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    यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी वाटिका, जयपुर के फार्मेसी विभाग द्वारा स्वास्थ्य जागरूकता एवं परामर्श सत्र का आयोजन

    1 hour ago

     शैक्षणिक ज्ञान एवं वास्तविक स्वास्थ्य सेवाओं के बीच समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से फार्मेसी विभाग, यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, वाटिका, जयपुर द्वारा स्वास्थ्य जागरूकता एवं परामर्श सत्र का आयोजन किया गया। यह सत्र जीवन रेखा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा संचालित किया गया।

    कार्यक्रम के शुभारंभ के समय प्रेसिडेंट डॉ रश्मि जैन, कुलसचिव डॉ अनूप शर्मा,डीन रिसर्च डॉ रोहित सारस्वत, डीन डॉ राम गर्ग, प्रिंसिपल डॉ मनोज खारड़िया, विभिन्न विभागों के अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, प्राचार्य, विद्यार्थी, स्टाफ एवं समस्त संकाय सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य स्वास्थ्य, रोग निवारण एवं रोगी परामर्श के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा विभिन्न पेशेवर क्षेत्रों के बीच सहयोग को प्रोत्साहित करना था।

    प्रथम सत्र में डॉ शुभ्रांशु ने “स्वस्थ फेफड़े, स्वस्थ जीवन” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने अस्थमा एवं सीओपीडी जैसी सामान्य श्वसन संबंधी बीमारियों के बारे में जानकारी दी तथा रोगियों को सही परामर्श देकर दवाओं के उचित सेवन में फार्मासिस्ट की भूमिका पर प्रकाश डाला।

    द्वितीय सत्र में डॉ अदिति अग्रवाल ने “तनाव प्रबंधन एवं इंटरनेट की लत” विषय पर संबोधित किया। उन्होंने युवाओं में बढ़ते तनाव एवं डिजिटल निर्भरता के मामलों पर चर्चा की तथा परामर्श की व्यावहारिक तकनीकों एवं रोकथाम उपायों की जानकारी दी।

     

    प्रेसिडेंट डॉ. रश्मि जैन ने कहा कि आज की तेज़ रफ्तार दुनिया में स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियाँ केवल शरीर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि मन पर भी गहरा प्रभाव डालती हैं। फेफड़ों के स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएँ—चाहे वे प्रदूषण, जीवनशैली या संक्रमण के कारण हों—तेज़ी से बढ़ रही हैं। साथ ही, मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित चिंताएँ जैसे तनाव, चिंता और अवसाद भी उतनी ही गंभीर होती जा रही हैं और हमारे ध्यान एवं देखभाल की आवश्यकता रखती हैं।

    उन्होंने कहा कि आज का यह स्वास्थ्य सत्र केवल परामर्श तक सीमित नहीं है, बल्कि जागरूकता, रोकथाम और सशक्तिकरण का माध्यम है। यह एक स्वस्थ समुदाय के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जहाँ शारीरिक और मानसिक—दोनों प्रकार के स्वास्थ्य को समान महत्व दिया जाता है।

     

    प्रो- प्रेसिडेंट डॉ. अंकित गांधी ने अपने संदेश में कहा कि स्वास्थ्य प्रत्येक व्यक्ति की सर्वोपरि संपदा है, जिसके संरक्षण, संवर्धन एवं सुरक्षित रख-रखाव का दायित्व प्रत्येक नागरिक पर समान रूप से निहित है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण हेतु समय-समय पर स्वास्थ्य जागरूकता, निवारक उपायों तथा नियमित चिकित्सकीय परामर्श को अपनाना आवश्यक है। साथ ही, उन्होंने शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने को प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक एवं सामाजिक कर्तव्य बताते हुए सभी से इसके पालन का आह्वान किया

     

     

    प्रो-चेयरपर्सन डॉ. अंशु सुराना ने इस सत्र को अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताया तथा अपने संदेश में कहा कि ऐसे स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम समय की आवश्यकता हैं। उन्होंने कहा कि शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक स्वास्थ्य पर भी समान रूप से ध्यान देना आवश्यक है, ताकि व्यक्ति संतुलित, स्वस्थ और सकारात्मक जीवन जी सके। साथ ही उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार के अधिक से अधिक कार्यक्रम आयोजित करने पर बल दिया, ताकि विद्यार्थियों, कर्मचारियों एवं समाज के अन्य लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जा सके तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जा सके

     

    कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। फार्मेसी विभागाध्यक्ष ने अतिथि वक्ताओं एवं जीवन रेखा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल का बहुमूल्य समय एवं मार्गदर्शन हेतु आभार व्यक्त किया।

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