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    Etihad Delhi-Abu Dhabi Flight Cancelled: तकनीकी खराबी से उड़ान रद्द होने पर यात्रियों को कितना मुआवजा मिल सकता है?

    3 hours ago

    Yugcharan News / 21-09-2026

    दिल्ली से अबू धाबी जाने वाली Etihad Airways की उड़ान EY217 को विमान में तकनीकी समस्या के कारण रद्द किए जाने के बाद करीब 200 यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शनिवार देर शाम दिल्ली से उड़ान भरने वाली इस फ्लाइट को पहले यात्रियों को विमान से उतारने के बाद कुछ समय तक स्थिति स्पष्ट नहीं की गई। बाद में यात्रियों को बताया गया कि उड़ान रद्द कर दी गई है।

    उड़ान रद्द होने की इस घटना ने यात्रियों के अधिकारों और एयरलाइन की मुआवजा संबंधी जिम्मेदारियों को लेकर सवाल खड़े किए हैं। खास तौर पर यह सवाल महत्वपूर्ण है कि यदि यात्री विमान में बोर्ड कर चुके हों और उसके बाद तकनीकी खराबी के कारण फ्लाइट रद्द हो जाए, तो क्या उन्हें DGCA के नियमों के तहत मुआवजा, रिफंड, वैकल्पिक उड़ान, भोजन या होटल जैसी सुविधाएं मिल सकती हैं?

    DGCA के नियमों के अनुसार, केवल विमान में बोर्ड कर लेने से यात्रियों के अधिकार समाप्त नहीं हो जाते। यदि निर्धारित उड़ान संचालित नहीं होती है और उसमें कम से कम एक यात्री की बुकिंग थी, तो ऐसी स्थिति को उड़ान रद्द होने के रूप में माना जा सकता है।

    दिल्ली-अबू धाबी उड़ान में क्या हुआ?

    रिपोर्टों के अनुसार, Etihad की EY217 उड़ान को दिल्ली से अबू धाबी के लिए रात 9:15 बजे रवाना होना था। करीब 200 यात्री इस उड़ान से यात्रा करने वाले थे।

    यात्रियों के विमान में सवार होने के बाद उन्हें विमान से उतरने के लिए कहा गया। क्रू की ओर से बताया गया कि विमान में तकनीकी समस्या सामने आई है। इसके बाद यात्रियों को कई घंटों तक इंतजार करना पड़ा।

    बाद में एयरलाइन ने घोषणा की कि उड़ान को रद्द कर दिया गया है। इस कारण यात्रियों को अपनी आगे की यात्रा को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ा।

    Etihad की ओर से तकनीकी समस्या का उल्लेख किया गया, लेकिन उपलब्ध जानकारी के अनुसार खराबी की सटीक प्रकृति स्पष्ट नहीं की गई थी।

    क्या विमान में बोर्ड करने के बाद भी ‘कैंसिलेशन’ माना जाएगा?

    यह इस मामले का महत्वपूर्ण पहलू है। DGCA के प्रावधानों के अनुसार, किसी उड़ान का कैंसिलेशन तब माना जाता है जब पहले से निर्धारित उड़ान संचालित नहीं होती और उस उड़ान में कम से कम एक यात्री का आरक्षण मौजूद था।

    इसका अर्थ यह है कि यात्री विमान में चढ़ चुके हों, लेकिन बाद में उड़ान संचालित ही न हो, तो केवल बोर्डिंग पूरी हो जाने के आधार पर एयरलाइन यह नहीं कह सकती कि उड़ान रद्द नहीं हुई।

    इसलिए दिल्ली-अबू धाबी उड़ान के मामले में भी यात्रियों के लिए रद्दीकरण से जुड़े अधिकार लागू हो सकते हैं। हालांकि अंतिम रूप से मुआवजे की पात्रता उड़ान रद्द होने के वास्तविक कारण और लागू नियमों के आधार पर तय होगी।

    यात्रियों को क्या मिल सकता है?

    DGCA के नियमों के तहत उड़ान रद्द होने की स्थिति में यात्रियों को कुछ परिस्थितियों में वैकल्पिक उड़ान या टिकट का पूरा रिफंड उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

    यदि यात्री एयरपोर्ट पहुंच चुका है और उड़ान रद्द होती है, तो परिस्थितियों के अनुसार एयरलाइन को भोजन और जलपान जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध करानी पड़ सकती हैं। यदि वैकल्पिक यात्रा के लिए रुकना आवश्यक हो, तो होटल और एयरपोर्ट से होटल तक आने-जाने की व्यवस्था भी नियमों के तहत लागू हो सकती है।

    इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उड़ान रद्द होने के कारण यात्रियों को अचानक आने वाली अतिरिक्त परेशानी और खर्च का पूरा बोझ स्वयं न उठाना पड़े।

    अंतरराष्ट्रीय उड़ान के लिए मुआवजे का प्रावधान

    अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के मामले में DGCA के प्रावधान उड़ान की अवधि के आधार पर मुआवजे की सीमा निर्धारित करते हैं।

    दो घंटे या उससे अधिक की ब्लॉक टाइम वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ान के लिए उपलब्ध नियमों के अनुसार मुआवजे की राशि ₹10,000 या बुक किए गए एकतरफा मूल किराए और एयरलाइन फ्यूल चार्ज के बराबर राशि, इनमें से जो कम हो, हो सकती है।

    हालांकि मुआवजा हर रद्द उड़ान में स्वतः लागू नहीं होता। इसके लिए यह देखना जरूरी होता है कि उड़ान रद्द होने का कारण एयरलाइन के नियंत्रण में था या ऐसी परिस्थिति में था जिसे एयरलाइन नियंत्रित नहीं कर सकती थी।

    तकनीकी खराबी होने पर क्या एयरलाइन को हमेशा मुआवजा देना होगा?

    यह सबसे महत्वपूर्ण कानूनी सवालों में से एक है। DGCA के नियमों में ऐसी परिस्थितियों के लिए अपवाद मौजूद हैं जिनमें उड़ान रद्द होने का कारण एयरलाइन के नियंत्रण से बाहर हो।

    प्राकृतिक आपदा, एयर ट्रैफिक कंट्रोल से जुड़ी समस्या, हड़ताल, सरकारी आदेश या सुरक्षा संबंधी परिस्थितियां इसके उदाहरण हो सकते हैं।

    तकनीकी खराबी का मामला हालांकि हर परिस्थिति में एक जैसा नहीं माना जा सकता। यह इस बात पर निर्भर करेगा कि खराबी किस कारण से हुई और क्या वह एयरलाइन के नियंत्रण से बाहर की परिस्थिति थी।

    इस मामले में Etihad ने फिलहाल उड़ान रद्द होने के पीछे तकनीकी समस्या बताई है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, समस्या की विस्तृत वजह सामने नहीं आई है। इसलिए यह तय करना संभव नहीं है कि संबंधित तकनीकी खराबी ऐसी परिस्थिति थी जिसे एयरलाइन के नियंत्रण से बाहर माना जाएगा या नहीं।

    विमान में तकनीकी खराबी के अलग-अलग कारण हो सकते हैं

    किसी विमान में तकनीकी समस्या कई कारणों से हो सकती है। सामान्य रखरखाव या विमान की परिचालन स्थिति से संबंधित समस्या और किसी बाहरी घटना के कारण उत्पन्न खराबी को एक ही श्रेणी में नहीं रखा जा सकता।

    यदि किसी तकनीकी समस्या की वजह निर्माता की खामी, तोड़फोड़ या किसी अन्य असाधारण घटना से जुड़ी हो और एयरलाइन का उस पर नियंत्रण नहीं हो, तो परिस्थितियां अलग हो सकती हैं।

    दूसरी ओर, यदि समस्या ऐसी प्रकृति की हो जिसे एयरलाइन के परिचालन या रखरखाव दायित्वों के तहत नियंत्रित किया जा सकता था, तो यात्रियों के मुआवजे से जुड़े नियम अलग तरीके से लागू हो सकते हैं।

    इसलिए केवल ‘technical issue’ कहे जाने से यह अपने आप तय नहीं हो जाता कि यात्री मुआवजे के पात्र हैं या नहीं।

    Etihad की अपनी शर्तों में भी भारतीय नियम महत्वपूर्ण

    एयरलाइन की Conditions of Carriage में भी यात्रियों की यात्रा से जुड़े नियम और शर्तें होती हैं। लेकिन इन शर्तों का मतलब यह नहीं है कि एयरलाइन किसी देश के अनिवार्य कानूनों या नियामकीय प्रावधानों को नजरअंदाज कर सकती है।

    Etihad की भारत से संबंधित जानकारी में भी DGCA के निर्धारित मुआवजे से जुड़े प्रावधानों का उल्लेख किया जाता है। इसलिए भारत से रवाना होने वाली उड़ान के मामले में लागू भारतीय विमानन नियमों को ध्यान में रखना जरूरी है।

    इसका मतलब है कि यात्रियों को अपनी स्थिति समझने के लिए टिकट की शर्तों के साथ-साथ DGCA के नियमों को भी देखना चाहिए।

    रिफंड और मुआवजा अलग-अलग हैं

    यात्रियों के लिए यह समझना भी जरूरी है कि टिकट का रिफंड और मुआवजा दो अलग-अलग चीजें हो सकती हैं।

    यदि यात्री रद्द उड़ान के कारण टिकट का रिफंड लेने का विकल्प चुनता है, तो टिकट की पात्र राशि उस भुगतान माध्यम में वापस भेजी जा सकती है जिससे टिकट खरीदा गया था।

    इसके अलावा, यदि यात्री मुआवजे के लिए पात्र है, तो वह मुआवजा रिफंड से अलग हो सकता है।

    इसलिए एयरलाइन द्वारा टिकट का पैसा वापस कर दिया जाना जरूरी नहीं कि मुआवजे के दावे को स्वतः समाप्त कर दे। दोनों के लिए लागू नियम और परिस्थितियां अलग हो सकती हैं।

    क्या एयरलाइन यात्री को सिर्फ वाउचर दे सकती है?

    मुआवजे के भुगतान के तरीके को लेकर भी यात्रियों के अधिकार महत्वपूर्ण हैं। उपलब्ध DGCA प्रावधानों के अनुसार, मुआवजा नकद, बैंक ट्रांसफर या यात्री की सहमति से ट्रैवल वाउचर के रूप में दिया जा सकता है।

    इसका अर्थ है कि यदि यात्री वाउचर स्वीकार नहीं करना चाहता, तो एयरलाइन उसे केवल वाउचर लेने के लिए मजबूर नहीं कर सकती।

    यात्रियों को ऐसे मामलों में एयरलाइन से लिखित रूप में यह पूछना चाहिए कि रद्दीकरण किस कारण से हुआ, वैकल्पिक उड़ान की क्या व्यवस्था है और मुआवजे के लिए उनकी पात्रता क्या है।

    यात्रियों को क्या करना चाहिए?

    ऐसी स्थिति में यात्रियों के लिए सबसे जरूरी है कि वे अपनी यात्रा से संबंधित दस्तावेज सुरक्षित रखें। टिकट, बोर्डिंग पास, बुकिंग कन्फर्मेशन, एयरलाइन के संदेश और रद्दीकरण से संबंधित ईमेल या एसएमएस भविष्य में दावे के दौरान उपयोगी हो सकते हैं।

    यात्री एयरलाइन से लिखित रूप में रिफंड, वैकल्पिक उड़ान और मुआवजे की जानकारी मांग सकते हैं। यदि एयरलाइन की ओर से उचित समाधान नहीं मिलता, तो यात्री संबंधित विमानन शिकायत तंत्र के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

    तकनीकी खराबी की वास्तविक वजह पर निर्भर करेगा मामला

    दिल्ली-अबू धाबी उड़ान के मामले में फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण जानकारी तकनीकी समस्या की वास्तविक प्रकृति है। Etihad ने उड़ान रद्द होने का कारण तकनीकी समस्या बताया है, लेकिन उपलब्ध रिपोर्टों में इसकी विस्तृत वजह स्पष्ट नहीं हुई है।

    यही जानकारी यह तय करने में महत्वपूर्ण हो सकती है कि यात्रियों को केवल वैकल्पिक उड़ान या रिफंड मिलेगा या वे निर्धारित मुआवजे के भी पात्र होंगे।

    फिलहाल इतना स्पष्ट है कि विमान में पहले से सवार यात्रियों के लिए उड़ान का बाद में रद्द होना उन्हें रद्दीकरण से जुड़े अधिकारों से स्वतः वंचित नहीं करता। DGCA के नियमों में यात्रियों के लिए रिफंड, वैकल्पिक यात्रा, भोजन और आवश्यकता पड़ने पर आवास जैसी व्यवस्थाओं का प्रावधान है, जबकि मुआवजा उड़ान रद्द होने की परिस्थितियों और लागू अपवादों पर निर्भर करता है।

    इस मामले में अंतिम स्थिति Etihad द्वारा तकनीकी खराबी की प्रकृति स्पष्ट किए जाने और संबंधित नियामकीय प्रावधानों के आधार पर ही तय होगी।

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