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    हिन्दी दिवस समारोह सम्पन्न

    कानोडिया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर में हिन्दी विभाग द्वारा हिन्दी दिवस के उपलक्ष्य में विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया तथा पुरस्कार वितरण के साथ आज हिन्दी दिवस समारोह सम्पन्न हुआ। इसमें दिनांक 9 सितंबर को शब्द रसायन संस्था के संयुक्त तत्वावधान में स्वरचित हिन्दी काव्य-पाठ प्रतियोगिता में 20 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। दिनांक 10 सितंबर को शब्दों से कहानी बुने.......कथ्य पर आधारित लघु कथा लेखन प्रतियोगिता तथा देवनागरी लिपि की विशेषताएँ विषय पर हिन्दी निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। लघु कथा में प्रतिभागियों को कुछ शब्द दिये गये थे उनके आधार पर उन्होंने कहानी लिखी। निबंध प्रतियोगिता में 21 छात्राओं ने भाग लिया। लघु कथा प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर शैली मिश्रा बी.एस.सी. तृतीय समसत्र, द्वितीय स्थान पर सीपिका लवानिया बी.एससी. तृतीय समसत्र, तृतीय स्थान पर माया गोस्वामी बी.ए. तृतीय समसत्र, तथा किरण कंवर बी.एससी. प्रथम समसत्र, डिम्पल जांगिड़ बी.एस.सी. प्रथम समसत्र तथा वंदना मीणा बी.ए. प्रथम समसत्र को सांत्वना पुरस्कार प्राप्त हुआ। इस प्रतियोगिता की निर्णायक वाणिज्य विभाग की शिक्षिका डॉ. नीतू माथुर रहीं। निबंध प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर वन्दना मीणा (बी.ए. प्रथम समसत्र), द्वितीय स्थान पर अंकिता मीणा (बी.ए. प्रथम समसत्र), तृतीय स्थान पर दीपिका (बी.ए. अंग्रेजी ऑनर्स), सांत्वना पुरस्कार में महिमा बी.एस.सी. प्रथम समसत्र तथा मनश्वरी मीणा (बी.एस.सी. प्रथम समसत्र) थी। इस प्रतियोगिता की निर्णायक समाजशास्त्र विभाग की शिक्षिका डॉ. स्वीटी माथुर रहीं। सभी प्रतियोगिताओं में विजयी छात्राओं को पुरस्कार प्रदान किए गए। समारोह में उपस्थित उपप्राचार्य महाविद्यालय विकास, डॉ. रंजुला जैन ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि हमें अपनी भाषा के प्रति सजग रहना चाहिए, लेखन व उच्चारण में शुद्धता का ध्यान रखना चाहिए। तभी हम इस पर गर्व कर सकेंगे। समारोह में अंत में हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ. शीताभ शर्मा ने “हिन्दी को अधिकार चाहिए, सब लोगों का प्यार चाहिए, निभने एवं निभाने वाला वैचारिक व्यवहार चाहिए।।’’ कवि कमलाकर कमल की पंक्तियों को उद्धृत करते हुए सभी का आभार व्यक्त किया। प्राध्यापिका डॉ. धर्मा यादव ने मंच संचालन किया।  

    यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी में उत्साह एवं उमंग के साथ आयोजित हुआ नवागंतुक स्वागत समारोह

      जयपुर, यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, वाटिका, जयपुर के स्कूल ऑफ बेसिक एंड एप्लाइड साइंसेज एवं स्कूल ऑफ ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज के संयुक्त तत्वावधान में 12 सितंबर 2026 को ई-ब्लॉक स्थित सेमिनार हॉल में नवागंतुक स्वागत समारोह का आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नवप्रवेशित विद्यार्थियों का विश्वविद्यालय परिवार में आत्मीय स्वागत करना तथा उनकी प्रतिभा और रचनात्मकता को मंच प्रदान करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ स्कूल ऑफ बेसिक एंड एप्लाइड साइंसेज की अधिष्ठाता डॉ. रजनी माथुर के स्वागत उद्बोधन से हुआ। उन्होंने सभी नवागंतुक विद्यार्थियों का हार्दिक स्वागत करते हुए उन्हें विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की प्रेसिडेंट प्रोफेसर (डॉ.) रश्मि जैन ने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन से विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास, अनुशासन, सकारात्मक सोच एवं निरंतर प्रयास के साथ अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। प्रो-चेयरपर्सन डॉ. अंशु सुराना का प्रेरणादायक संदेश भी विद्यार्थियों के लिए प्रस्तुत किया गया। उन्होंने नवागंतुक विद्यार्थियों का विश्वविद्यालय परिवार में स्वागत करते हुए उनके सफल एवं सुखद शैक्षणिक जीवन की मंगलकामना दी। कार्यक्रम का मंच संचालन छात्रा रिहान अफरीन द्वारा प्रभावशाली ढंग से किया गया। विद्यार्थियों ने गायन, नृत्य, नाटक एवं रैम्प वॉक सहित विभिन्न सांस्कृतिक एवं मनोरंजक प्रस्तुतियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों की प्रतिभापूर्ण प्रस्तुतियों ने समारोह को जीवंत एवं यादगार बना दिया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में विज्ञान समन्वयक डॉ. चारु दुबे, स मनीषा यादव तथा स्कूल ऑफ ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज की खुशबू चौधरी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। जलपान व्यवस्था में विद्यार्थियों हर्षित, यतेंद्र, भरत एवं सुनील तथा संकाय सदस्य वेद प्रकाश ने सराहनीय सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम के अंत में स्कूल ऑफ ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज के विभागाध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने आभार प्रदर्शन करते हुए विश्वविद्यालय की अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, अधिष्ठाता, सभी संकाय सदस्यों, विद्यार्थियों एवं आयोजन से जुड़े सभी सहयोगियों का धन्यवाद किया। नवागंतुक स्वागत समारोह विद्यार्थियों के लिए उत्साह, उमंग, मनोरंजन और नए परिचयों से भरा रहा। कार्यक्रम ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, रचनात्मकता, सहभागिता एवं टीम भावना को बढ़ावा देने के साथ उनके विश्वविद्यालय जीवन की एक सुखद एवं यादगार शुरुआत की।  

    फार्मेसी छात्रों ने किया डीडी फार्मास्युटिकल्स का औद्योगिक भ्रमण

    जयपुर वाटिका (जयपुर) स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के डिपार्टमेंट ऑफ फार्मेसी द्वारा छात्र-छात्राओं के व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ावा देने के लिए आज एक दिवसीय औद्योगिक भ्रमण (Industrial Visit) का सफल आयोजन किया गया। इस शैक्षणिक दौरे के तहत डी.फार्मा और बी.फार्मा के विद्यार्थियों ने जयपुर के सीतापुरा रीको इंडस्ट्रियल एरिया स्थित प्रसिद्ध दवा निर्माता कंपनी 'डीडी फार्मास्युटिकल्स' का दौरा किया। औद्योगिक भ्रमण के दौरान छात्र-छात्राओं को फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री के कामकाज को करीब से देखने का अवसर मिला। कंपनी के विशेषज्ञों की देखरेख में छात्रों ने टैबलेट (Tablets), कैप्सूल (Capsules) और इंजेक्शन (Injections) के निर्माण की अत्याधुनिक व संपूर्ण ऑटोमेटिक प्रक्रिया को लाइव देखा और समझा। इसके साथ ही, विद्यार्थियों को दवाओं की शुद्धता सुनिश्चित करने वाली गुणवत्ता नियंत्रण (Quality Control - QC) और गुणवत्ता आश्वासन (Quality Assurance - QA) जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं के बारे में भी विस्तार से व्यावहारिक जानकारी दी गई। इस अवसर पर प्रो चेयरपर्सन डॉ. अंशु सुराना जी ने कहा- "हमारा उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि छात्रों को वैश्विक स्तर की इंडस्ट्री के लिए तैयार करना है। इस तरह के औद्योगिक भ्रमण से विद्यार्थियों में प्रैक्टिकल स्किल और कॉन्फिडेंस आता है, जो उनके भविष्य के लिए बेहद जरूरी है।" प्रेसिडेंट प्रोफ़ेसर रश्मि जैन ने अपने वक्तव्य में कहा- "फार्मास्युटिकल सेक्टर तेजी से बदल रहा है। छात्रों के लिए यह जानना जरूरी है कि आज की मॉडर्न इंडस्ट्री में किस तरह से काम होता है। डीडी फार्मास्युटिकल्स का यह दौरा छात्रों को दवाओं के रिसर्च, प्रोडक्शन और क्वालिटी कंट्रोल को गहराई से समझने में मददगार साबित होगा।" फार्मेसी विभाग के प्राचार्य डॉ. राम गर्ग ने कहा- "इस विजिट के माध्यम से छात्रों ने क्लासरूम में पढ़ी थ्योरी को असल में जमीन पर काम करते देखा है। हमें खुशी है कि हमारे छात्रों ने पूरी उत्सुकता के साथ दवाओं के निर्माण की हर बारीकी को समझा और फार्मा जगत की नई तकनीकों से रूबरू हुए।" इसके अलावा प्रोफेसर अखिलेश गोयल, प्रोफेसर गजेंद्र त्यागी सहित फार्मेसी विभाग के समस्त टीचिंग व नॉन-टीचिंग स्टाफ ने इस भ्रमण को सफल बनाने में अपना पूर्ण सहयोग दिया।  

    यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी में शिक्षक दिवस समारोह आयोजित

    जयपुर. यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी में शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षकों के सम्मान में एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के प्रो-प्रेसिडेंट डॉ. अंकित गांधी ने की। कार्यक्रम का उद्देश्य विश्वविद्यालय के विकास में शिक्षकों एवं सभी फैकल्टी सदस्यों के योगदान को सम्मानित करना और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना था। कार्यक्रम की रूपरेखा डॉ. रजनी माथुर द्वारा तैयार की गई तथा डॉ. प्रेम कुमार ने मंच संचालन किया। इस अवसर पर डॉ. वंदना सिंह ठाकुर, डॉ. रजनी माथुर, डॉ. मोनिका शर्मा, डॉ. सीता राम, डॉ. कुलदीप शर्मा, डॉ. रोहित सारस्वत एवं अखिलेश ने अपने विचार व्यक्त किए तथा शिक्षक दिवस के महत्व और शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षकों की भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के सभी फैकल्टी सदस्यों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस पहल का मुख्य संदेश यह रहा कि विश्वविद्यालय की प्रगति एवं विकास में प्रत्येक फैकल्टी सदस्य का महत्वपूर्ण योगदान होता है और इसलिए प्रत्येक व्यक्ति प्रशंसा एवं सम्मान का पात्र है। इस अवसर पर प्रेसिडेंट डॉ. रश्मि जैन एवं प्रो-चेयरपर्सन डॉ. अंशु सुराना ने अपने संदेश के माध्यम से सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं और उनके समर्पण, योगदान एवं सेवाओं की सराहना की। कार्यक्रम का समापन सभी शिक्षकों के प्रति सम्मान एवं आभार व्यक्त करते हुए किया गया। यह समारोह विश्वविद्यालय परिवार के लिए शिक्षकों के योगदान को पहचानने, प्रोत्साहित करने और सम्मानित करने का प्रेरणादायी अवसर बना।  

    लोकतंत्र का उत्सव: कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने सपरिवार किया मतदान

    -पोलिंग बूथों का लिया जायजा सुमेरपुर। लोकतंत्र के महापर्व के तहत सुमेरपुर विधानसभा क्षेत्र में मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण और उत्साहजनक माहौल में संपन्न हो रही है। इस अवसर पर पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री तथा स्थानीय विधायक जोराराम कुमावत ने अपने नागरिक कर्तव्य का पालन करते हुए शुक्रवार को सपरिवार मतदान किया। परिजनों के संग बूथ पर पहुंचे मंत्री कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत सुमेरपुर के वार्ड संख्या-22, भैरू चौक स्थित सिंचाई विभाग के अधिशाषी अभियंता कार्यालय परिसर पहुंचे। यहाँ स्थापित बूथ संख्या-23 पर उन्होंने पूरी सादगी और नियमों का पालन करते हुए वोट डाला। इस दौरान उनकी धर्मपत्नी श्रीमती धर्मीदेवी, पुत्र दिनेश कुमावत व दीपक कुमावत तथा पुत्रवधु पुष्पा कुमावत एवं गीता कुमावत भी उनके साथ उपस्थित रहीं। पूरे परिवार ने एक साथ मतदान कर आमजन को लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का संदेश दिया। मतदान के बाद क्षेत्र का दौरा और निरीक्षण अपना वोट कास्ट करने के तुरंत बाद कैबिनेट मंत्री और स्थानीय विधायक कुमावत एक्शन मोड में नजर आए। उन्होंने सुमेरपुर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न ग्रामीण व शहरी पोलिंग बूथों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मतदान केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, मतदाताओं के लिए छाया-पानी की सुविधाएं और मतदान की गति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने चुनाव ड्यूटी में तैनात अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और सुचारू मतदान संपन्न कराने के आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। उन्होंने केंद्र पर आए बुजुर्गों और युवा मतदाताओं से बातचीत कर उनके उत्साह की सराहना की।  

    ग्लोबल वार्मिंग की चुनौती के बीच जयपुर में होगा ‘हरित संगम 2026’

    14 से 18 नवम्बर तक पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी का महाअभियान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के अंतर्गत जयपुर में 14 से 18 नवम्बर 2026 तक ‘हरित संगम 2026’ का आयोजन किया जाएगा। हरित संगम 2026 के पोस्टर का विमोचन राजस्थान के राज्यपाल. हरिभाऊ बागडे द्वारा किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल ने बढ़ते ग्लोबल वार्मिंग पर चिंता व्यक्त करते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिए जनभागीदारी आधारित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग को कम करने के लिए ‘हरित संगम’ जैसे आयोजनों की आवश्यकता है, जो समाज को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित करें। माननीय राज्यपाल जी ने ‘हरित संगम 2026’ के आयोजन के लिए अपनी शुभकामनाएँ भी प्रेषित कीं। हरित संगम 2026 के सचिव अशोक मित्तल ने बताया कि मुख्य आयोजन से पूर्व जयपुर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के उद्देश्य से व्यापक जनभागीदारी अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर से प्रारंभ होकर दीपावली, 8 नवम्बर तक चलेगा। उन्होंने बताया कि इस अभियान में विशेष रूप से मातृशक्ति की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। इसके अंतर्गत घर-घर गीले एवं सूखे कचरे का पृथक्करण, घर के बाहर स्वच्छता एवं रंगोली निर्माण, प्रत्येक घर में न्यूनतम तीन पौधों का रोपण, परिवार में ‘मंगल संवाद’ तथा भूले-बिसरे लोकगीतों की सामूहिक प्रतियोगिता जैसी गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। इन गतिविधियों एवं प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को विभिन्न स्तरों पर पुरस्कृत भी किया जाएगा। ‘हरित संगम 2026’ का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को केवल एक आयोजन तक सीमित न रखते हुए स्वच्छता, हरियाली, सौंदर्य, संस्कृति और जनभागीदारी को जनजीवन का हिस्सा बनाना है।

    वीजीयू में दो दिवसीय एमटीटीएस गणित प्रशिक्षण एवं प्रतिभा खोज कार्यशाला का सफल समापन

    विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने गणितीय अवधारणाओं, समस्या समाधान एवं विश्लेषणात्मक कौशल को किया सुदृढ़ विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी (वीजीयू), जयपुर के विज्ञान विभाग द्वारा मैथेमेटिक्स ट्रेनिंग एंड टैलेंट सर्च (एमटीटीएस) ओवरचर के अंतर्गत एमटीटीएस ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान मे दो दिवसीय गणित प्रशिक्षण एवं प्रतिभा खोज कार्यशाला आयोजन का बुधवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ। 8 एवं 9 सितंबर 2026 को आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों में गणितीय अवधारणाओं की मजबूत समझ विकसित करने के साथ-साथ समस्या समाधान, तार्किक चिंतन, विश्लेषणात्मक क्षमता और अकादमिक कौशल को बढ़ावा देना था। कार्यशाला का आयोजन एवं समन्वय प्रो. (डॉ.) पिंकी लाटा तथा डॉ. मुरली मनोहर गौड़ द्वारा किया गया। कार्यशाला में विद्यार्थियों ने विभिन्न अकादमिक सत्रों में विशेषज्ञों से गणितीय विषयों पर विस्तृत मार्गदर्शन प्राप्त किया। कार्यशाला में आठ सत्र आयोजित किए गए। प्रत्येक अकादमिक सत्र के बाद विद्यार्थियों के लिए समस्या समाधान एवं संवादात्मक चर्चा सत्र रखे गए, जिनमें विद्यार्थियों ने अपनी जिज्ञासाओं को विशेषज्ञों के समक्ष रखा और गणितीय समस्याओं को हल करने के विभिन्न तरीकों पर चर्चा की। कार्यशाला में आयोजित चर्चा सत्रों में विद्यार्थियों को केवल विषय की सैद्धांतिक जानकारी तक सीमित न रखते हुए उसे समस्याओं के समाधान में लागू करने का अवसर मिला। विशेषज्ञों के साथ संवाद के माध्यम से विद्यार्थियों ने तार्किक एवं विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण अनुभव प्राप्त किया।  कार्यशाला में शिव नादर विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा के गणित विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. ए. सत्यनारायण रेड्डी ने विषय पर विस्तार से चर्चा की और उसके उपरांत कहा कि ऐसे प्रशिक्षण एवं प्रतिभा खोज कार्यक्रम विद्यार्थियों को कक्षा-कक्ष की पढ़ाई से आगे बढ़कर विशेषज्ञों से सीखने और अपनी क्षमताओं को पहचानने का अवसर प्रदान करते हैं। वही जेके लक्ष्मीपत विश्वविद्यालय, जयपुर की गणित विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मानुषी गुप्ता ने विशेषज्ञ के रूप में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए विद्यार्थियों को निरंतर अध्ययन, अभ्यास और जिज्ञासा बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बदलते शैक्षणिक एवं तकनीकी परिवेश में विद्यार्थियों के लिए विश्लेषणात्मक सोच और समस्या समाधान क्षमता अत्यंत महत्वपूर्ण है। समारोह को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) एन. डी. माथुर ने कहा कि गणित केवल एक विषय नहीं, बल्कि तार्किक एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने का प्रभावी माध्यम है। विद्यार्थियों को गणितीय समस्याओं को केवल हल करने के बजाय उनके पीछे की अवधारणाओं और तर्क को समझने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए विज्ञान विभाग, विशेषज्ञों और आयोजन टीम को बधाई देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय भविष्य में भी विद्यार्थियों के ज्ञान एवं प्रतिभा के विकास के लिए ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रमों को प्रोत्साहित करता रहेगा। साथ ही प्रो-प्रेसिडेंट प्रो. (डॉ.) डी.वी.एस. भागवानुलु ने कहा कि विद्यार्थियों का समग्र विकास केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं होना चाहिए। गणित जैसे विषय विद्यार्थियों में तार्किक सोच, विश्लेषणात्मक क्षमता, धैर्य और समस्या समाधान की प्रवृत्ति विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों को विषय की गहराई से समझ विकसित करने के साथ-साथ अपनी प्रतिभा को पहचानने और उसे सही दिशा में आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करते हैं। कार्यशाला के अंतिम चरण में आयोजित समापन समारोह में एफबीएएस विभाग की डीन प्रो (डॉ.) मृदुला पुरोहित ने समापन संबोधन दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को गणितीय अध्ययन के प्रति निरंतर जिज्ञासा बनाए रखने तथा प्राप्त ज्ञान को अपने अकादमिक विकास में उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। समापन समारोह के दौरान प्रतिभागियों एवं विशेषज्ञों ने कार्यशाला के अनुभव साझा किए। विद्यार्थियों ने बताया कि विशेषज्ञों के साथ संवादात्मक सत्रों और समस्या समाधान गतिविधियों ने गणितीय विषयों को समझने तथा प्रश्नों के तार्किक समाधान खोजने में उन्हें सहायता प्रदान की। कार्यशाला के अंत में विज्ञान विभाग के प्रमुख डॉ. गोविंद सहाय शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने विशेषज्ञों, विश्वविद्यालय प्रशासन, आयोजन टीम तथा सभी प्रतिभागियों के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया और कार्यशाला को सफल बनाने में उनके योगदान की सराहना की। दो दिवसीय कार्यशाला ने विद्यार्थियों को गणितीय ज्ञान के साथ-साथ तार्किक चिंतन, समस्या समाधान और संवादात्मक सीखने का उपयोगी अनुभव प्रदान किया। वीजीयू के विज्ञान विभाग की यह पहल विद्यार्थियों की अकादमिक क्षमताओं को मजबूत करने तथा उनमें गणितीय प्रतिभा को पहचानने और विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रही।   

    भगवान श्री देवनारायण की पदयात्रा रवाना, उमड़े भक्त

      • डीजे की ताल पर झूमें श्रद्धालु • भगवान देवनारायण के दर्शन के लिए लगी कतारे • सजाई गई भगवान देवनारायण की मनमोहक झांकी जयपुर। श्री देवनारायण भगवान पदयात्रा मित्र मंडल समिति की ओर से शुक्रवार से 19वीं विशाल पदयात्रा श्री देवनारायण मंदिर (देवधाम) भोपा की ढ़ाणी, बेगस से रवाना हुई। इसमें आस-पास के लोग दर्शनों के लिए उमड़े और डीजे की ताल पर नाचते गाते रहे। आला सुबह से ही भगवान देवनारायण मन्दिर में भगवान श्रीदेवनारायण की नीम के पत्तों और फूल-मालाओं से मनमोहक झांकी सजाई गई। साथ ही मंदिर परिसर में विराजे शंकर भगवान के परिवार, भेरुजी महाराज और भोमिया जी महाराज की भी मनमोहक झांकी फूल मालाओं से सजाई गई, जिसको देखने के लिए और भगवान श्रीदेवनारायण के दर्शन के लिए मन्दिर में श्रद्धालुओं की कतारे लगी। इस दौरान आसपास के गांव के लोग भी भगवान श्रीदेवनारायण के दर्शन करने के लिए आए और महिलाओं ने डीजे पर भगवान देवनारायण के गानों पर डांस की मनमोहक प्रस्तुतियां दी। श्री देवनारायण महा कथा के गायक भोपाजी बिरदी चन्द कुमावत ने यात्रा की शुरूआत में देवनारायण भगवान, शंकर भगवान के परिवार और भेरुजी-भोमिया जी महाराज की पूजा-अर्चना और आरती की। इसके बाद भक्तों को प्रसादी का वितरण किया। भोपाजी बिरदी चन्द कुमावत ने बताया कि यह यात्रा 17 सितंबर को देवनारायण भगवान की जन्मस्थली पर स्थित अंतरराष्ट्रीय मंदिर मालासेरी डूंगरी, भीलवाड़ा पहुंचेगी और वहां पर भगवान देवनारायण के झंड़ा चढ़ाने के बाद पूजा अर्चाना की जाएगी। मालासेरी मंदिर पहुँचने पर मुख्य पुजारी हेमराज पोसवाल यात्रा का स्वागत करेंगे और पूजा अर्चना करवाएंगे। इसके बाद यात्रा के पदाधिकारी आसींद सवाई भोज मंदिर, गोटा स्थित श्री देवनारायण जी का मंदिर और देवमाली स्थित श्री देवनारायण जी के मंदिर के दर्शन करके वहां झंडा चढ़ाएंगे. 7 दिवसीय यात्रा मार्ग एवं रात्रि विश्राम की संपूर्ण रूपरेखा ​11 सितम्बर (शुक्रवार): दोपहर विश्राम नासनोदा तथा रात्रि विश्राम डी.लाइट फ्यूल (गिंदानी इण्डियन ऑयल, प्रमोद कुमार)। ​12 सितम्बर (शनिवार): दोपहर विश्राम नौरिया का बालाजी एवं रात्रि विश्राम श्री देव मार्केट-किशनगढ़ बाईपास। ​13 सितम्बर (रविवार): दोपहर विश्राम बालाजी मंदिर और रात्रि विश्राम श्री चन्दनाथ आदर्श विद्या मंदिर-नसीराबाद। ​14 सितम्बर (सोमवार): दोपहर विश्राम फौजी का ढाबा (बांदनवाड़ा) व रात्रि विश्राम बाफना जैन तीर्थ (27 मील, विजय नगर)। ​15 सितम्बर (मंगलवार): दोपहर विश्राम रूपहाली चौराहा तथा रात्रि विश्राम देवनारायण मंदिर, उखलिया। ​16 सितम्बर (बुधवार): दोपहर विश्राम तांबेशर बावड़ी बालाजी और रात्रि विश्राम मालासेरी डूंगरी, श्री देवनारायण भगवान की जन्मस्थली मंदिर. ​17 सितम्बर (गुरुवार): देव दर्शन मालासेरी डूंगरी, सवाईभोज, गोटा दड़ावट, देवमाली धाम एवं यात्रा का सफल समापन।  

    विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर मनोविज्ञान विभाग, राजस्थान विश्वविद्यालय द्वारा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

      जयपुर: विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर राजस्थान विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग द्वारा “Changing the Narrative on Suicide” (आत्महत्या के प्रति सोच में परिवर्तन) विषय पर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा एक ऐसे सहयोगी एवं संवेदनशील समाज के निर्माण का संदेश देना था, जहाँ प्रत्येक व्यक्ति अपनी भावनाओं को साझा कर सके और आवश्यक सहायता प्राप्त कर सके। कार्यक्रम का आयोजन विभागाध्यक्ष प्रो. प्रेरणा पुरी के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में किया गया। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य एवं विद्यार्थियों के कल्याण से जुड़े प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रेरणा प्रदान की। मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. तेजेंद्र कौर उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने प्रेरणादायी विचारों एवं अनुभवों के माध्यम से विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और सकारात्मक संवाद को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर विभाग के वरिष्ठ शिक्षक डॉ. चंद्राणी सेन नें सहभागिता निभाई। कार्यक्रम का आयोजन डॉ ज्योति नें किया । कार्यक्रम के अंतर्गत पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता एवं लघु भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमे पोस्टर में प्रथम सुरभि , द्वितीय जानिशा व तृतीया वंशिका को पुरस्कार दिया गया। भाषण प्रतियोगिता में प्रथम आइशा , द्वितीय आशी व तृतीया आदित्य को पुरस्कार दिया गया। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक सहयोग एवं आत्महत्या रोकथाम जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार रचनात्मक माध्यमों से प्रस्तुत किए।कार्यक्रम में राजस्थान विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की। कार्यक्रम का संदेश स्पष्ट था कि “हर व्यक्ति महत्वपूर्ण है, हर कहानी मायने रखती है और सहायता के लिए हमेशा रास्ते उपलब्ध हैं।”  

    मनोविज्ञान विभाग द्वारा साइकोलॉजी डिस्कोर्स का आयोजन

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग द्वारा दिनांक 10 सितम्बर, 2026 को साइकोलॉजी डिस्कोर्स का आयोजन किया गया, जिसमें 100 से अधिक छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ ‘‘करियर्स इन सायकॉलोजी’’ विषय पर विभागाध्यक्ष डॉ. शुचि चौधरी एवं प्राध्यापिका शुभी शर्मा के व्याख्यान से हुआ। उन्होंने छात्राओं को मनोविज्ञान में उपलब्ध विभिन्न करियर विकल्पों, उच्च शिक्षा एवं प्रवेश परीक्षाओं, डिप्लोमा एवं सर्टिफिकेट पाठ्यक्रमों एवं अन्य क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों के बारे में जानकारी दी। साथ ही सरकारी एवं गैर-सरकारी क्षेत्रों में करियर बनाने की प्रक्रिया से भी अवगत करवाया। इसके पश्चात विभाग की द्वितीय, तृतीय एवं स्नातकोत्तर कक्षाओं की छात्राओं ने नवागंतुक छात्राओं का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। छात्राओं के बीच आपसी परिचय एवं संवाद को बढ़ावा देने के लिए नृत्य, संगीत, क्विज एवं विभिन्न मनोरंजक खेलों का आयोजन किया गया। लघु-नाटिका के माध्यम से नवागंतुक छात्राओं को विभाग की आचार नीतियों एवं अपेक्षाओं से भी परिचित करवाया गया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण स्नातकोत्तर की छात्राओं द्वारा ओपन माइक एवं नृत्य प्रस्तुति रही, जिसके माध्यम से उन्होंने विभाग की प्राध्यापिकाओं के प्रति अपनी कृतज्ञता एवं स्नेह व्यक्त किया। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें इसी प्रकार आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कार्यक्रम की सफलता के लिए बधाई देते हुए कहा कि मनोविज्ञान विभाग द्वारा आयोजित यह डिस्कोर्स छात्राओं की वैचारिक समझ को नई दिशा देने में मदद करेगा। इस तरह की गतिविधियाँ छात्राओं में विश्लेषणात्मक एवं तार्किक क्षमता के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। प्राध्यापिका सुश्री जेनिस हाशमी एवं सुश्री सोना मिश्रा की सक्रिय भागीदारी से कार्यक्रम का सफल संचालन हुआ। धन्यवाद ज्ञापन विभागाध्यक्ष डॉ. शुचि चौधरी द्वारा किया गया।  

    " काव्य वही श्रेष्ठ है जो राष्ट्र की उन्नति में सहायक हो " - प्रो नंद किशोर पाण्डेय

    'शब्द रसायन' संस्थान का पहला आयोजन कानोड़िया कॉलेज में सम्पन्न जयपुर। वैचारिक विमर्श के लिए नवगठित 'शब्द रसायन' संस्थान का पहला आयोजन बुधवार को जयपुर के कानोड़िया पीजी महिला महाविद्यालय के हिंदी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में हुआ। दीप प्रज्वलन और मां शारदे की वंदना के बाद कॉलेज प्राचार्या डॉ सीमा अग्रवाल ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। संस्थान के निदेशक डॉ रेवंत दान ने शब्द रसायन की संकल्पना प्रस्तुत करते हुए कहा कि भविष्य में इस संस्थान के माध्यम से साहित्य, शिक्षा, राजनीति, सिनेमा, पत्रकारिता, उद्योग, विज्ञान, खेल और व्यापार जगत से जुड़े सामयिक विषयों पर वैचारिक विमर्श के कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे । संस्थान के सचिव मुरारी गुप्ता ने बताया कि आज के इस आयोजन के अंतर्गत स्वरचित काव्यपाठ प्रतियोगिता में छात्राओं ने सामाजिक समरसता, नागरिक कर्तव्य, पर्यावरण, स्वदेशी और संयुक्त परिवार आदि विषयों पर अपनी स्वरचित कविताएं प्रस्तुत की। प्रतियोगिता में जाह्नवी मंडल ने प्रथम, तेजस्वी सहारिया ने द्वितीय और सीपिका लवानिया ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेता प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह और प्रमाण पत्र देकर पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि प्रो नंदकिशोर पांडेय का विशेष व्याख्यान हुआ। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि जो संवेदनशील है उनके भीतर कविता का प्रस्फुटन होता है। उन्होंने कवि वाल्मीकि, पंत और कालिदास का उद्धरण देते हुए कहा कि जो नैसर्गिक कवि है वह अपनी गहरी संवेदना से प्रेरित होकर काव्य रचना करते हैं। उन्होंने कहा कि काव्य और कला वही श्रेष्ठ है जो समाज और राष्ट्र की उन्नति में सहायक हो और सामाजिक समरसता का संचार करें । प्रोफेसर पांडेय ने कहा कि जीवन को सफल बनाने से ज्यादा महत्वपूर्ण है उसे सार्थक बनाया जाए। उन्होंने कहा कि पश्चिमी संस्कृति ने जहां सृष्टि को मनुष्य के उपभोग के लिए बताया वहीं भारत ने करुणा दृष्टि के साथ सिखाया कि प्रकृति समस्त प्राणियों के लिए हैं। निर्णायक मंडल की डॉ रेखा गुप्ता ने सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को कॉलेज की पढ़ाई के साथ अपने व्यक्तिव के सर्वांगीण विकास के लिए सह शैक्षणिक गतिविधियों में उत्साह से भाग लेना चाहिए। कार्यक्रम की संयोजक डॉ धर्मा यादव रहीं और धन्यवाद ज्ञापन डॉ शीताभ शर्मा द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन कशिश गौड़ द्वारा किया गया।  

    आत्महत्या रोकथाम दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर में 10 सितम्बर, 2026 को आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर मनोविज्ञान विभाग द्वारा एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाना और आत्महत्या रोकथाम के महत्व पर जोर देना था। मनोविज्ञान विभाग की छात्राओं द्वारा एक विचारोत्तेजक नाटक प्रस्तुत किया गया। नाटक ने आत्महत्या के विचारों के पीछे के कारकों, जैसे कि शैक्षणिक दबाव, संबंधों में तनाव, सामाजिक अपेक्षाएँ एवं आर्थिक कठिनाइयों को उजागर किया। डॉ. रंजना अग्रवाल, उप-प्राचार्य, अकादमिक ने मानसिक स्वास्थ्य पेशेवरों, दोस्तों और परिवार से मदद लेने की आवश्यकता पर बल देते हुए छात्राओं को आत्महत्या रोकथाम हेतु जागरूक किया। उन्होंने महाविद्यालय की ओर से यह आश्वासन भी दिया कि छात्राओं के मानसिक स्वास्थ्य के लिए महाविद्यालय में परामर्श सुविधा सदैव उपलब्ध है, और किसी भी छात्रा को संकोच किए बिना इसका लाभ उठाना चाहिए। छात्राओं द्वारा प्रस्तुत नाटक का संदेश था कि जीवन को दूसरा मौका देना चाहिए और आत्महत्या के बजाय जीवन के नए अवसरों का सामना करना चाहिए। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने मनोविज्ञान विभाग की सराहना करते हुए बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रम छात्राओं में संवेदनशीलता और सहानुभूति का भाव विकसित करते हैं, जिससे वे स्वयं भी सजग रहते हैं और अपने आसपास के लोगों की भी सहायता कर पाते हैं। विभाग से प्राध्यापिका सोना मिश्रा ने धन्यवाद प्रस्ताव रखते हुए मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए इस तरह के आयोजनों की निरंतरता पर जोर दिया। कार्यक्रम में लगभग 100 छात्राएँ मौजूद थी। विभागाध्यक्ष डॉ. शुचि चौधरी, प्राध्यापिका जेनिस हाशमी एवं शुभी शर्मा की सक्रिय भागीदारी निभाते हुए कार्यक्रम का सफल संचालन किया।