शेड का निर्माण किया जाएगा!    *इन गांव में निकली आज की पदयात्रा*-- आज पदयात्रा के प्रथम दिन यात्रा नया गांव से सुरु होकर डोबड़ा, पदम पूरा, कोथला, थोलपुरा, डडवाड़ा, भाँवरिया, कँवरपुरा, हरिपुरा, राँवठा होते हुए सोहनपुरा तक कुल 11 गांव का 14 किलो मीटर का मार्ग तय किया! यात्रा का रात्रि विश्राम सोहनपुरा मे रहेगा! मंत्री मदन दिलावर सहित यात्रा मे शामिल सभी लोग सोहनपुरा गांव मे ही रात्रि विश्राम करेंगे! कल सुबह 8 बजे दूसरे दिन की पदयात्रा सोहनपुरा गांव से प्रारम्भ होंगी!   *ये लोग शामिल है यात्रा मे*-- लाडपुरा के प्रधान हेमंत यादव, मण्डना मण्डल अध्यक्ष नन्द लाल मेघवाल, गणेश नागर मण्डल अध्यक्ष रामचंद्र नागर, मण्डल महामंत्री तेजेश शर्मा, अरविंद जैन, नवल मेघवाल, कोषाध्यक्ष मुकेश जैन, मण्डल मंत्री फूल चंद मीणा, एस टी मोर्चा मण्डल अध्यक्ष जगदीश मीणा, उपाध्यक्ष ऋषि राज, करण सिंह, दुर्गा लाल मीणा, पूर्व मण्डल अध्यक्ष जगदीश हाडा, हुकम चंद, कुंज बिहारी यादव, राकेश मीणा, दीपक मेघवाल उप प्रधान श्रीमती स्वाति मीणा, सरपंच बजरंगी बाई, सरपंच कजोड़ गुर्जर,युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष युधिष्ठिर खटाना,भाजपा नेता नितिन शर्मा, मोहन सुखाढ़िया सहित अन्य भाजपा नेता और कार्यकर्त्ता शामिल थे!

    एलपीजी संकट पर पीएम मोदी का बयान: घबराहट फैलाने वालों पर साधा निशाना, राज्यों से कालाबाजारी रोकने की अपील

    Yugcharan News / 13 मार्च 2026   नई दिल्ली: देश में एलपीजी आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंताओं और बाजार में फैल रही अफवाहों के बीच Narendra Modi ने स्पष्ट रूप से कहा है कि देश में घबराहट फैलाने की कोशिश करने वालों से सावधान रहने की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने कहा कि गैस संकट को लेकर डर और भ्रम का माहौल बनाने वाले लोग न केवल जनता को गुमराह कर रहे हैं बल्कि देश के हितों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव का असर दुनिया के लगभग हर देश पर पड़ रहा है। हालांकि उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारत सरकार इस चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और ऊर्जा सुरक्षा को बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े हर पहलू पर विशेष ध्यान देना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था और आम नागरिकों के जीवन में एलपीजी और अन्य ईंधनों की महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिए सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रही है कि आपूर्ति में किसी प्रकार की गंभीर बाधा उत्पन्न न हो। कई देशों के नेताओं से लगातार संपर्क प्रधानमंत्री ने बताया कि हाल के दिनों में उन्होंने पश्चिम एशिया की स्थिति को लेकर कई देशों के नेताओं से बातचीत की है। इन चर्चाओं का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भारत की ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित रहे और किसी भी संभावित संकट के प्रभाव को कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत लगातार कूटनीतिक प्रयास कर रहा है ताकि ऊर्जा आपूर्ति मार्ग खुले रहें और तेल व गैस की आपूर्ति में कोई बड़ी बाधा न आए। भारत दुनिया के प्रमुख ऊर्जा आयातक देशों में से एक है और बड़ी मात्रा में तेल तथा गैस का आयात करता है। इसलिए वैश्विक स्तर पर उत्पन्न होने वाले किसी भी संकट का असर सीधे तौर पर भारत की ऊर्जा व्यवस्था पर पड़ सकता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इसी कारण सरकार अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर बेहद करीब से नजर रख रही है और आवश्यक कूटनीतिक पहल भी कर रही है। राज्यों को कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के निर्देश प्रधानमंत्री ने राज्यों की सरकारों से भी अपील की कि वे गैस सिलेंडर की कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्त निगरानी रखें। उन्होंने कहा कि संकट की स्थिति में कुछ लोग बाजार में कृत्रिम कमी पैदा करके मुनाफा कमाने की कोशिश करते हैं, जो पूरी तरह गलत है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। सरकार का मानना है कि अगर बाजार में अनावश्यक घबराहट फैलती है तो लोग जरूरत से ज्यादा गैस सिलेंडर खरीदने लगते हैं। इससे अस्थायी रूप से मांग बढ़ जाती है और आपूर्ति पर दबाव पड़ता है। इसलिए सरकार ने लोगों से भी अपील की है कि वे अफवाहों पर भरोसा न करें और सामान्य रूप से गैस का उपयोग करते रहें। पश्चिम एशिया संकट का वैश्विक असर ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। इस क्षेत्र से दुनिया के बड़े हिस्से को तेल और गैस की आपूर्ति होती है। खास तौर पर West Asia में चल रहे संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। कई देशों ने पहले ही ऊर्जा बाजार में अस्थिरता को लेकर चिंता जताई है। विशेषज्ञों के अनुसार यदि क्षेत्र में तनाव लंबे समय तक जारी रहता है तो कच्चे तेल और गैस की कीमतों में और अधिक उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। इसका असर न केवल ईंधन की कीमतों पर पड़ेगा बल्कि परिवहन, उद्योग और घरेलू उपभोक्ताओं पर भी दिखाई देगा। भारत की ऊर्जा रणनीति भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात के माध्यम से पूरा करता है। ऐसे में सरकार पिछले कुछ वर्षों से ऊर्जा स्रोतों के विविधीकरण और दीर्घकालिक आपूर्ति समझौतों पर भी ध्यान दे रही है। सरकार का प्रयास है कि अलग-अलग देशों के साथ ऊर्जा सहयोग बढ़ाकर आपूर्ति को अधिक सुरक्षित बनाया जाए। इसके अलावा वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि भविष्य में किसी एक क्षेत्र पर अत्यधिक निर्भरता कम की जा सके। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में ऊर्जा सुरक्षा किसी भी देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण मुद्दा बन चुकी है। भारत भी इसी दिशा में अपने रणनीतिक प्रयासों को मजबूत कर रहा है। सरकार का भरोसा और जनता से अपील प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत सरकार ऊर्जा सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है और देश के हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार स्थिति पर लगातार नजर रख रही है और जरूरत पड़ने पर तुरंत निर्णय लेने के लिए तैयार है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराहट में गैस सिलेंडर का अनावश्यक भंडारण न करें। ऐसा करने से बाजार में कृत्रिम संकट पैदा हो सकता है और जरूरतमंद लोगों को परेशानी हो सकती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का प्राथमिक लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि देश के हर हिस्से में एलपीजी की आपूर्ति सामान्य बनी रहे और किसी भी नागरिक को ईंधन की कमी का सामना न करना पड़े। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि मौजूदा परिस्थितियों के बावजूद देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और आने वाले दिनों में स्थिति को स्थिर बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।