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    दिल्ली में घना कोहरा और प्रदूषण की मार, हवा की गुणवत्ता फिर बिगड़ी

    2 hours ago

    नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार सुबह घने कोहरे के साथ प्रदूषण ने एक बार फिर लोगों की परेशानी बढ़ा दी। सुबह के समय दृश्यता बेहद कम हो गई, जिससे सड़क और हवाई यातायात पर भी असर पड़ा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, तड़के राजधानी के प्रमुख इलाकों में कोहरे की स्थिति गंभीर रही और दृश्यता कई स्थानों पर 100 मीटर तक सिमट गई।

    आईएमडी ने बताया कि पालम और सफदरजंग दोनों मौसम केंद्रों पर सुबह के समय दृश्यता बेहद कम दर्ज की गई। कोहरे के कारण वाहन चालकों को खासा सतर्क रहना पड़ा, वहीं कई इलाकों में सुबह की रफ्तार भी धीमी रही। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि सर्द हवाओं की कमी और नमी के बढ़े स्तर के कारण कोहरे की स्थिति बनी हुई है।

    कोहरे के साथ-साथ दिल्ली की वायु गुणवत्ता में भी गिरावट दर्ज की गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, राजधानी का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 188 दर्ज किया गया, जो ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है। हालांकि, शहर के कई इलाकों में हालात इससे भी खराब रहे। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 21 निगरानी केंद्रों पर वायु गुणवत्ता ‘मध्यम’ श्रेणी में रही, जबकि 16 केंद्रों पर इसे ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज किया गया।

    सीपीसीबी के समीर ऐप से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, कुछ निगरानी केंद्रों का डेटा तत्काल उपलब्ध नहीं हो सका। वहीं, लोधी रोड क्षेत्र में एक्यूआई 116 दर्ज किया गया, जो राजधानी के प्रमुख निगरानी केंद्रों में सबसे कम रहा और अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति को दर्शाता है।

    प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानकों के अनुसार, 0 से 50 के बीच एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 से 100 को ‘संतोषजनक’, 101 से 200 को ‘मध्यम’, 201 से 300 को ‘खराब’, 301 से 400 को ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच को ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है। इन मानकों के आधार पर देखा जाए तो दिल्ली की हवा फिलहाल राहत देने वाली स्थिति में नहीं है।

    वायु गुणवत्ता पूर्व-चेतावनी प्रणाली (एक्यूईडब्ल्यूएस) ने भी चिंता बढ़ाने वाला अनुमान जारी किया है। प्रणाली के अनुसार, अगले दो दिनों तक दिल्ली की वायु गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में बनी रह सकती है। इतना ही नहीं, आने वाले लगभग छह दिनों तक भी प्रदूषण के स्तर में विशेष सुधार की संभावना नहीं जताई गई है।

    तापमान की बात करें तो राजधानी में न्यूनतम तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक दर्ज किया गया। सफदरजंग मौसम केंद्र पर न्यूनतम तापमान 10.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि पालम में यह 10.7 डिग्री सेल्सियस रहा। लोधी रोड और रिज समेत अन्य इलाकों में न्यूनतम तापमान 11 से 11.4 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले समय में अधिकतम तापमान लगभग 17 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रह सकता है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दी के मौसम में हवा की रफ्तार कम होने और तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण प्रदूषण लंबे समय तक वातावरण में बना रहता है। ऐसे में बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से सुबह-शाम खुले में व्यायाम करने से बचने और जरूरत पड़ने पर मास्क के उपयोग की अपील की है।

     

    कुल मिलाकर, दिल्ली में कोहरे और प्रदूषण का यह संयुक्त असर फिलहाल जारी रहने की संभावना है। मौसम और प्रदूषण से जुड़ी एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, जबकि आम लोगों को सतर्क रहने और सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है।

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