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    IIT-Bombay ने छात्र की मौत से जुड़े पुराने बयान पर मांगी माफी, जांच के बीच निदेशक के इस्तीफे की खबरों को बताया गलत

    3 hours ago

    Yugcharan News / 21-09-2026

    मुंबई। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान-बॉम्बे (IIT-Bombay) ने 22 वर्षीय छात्र साहिल की मौत से जुड़े अपने पहले के बयान पर सोमवार को माफी मांगते हुए कहा कि घटना से पहले की परिस्थितियों के बारे में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं था, क्योंकि पूरा मामला अभी संबंधित जांच एजेंसियों की जांच के अधीन है। संस्थान की यह सफाई ऐसे समय आई है जब छात्र की मौत को लेकर परिसर में विरोध-प्रदर्शन और असंतोष जारी है तथा मुंबई पुलिस ने मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी है।

    IIT-Bombay ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी एक पोस्ट में अपने पहले के संचार में इस्तेमाल किए गए विवरणों को लेकर खेद व्यक्त किया। संस्थान ने कहा कि साहिल की मौत से पहले हुई घटनाओं और परिस्थितियों का अंतिम निर्धारण अभी जांच के बाद ही किया जा सकता है। संस्थान ने यह भी कहा कि उचित जांच पूरी होने से पहले घटना से जुड़े तथ्यों को जिस तरह पहले के बयान में प्रस्तुत किया गया, वह उपयुक्त नहीं था।

    साहिल, IIT-Bombay में दूसरे वर्ष का छात्र था। वह शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 को पवई स्थित संस्थान के हॉस्टल के कमरे में मृत पाया गया था। घटना के बाद यह जानकारी सामने आई कि परीक्षा के दौरान उसके पास मोबाइल फोन होने को लेकर एक शिक्षक ने रिपोर्ट की थी। इस मामले में परीक्षा की निगरानी कर रहे प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला का नाम मुंबई पुलिस की FIR में दर्ज किया गया है। संस्थान से जुड़े कुछ अन्य अधिकारियों के नाम भी FIR में शामिल किए गए हैं।

    पुराने बयान पर IIT-Bombay ने जताया खेद

    साहिल की मौत के तुरंत बाद 19 सितंबर को IIT-Bombay ने एक प्रारंभिक बयान जारी किया था। इस बयान में संस्थान ने कहा था कि छात्र को परीक्षा कक्ष में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पाया गया था और उसने कथित तौर पर परीक्षा के प्रश्नपत्र की तस्वीर या सामग्री ChatGPT पर अपलोड कर उत्तर प्राप्त करने की कोशिश की थी।

    संस्थान ने अपने उस बयान में यह भी कहा था कि छात्र के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी। उसके अनुसार, मामले पर छात्र से संबंधित शिक्षक, फैकल्टी एडवाइजर और विभागाध्यक्ष ने बातचीत की थी। संस्थान ने दावा किया था कि छात्र को समझाया गया था और यह आश्वासन दिया गया था कि परीक्षा से जुड़ी घटना का उसके अकादमिक करियर पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

    हालांकि, छात्र के परिवार ने संस्थान के इस शुरुआती विवरण पर अलग जानकारी दी। परिवार की ओर से आरोप लगाया गया कि साहिल को जातिसूचक टिप्पणियों और कथित उत्पीड़न का सामना करना पड़ा था। छात्र के पिता रविंद्र ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि उनके बेटे ने उन्हें बताया था कि प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला पिछले करीब तीन महीनों से उसे परेशान कर रहे थे।

    इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी जांच का विषय है। पुलिस ने मामले में FIR दर्ज की है और अब जांच क्राइम ब्रांच के पास स्थानांतरित किए जाने के बाद घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

    जांच पूरी होने से पहले निष्कर्ष पर आपत्ति

    अपने नए बयान में IIT-Bombay ने कहा कि छात्र की मौत से पहले हुई घटनाओं के विवरण को जांच के जरिए स्थापित किए जाने से पहले उन्हें निश्चित रूप से प्रस्तुत करना उचित नहीं था। संस्थान ने कहा कि मामले की वास्तविक परिस्थितियां संबंधित अधिकारियों की जांच के अधीन हैं।

    यह बदलाव संस्थान के पहले बयान से महत्वपूर्ण अंतर दिखाता है। जहां प्रारंभिक बयान में परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन के इस्तेमाल और ChatGPT के जरिए प्रश्नपत्र से उत्तर लेने की कोशिश का उल्लेख किया गया था, वहीं नए बयान में संस्थान ने इस बात पर जोर दिया है कि मौत से पहले की परिस्थितियों का अंतिम निर्धारण जांच पूरी होने के बाद ही किया जाना चाहिए।

    इस मामले में पुलिस जांच के साथ-साथ छात्र के परिवार द्वारा लगाए गए आरोप भी महत्वपूर्ण हैं। परिवार का कहना है कि छात्र ने कथित उत्पीड़न की जानकारी अपने पिता को दी थी। पुलिस की FIR में लगाए गए आरोपों की जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि घटना से पहले छात्र और संबंधित शिक्षक के बीच क्या हुआ था और क्या किसी तरह का दबाव या उत्पीड़न हुआ था।

    मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच करेगी जांच

    मामले की जांच मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंपे जाने के बाद जांच का दायरा और महत्वपूर्ण हो गया है। पुलिस को अब छात्र की मौत से पहले के घटनाक्रम, परीक्षा से संबंधित विवाद, संस्थान के अधिकारियों की भूमिका और परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों सहित विभिन्न पहलुओं की जांच करनी है।

    छात्र की मौत के बाद IIT-Bombay परिसर में विरोध-प्रदर्शन भी हुए हैं। छात्रों के बीच इस घटना को लेकर नाराजगी देखी गई है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई गई है। इस बीच, पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ FIR में दर्ज आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जाएगी।

    यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि FIR में किसी व्यक्ति का नाम होना अपने आप में आरोप सिद्ध होने के बराबर नहीं है। मामले में जिम्मेदारी और घटनाओं का वास्तविक क्रम जांच के निष्कर्षों तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निर्धारित होगा।

    IIT-Bombay निदेशक के इस्तीफे की खबरों पर स्पष्टीकरण

    छात्र की मौत और उसके बाद परिसर में जारी विरोध के बीच IIT-Bombay के निदेशक के इस्तीफे से संबंधित खबरें भी सामने आई थीं। संस्थान ने इन खबरों का स्पष्ट रूप से खंडन किया है।

    IIT-Bombay ने सोशल मीडिया पर कहा कि उसके निदेशक ने इस्तीफा नहीं दिया है और इससे संबंधित खबरों को गलत बताया। संस्थान ने इस संबंध में किसी भी भ्रम की स्थिति को दूर करने के लिए स्पष्ट किया कि निदेशक अपने पद पर बने हुए हैं।

    इस स्पष्टीकरण के साथ संस्थान ने एक ओर अपने पहले बयान को लेकर माफी मांगी, वहीं दूसरी ओर निदेशक के इस्तीफे से जुड़ी रिपोर्टों को भी खारिज किया। दोनों घटनाक्रम ऐसे समय सामने आए हैं जब छात्र की मौत को लेकर संस्थान प्रशासन की भूमिका पर सार्वजनिक चर्चा जारी है।

    परिवार के आरोपों की भी होगी जांच

    साहिल के परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों ने मामले को केवल परीक्षा में मोबाइल फोन के कथित इस्तेमाल तक सीमित नहीं रहने दिया है। पिता रविंद्र के अनुसार, उनके बेटे ने कथित तौर पर बताया था कि वह कई महीनों से संबंधित प्रोफेसर के व्यवहार से परेशान था। परिवार ने जातिसूचक टिप्पणियों का भी आरोप लगाया है।

    पुलिस की जांच में इन आरोपों की पुष्टि के लिए छात्र के परिवार के बयान, सहपाठियों से बातचीत, संस्थान के रिकॉर्ड और घटना से जुड़े अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा सकती है। परीक्षा के दिन क्या हुआ था और उसके बाद छात्र के साथ किस स्तर पर बातचीत हुई, यह भी जांच का हिस्सा होगा।

    IIT-Bombay की ओर से अब यह स्पष्ट किया गया है कि संस्थान स्वयं घटना की परिस्थितियों के बारे में अंतिम निष्कर्ष नहीं दे रहा है और जांच एजेंसियों के निष्कर्ष का इंतजार किया जाएगा।

    जांच के निष्कर्ष का इंतजार

    साहिल की मौत ने उच्च शिक्षा संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा, अनुशासनात्मक प्रक्रियाओं और शिकायतों से निपटने के तरीकों को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, इस मामले में किसी व्यापक निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पुलिस जांच पूरी होना जरूरी है।

    फिलहाल क्राइम ब्रांच के सामने मुख्य चुनौती घटना से पहले के पूरे घटनाक्रम को क्रमवार स्थापित करने की है। परीक्षा से संबंधित विवाद, छात्र और शिक्षक के बीच हुई बातचीत, परिवार द्वारा लगाए गए उत्पीड़न के आरोप तथा संस्थान के शुरुआती बयान में बताए गए तथ्यों की जांच के बाद ही मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

    IIT-Bombay ने अपने ताजा बयान में इसी जांच प्रक्रिया को प्राथमिकता देने की बात कही है। संस्थान की माफी के बाद अब मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस और संबंधित जांच अधिकारियों की रिपोर्ट पर निर्भर करेगी। इस बीच परिसर में छात्रों की प्रतिक्रिया और परिवार की ओर से निष्पक्ष जांच की मांग के बीच सभी पक्षों की नजर क्राइम ब्रांच की जांच पर बनी हुई है।

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