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    घरेलू कामगारों की यूनियन ने न्यूनतम वेतन याचिका पर पुनर्विचार की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई

    2 hours ago

    घरेलू कामगारों के लिए न्यूनतम वेतन और कल्याणकारी उपायों की मांग से जुड़ी एक रिट याचिका को सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज किए जाने के बाद, घरेलू कामगार अधिकार यूनियन (डोमेस्टिक वर्कर्स राइट्स यूनियन–DWRU) ने शीर्ष अदालत से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने और मामले को दोबारा खोलने की अपील की है।

    सोमवार को बेंगलुरु में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान घरेलू कामगारों ने कहा कि इस मामले में न तो पर्याप्त सुनवाई हुई और न ही सभी पक्षों को अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिला। यूनियन ने सुप्रीम कोर्ट से इस मुद्दे पर पूर्ण, निष्पक्ष और विस्तृत सुनवाई कराने तथा समावेशी संवाद शुरू करने की मांग की।

    यूनियन का कहना है कि देशभर में लाखों घरेलू कामगार असंगठित क्षेत्र में काम कर रहे हैं और उन्हें अब तक न्यूनतम वेतन कानून और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का समुचित लाभ नहीं मिल पाया है। ऐसे में याचिका को बिना विस्तृत सुनवाई के खारिज किया जाना उनके अधिकारों के साथ अन्याय है।

    DWRU ने यह भी जोर दिया कि घरेलू कामगारों को कानूनी संरक्षण देना समय की आवश्यकता है, ताकि उन्हें शोषण से बचाया जा सके और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित किया जा सके। यूनियन ने उम्मीद जताई कि सुप्रीम कोर्ट इस संवेदनशील मुद्दे पर अपने फैसले पर पुनर्विचार करेगा और घरेलू कामगारों की आवाज सुनेगा।

     

    गौरतलब है कि इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट राज्यों से घरेलू कामगारों को न्यूनतम वेतन कानून के दायरे में लाने के लिए उपयुक्त व्यवस्था विकसित करने को कह चुका है। ऐसे में यूनियन का मानना है कि मौजूदा याचिका पर दोबारा विचार किया जाना न्यायसंगत और आवश्यक है।

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