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    पेट्रोल-डीजल के दाम 4 नवंबर को स्थिर, दिल्ली में पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर; जानें प्रमुख शहरों के रेट

    10 hours ago

    Yugcharan News / 04-11-2026

    देश के प्रमुख शहरों में बुधवार, 4 नवंबर 2026 को पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में बड़े बदलाव नहीं हुए। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई और कोलकाता समेत कई शहरों में ईंधन के दाम लगभग स्थिर बने हुए हैं। वहीं, केंद्र सरकार ने पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाले अतिरिक्त शुल्क को समाप्त कर दिया है, जबकि डीजल के निर्यात पर शुल्क बढ़ाया गया है। इस बदलाव के बावजूद घरेलू पेट्रोल पंपों पर ग्राहकों को मिलने वाली कीमतों में तत्काल कोई बड़ा परिवर्तन दर्ज नहीं किया गया।

    दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पर उपलब्ध है। मुंबई में पेट्रोल की कीमत 111.21 रुपये और डीजल की कीमत 97.83 रुपये प्रति लीटर है। बेंगलुरु में पेट्रोल 111.68 रुपये तथा डीजल 99.56 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया।

    इस बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है। पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को लेकर मिले-जुले संकेतों तथा क्षेत्रीय तनाव के कारण तेल कारोबारियों में अनिश्चितता बनी हुई है। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव के बावजूद भारतीय खुदरा बाजार में फिलहाल ईंधन की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।

    4 नवंबर को प्रमुख शहरों में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी के दाम

    4 नवंबर 2026 को उपलब्ध दरों के अनुसार देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतें इस प्रकार हैं:

    शहर

    पेट्रोल (₹/लीटर)

    डीजल (₹/लीटर)

    सीएनजी (₹/किलो)

    नई दिल्ली

    102.12

    95.20

    86.98

    मुंबई

    111.21

    97.83

    89.00

    चेन्नई

    107.76

    99.55

    99.50

    कोलकाता

    113.51

    99.82

    103.00

    गुरुग्राम

    102.97

    95.64

    92.01

    नोएडा

    101.96

    95.44

    95.59

    बेंगलुरु

    111.68

    99.56

    99.00

    भुवनेश्वर

    108.97

    100.68

    93.50

    लखनऊ

    101.89

    95.36

    107.00

    पटना

    113.37

    99.36

    93.00

    जयपुर

    113.19

    98.25

    99.50

    तिरुवनंतपुरम

    115.49

    104.40

    99.00

    इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि अलग-अलग शहरों में ईंधन की कीमतों में अंतर बना हुआ है। सूची में तिरुवनंतपुरम में पेट्रोल 115.49 रुपये प्रति लीटर के साथ सबसे महंगा दर्ज किया गया है, जबकि लखनऊ में इसकी कीमत 101.89 रुपये प्रति लीटर है। डीजल के मामले में भी शहरों के बीच अंतर है। तिरुवनंतपुरम में डीजल 104.40 रुपये प्रति लीटर और दिल्ली में 95.20 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया।

    सीएनजी की कीमतें भी शहर के अनुसार अलग-अलग हैं। दिल्ली में सीएनजी 86.98 रुपये प्रति किलो है, जबकि लखनऊ में इसका भाव 107 रुपये प्रति किलो दर्ज किया गया है।

    पेट्रोल के निर्यात शुल्क को शून्य किया गया

    केंद्र सरकार ने पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाले अतिरिक्त शुल्क में कटौती करते हुए इसे शून्य कर दिया है। वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, संशोधित शुल्क व्यवस्था 31 अक्टूबर से लागू हुई।

    इससे पहले पेट्रोल के निर्यात पर 2.50 रुपये प्रति लीटर का अतिरिक्त शुल्क लगाया जा रहा था। नए फैसले के बाद यह शुल्क घटाकर शून्य रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। यानी पेट्रोल के निर्यात पर अब यह अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा।

    हालांकि, सरकार ने डीजल के निर्यात पर लगने वाले शुल्क में वृद्धि की है। इसे पहले के 8.50 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 11.50 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।

    पेट्रोल और डीजल के निर्यात शुल्क में किए गए ये बदलाव घरेलू पेट्रोल पंपों पर बिकने वाले ईंधन की कीमतों में तत्काल बदलाव के रूप में सामने नहीं आए हैं। 4 नवंबर को प्रमुख शहरों में खुदरा दरें लगभग स्थिर रहीं।

    अलग-अलग शहरों में ईंधन की कीमतें क्यों होती हैं अलग?

    भारत में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें केवल अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के भाव पर निर्भर नहीं करतीं। अलग-अलग राज्यों और शहरों में स्थानीय करों, वैट, परिवहन लागत और अन्य स्थानीय शुल्कों के कारण कीमतों में अंतर होता है।

    राज्य सरकारों की ओर से लगाया जाने वाला मूल्यवर्धित कर यानी वैट ईंधन की अंतिम कीमत को प्रभावित करता है। इसके अलावा, तेल डिपो से पेट्रोल पंप तक ईंधन पहुंचाने का खर्च भी शहर और स्थान के अनुसार अलग हो सकता है।

    यही वजह है कि दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु और अन्य शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम एक समान नहीं होते। यहां तक कि एक ही राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में भी परिवहन और स्थानीय करों के कारण कीमतों में अंतर संभव है।

    सीएनजी की कीमतें भी स्थानीय आपूर्ति व्यवस्था और संबंधित लागतों के आधार पर अलग-अलग हो सकती हैं। इसलिए वाहन चालकों के लिए अपने शहर की नवीनतम दर की जानकारी लेना जरूरी है।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव

    घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर रहने के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। मंगलवार को तेल बाजार में कारोबारियों ने अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति वार्ता को लेकर मिल रहे संकेतों का आकलन किया।

    रिपोर्ट के मुताबिक, वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) कच्चा तेल लगभग 97 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था। कारोबार के दौरान इसकी कीमतों में करीब पांच डॉलर के दायरे में उतार-चढ़ाव देखा गया। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड का भाव 104 डॉलर प्रति बैरल से नीचे बंद हुआ।

    तेल बाजार में हालिया हलचल का एक प्रमुख कारण पश्चिम एशिया में जारी तनाव है। अमेरिका और ईरान के बीच मतभेद दूर करने के लिए मध्यस्थों की ओर से नए प्रस्ताव दिए जाने की खबरें सामने आई हैं। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, एक राजनयिक के हवाले से बताया गया कि दोनों देश मध्यस्थों के प्रस्तावों की समीक्षा कर रहे हैं।

    हालांकि, ईरान की ओर से बातचीत की प्रगति को लेकर संतोषजनक संकेत नहीं मिले हैं। ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि वॉशिंगटन की प्रतिक्रिया अब तक संतोषजनक नहीं रही है।

    होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव से तेल आपूर्ति पर चिंता

    अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक प्रयास ऐसे समय हो रहे हैं, जब पश्चिम एशिया में कई सप्ताह से तनाव बना हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर हमले तेज किए हैं। दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मध्यावधि चुनावों के बाद नए हमलों की चेतावनी दी है।

    होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। फारस की खाड़ी से निकलने वाले तेल और ऊर्जा उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच में इसकी अहम भूमिका है। इस मार्ग पर तनाव बढ़ने से तेल की आपूर्ति और कीमतों को लेकर वैश्विक बाजार में चिंता पैदा हो सकती है।

    सोमवार को कूटनीतिक बातचीत में प्रगति के संकेतों के बाद तेल की कीमतों में गिरावट आई थी। लेकिन मंगलवार को मिले-जुले संकेतों के कारण बाजार में फिर अस्थिरता दिखाई दी।

    रिपोर्ट के अनुसार, नौ महीने से जारी संघर्ष ने फारस की खाड़ी से होने वाली आपूर्ति को प्रभावित किया है। इसके चलते इस साल ब्रेंट क्रूड की कीमत में 70 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। कच्चे तेल में तेजी का असर पेट्रोल और डीजल जैसे ईंधन बाजारों पर भी पड़ा है।

    फिलहाल घरेलू वाहन चालकों को राहत, लेकिन वैश्विक घटनाक्रम पर नजर जरूरी

    4 नवंबर को भारत के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर रहने से वाहन चालकों को तत्काल किसी नई मूल्यवृद्धि का सामना नहीं करना पड़ा है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और पश्चिम एशिया के तनाव पर बाजार की नजर बनी हुई है।

    अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत किस दिशा में आगे बढ़ती है तथा होर्मुज जलडमरूमध्य से ऊर्जा आपूर्ति कितनी प्रभावित होती है, ये दोनों कारक आने वाले समय में वैश्विक तेल बाजार के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे।

    फिलहाल पेट्रोल के निर्यात शुल्क को शून्य करने और डीजल के निर्यात शुल्क को बढ़ाकर 11.50 रुपये प्रति लीटर करने के सरकारी फैसले के बावजूद घरेलू खुदरा दरों में बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। उपभोक्ताओं को अपने शहर में ईंधन खरीदने से पहले स्थानीय पेट्रोल पंप या संबंधित तेल विपणन कंपनियों से नवीनतम कीमत की पुष्टि करनी चाहिए।

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