Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    विदेसी भाषा सीखजो, पण मायड़ भासा कदे मत छोड़जो- निवृत्ति कुमारी मेवाड़, जेईसीआरसी ओरिएंट 2026

    1 hour ago

    -एक्सपेरिमेंट, स्किल्स और पेशेंस से बनता है सक्सेसफुल करियर- जयंत मुंधड़ा, जेयू ओरिएंट 2026

    जयपुर, किताबी ज्ञान से आगे बढ़कर वास्तविक जीवन की सीख, नए अवसरों और प्रेरणादायी अनुभवों से रूबरू होते हुए जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के ओरिएंटेशन प्रोग्राम के दूसरे दिन विद्यार्थियों ने सीखने के एक नए आयाम का अनुभव किया। विभिन्न संवादात्मक सेशंस के माध्यम से उन्हें जेईसीआरसी की पहल, स्टूडेंट सोसायटीज़ और कैंपस में उपलब्ध संभावनाओं से परिचित कराया गया, वहीं विविध क्षेत्रों की हस्तियों ने अपने अनुभव साझा कर उन्हें बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने की प्रेरणा दी।

    विद्यार्थियों को करियर के साथ जीवन के व्यापक दृष्टिकोण पर सोचने के लिए प्रेरित करते हुए मेवाड़ राजघराने की निवृत्ति कुमारी और जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी की डायरेक्टर– पीपल एंड कल्चर ध्रुवी अग्रवाल नें बातचीत के दौरान नेतृत्व, चरित्र निर्माण, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, एआई व मानवीय मूल्यों जैसे विषयों पर विचार साझा किए।

    सफलता और चरित्र के अंतर को रेखांकित करते हुए ध्रुवी अग्रवाल ने बताया कि डिग्री करियर बना सकती है, लेकिन मजबूत व्यक्तित्व ही स्थायी पहचान व लेगेसी दिलाता है।

    उनके प्रश्नों के उत्तर में निवृत्ति कुमारी ने मेवाड़ की सेवा, साहस और त्याग की परंपरा का उल्लेख करते हुए छात्रों से परिवार से मिले संस्कार, वैल्यूज़ और एथिक्स को जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कॉलेज जीवन केवल स्वतंत्रता का नहीं, बल्कि जिम्मेदारी का भी पड़ाव है, जहाँ सही और गलत के बीच निर्णय स्वयं लेने होते हैं। सच्चे लीडरशीप की परिभाषा देते हुए उन्होंने सेल्फ़लेस सर्विस और सैक्रिफाइस को सबसे बड़ा आधार बताया।

    अपने छात्र जीवन, स्विट्ज़रलैंड में शिक्षा एवं उद्यमिता की यात्रा का उल्लेख करते हुए उन्होंने संघर्ष, निरंतर सीखने, मानसिक स्वास्थ्य, अच्छे मित्रों के चयन, मातृभाषा, संस्कृति और जड़ों से जुड़े रहने के महत्व पर बल दिया। एआई पर उन्होंने कहा कि टेक्नॉलजी चाहे कितनी भी आगे बढ़ जाए, मानवीय स्पर्श, इमोशन्स और एम्पैथी का कोई विकल्प नहीं हो सकता।

    वहीं ध्रुवी अग्रवाल ने स्टूडेंट्स को संदेश दिया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल सफल प्रोफ़ेशनल्स तैयार करना नहीं, बल्कि ऐसे संवेदनशील, जिम्मेदार और मूल्यनिष्ठ नागरिक तैयार करना है, जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन कर सकें।

    इसी कड़ी में, यूथ को करियर प्लानिंग, स्किल डेवलपमेंट और बदलती प्रोफेशनल दुनिया के लिए तैयार रहने के लिए प्रेरित करते हुए फाइनेंशियल एजुकेटर व कंटेंट क्रिएटर जयंत मुंधरा ने कहा कि करियर की शुरुआत में खुद को किसी एक विकल्प तक सीमित करने के बजाय अलग-अलग क्षेत्रों में एक्सप्लोर करना, नई स्किल्स सीखना और लगातार खुद को बेहतर बनाना ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने स्टूडेंट्स को एआई का प्रभावी उपयोग करने, समय और एनर्जी का सही निवेश करने, फेल्योर से सीखने तथा धैर्य और स्पष्ट विज़न के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने का संदेश दिया।

    लिंक्डइन स्ट्रैटेजिस्ट एवं पर्सनल ब्रांडिंग एक्सपर्ट मीती शाह तथा एआई कंटेंट क्रिएटर एवं मार्केटिंग प्रोफेशनल यशिका साधवानी ने डिजिटल युग में उभरते अवसरों, पर्सनल ब्रांडिंग और कंटेंट क्रिएशन की बदलती दुनिया पर संवाद किया। उन्होंने बताया कि आज प्रभावशाली पहचान केवल ऑनलाइन मौजूदगी से नहीं, बल्कि मौलिक सोच, निरंतर सीखने और सार्थक कंटेंट के माध्यम से बनती है। दोनों वक्ताओं ने युवाओं को तकनीक के साथ कदम मिलाते हुए अपनी रचनात्मकता और कौशल को आत्मविश्वास के साथ दुनिया के सामने रखने का संदेश दिया।

    वहीं, एलुमनाई इंट्रैक्शन के दौरान पूर्व स्टूडेंट्स ने कैंपस जीवन से लेकर ग्रेजुएशन के बाद की पेशेवर यात्रा तक के अपने अनुभव साझा करते हुए करियर विकल्पों, हायर एजुकेशन, इंडस्ट्री की चुनौतियों और अवसरों पर चर्चा की। संवाद के माध्यम से उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यूनिवर्सिटी का हर अनुभव भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

     

    Click here to Read More
    Previous Article
    कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने तख्तगढ़ सीएचसी का किया निरीक्षण

    Related राजस्थान Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment