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    विश्वविद्यालय में विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित

    55 minutes ago

    जयपुर। यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, जयपुर के विशेष शिक्षा एवं पुनर्वास विज्ञान विभाग द्वारा विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर 21 सितंबर को जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. वंदना सिंह ठाकुर, अधिष्ठाता, विशेष शिक्षा विभाग के समन्वय तथा सीमा चौधरी, सहायक आचार्य, विशेष शिक्षा विभाग के सह-समन्वय में किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने पोस्टरों के माध्यम से आत्महत्या रोकथाम, मानसिक स्वास्थ्य, सकारात्मक सोच, भावनात्मक सहयोग एवं जीवन के प्रति आशा से संबंधित अपने रचनात्मक विचार प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों की रचनात्मकता के साथ-साथ सामाजिक संवेदनशीलता और जागरूकता का भी प्रभावी प्रदर्शन देखने को मिला।

    पोस्टर प्रतियोगिता के मुख्य निर्णायक मंडल में डॉ. रश्मि जैन (प्रेसिडेंट), डॉ. अंकित गांधी (प्रो-प्रेसिडेंट) तथा डॉ. रोहित सारस्वत (अधिष्ठाता- रिसर्च विभाग) शामिल रहे। निर्णायक मंडल द्वारा विद्यार्थियों के पोस्टरों का विषय-वस्तु, रचनात्मकता, संदेश की प्रभावशीलता एवं प्रस्तुतीकरण के आधार पर मूल्यांकन किया गया प्रतियोगिता में प्रथम स्थान डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर की छात्रा तनीषा मीणा, द्वितीय स्थान डिपार्टमेंट ऑफ़ एग्रीकल्चर के छात्र कृष्णा व बेसिक एंड अप्लाइड साइंस विभाग की छात्रा रिहान आफरीन ने जबकि तृतीय स्थान विशेष शिक्षा विभाग की छात्रा प्रिया चौधरी व डिपार्टमेंट ऑफ़ एग्रीकल्चर के छात्र संदीप जोरवाल ने प्राप्त किया। विजेता विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

    कार्यक्रम के अंत में डॉ. वंदना सिंह ठाकुर, अधिष्ठाता, विशेष शिक्षा विभाग ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर खुलकर संवाद करना आवश्यक है तथा विद्यार्थियों में संवेदनशीलता और सहयोग की भावना विकसित की जानी चाहिए। डॉ. अंकित गांधी, प्रो-प्रेसिडेंट ने कहा कि सकारात्मक सोच, संवाद और आपसी सहयोग मानसिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं तथा विद्यार्थियों को आवश्यकता के समय एक-दूसरे का सहयोग करना चाहिए। डॉ. रश्मि जैन, प्रेसिडेंट ने विद्यार्थियों की सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के साथ सहानुभूति और सहयोग की भावना विकसित करना भी आवश्यक है। डॉ. अंशु सुराना, प्रो-चेयरपर्सन ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों द्वारा पोस्टरों के माध्यम से प्रस्तुत किए गए संदेश समाज में मानसिक स्वास्थ्य एवं आत्महत्या रोकथाम के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सहायक हैं।

    कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी प्रतिभा एवं रचनात्मक सोच का प्रदर्शन किया। विशेष रूप से नए विद्यार्थियों के रचनात्मक कार्यों एवं विचारों को प्रोत्साहित किया गया तथा उनकी प्रतिभा की सराहना की गई। कार्यक्रम के सफल आयोजन में विशेष शिक्षा विभाग के धीरज कुमार नागर, गीता रानी, हसन दीन खान, मनीष कुमार मीणा सहित ह्यूमैनिटीज आर्ट एंड सोशल साइंसेज के विभागाध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार की उपस्थिति एवं सहभागिता सराहनीय रही।

     

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