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    सरकार के एक सर्कुलर से हड़कंप... तृतीय श्रेणी शिक्षकों को नही माना राज्य सेवा का कार्मिक

    2 hours ago

    सीधी भर्ती के बाद पूर्व सरकारी सेवा के पे-प्रोटेक्शन वेतन की कटौती का मामला

    राजस्थान सरकार के वित्त विभाग ने 2 जून को एक आदेश जारी किया गया है जिसमें कि तृतीय श्रेणी अध्यापकों को राज्य सरकार का कर्मचारी नहीं माना गया है और ऐसे जितने भी तृतीय श्रेणी शिक्षक अन्य उच्च पदों पर सीधी भर्ती से नियुक्त हुए हैं और पे प्रोटेक्शन का लाभ लिया है उनके वेतन नियतन पुनः कर अधिक भुगतान वसूली के आदेश जारी करने की तैयारी की जा रही है।

    इस परिपत्र के अनुसार राज्य के सार्वजनिक उपक्रमों/ स्वायत्तशासी संस्थाओं/ स्थानीय निकायों एवं पंचायतीराज संस्थाओं के कार्मिक राज्य सरकार के कर्मचारी नहीं हैं, अतः ऐसे कार्मिक यदि सीधी भर्ती के माध्यम से राजकीय सेवा में नियुक्त होते हैं तो उन्हें राजस्थान सेवा नियम, 1951 के नियम 24 एवं 26 के अंतर्गत पूर्व पद का वेतन संरक्षण(Pay-protection) देय नहीं होगा।

    जिसके आधार पर पूरे राजस्थान में मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों द्वारा कार्यालय स्तर पर कमेटियों का गठन करके सेवा-पुस्तिकाओं का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। जिनमें ऐसे कार्मिक जो पूर्व में अध्यापक तृतीय श्रेणी में थे अथवा अन्य विभाग से अध्यापक तृतीय श्रेणी पर नियुक्त हुए, की सेवा-पुस्तिकाओं में वेतन-संरक्षण(Pay-protection) को त्रुटिपूर्ण और नियम विरुद्ध बताया जा रहा है।

    ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के दिनांक 14/3/11 के परिपत्र के प्रारंभिक शिक्षा, स्कूल शिक्षा विभाग के अधीन है एवं तृतीय श्रेणी अध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया के अतिरिक्त समस्त सेवा प्रकरण पैतृक विभाग अर्थात स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संपादित किए जाने हैं। अतः जिन अध्यापकों की नियुक्ति जिला परिषद/ पंचायत समिति के माध्यम से तृतीय श्रेणी अध्यापक के रूप में हुई थी तथा वर्तमान में उनका पैतृक विभाग शिक्षा विभाग ही है।

    राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विपिन प्रकाश शर्मा ने बताया कि शिक्षा विभाग में सभी कार्मिकों के नियुक्ति से अब तक वेतन निर्धारण की जांच की जा रही है।

    अनेक प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्कूलों में नियुक्त अध्यापक तृतीय श्रेणी (अध्यापक लेवल -1 व अध्यापक लेवल -2) सीधी भर्ती से प्राध्यापक व अन्य पदों चयनित होते रहे हैं। वर्तमान में शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं।

    अनेक जिलों में वेतन निर्धारण की जांच के दौरान प्राथमिक तथा उच्च प्राथमिक स्कूलों में नियुक्त हुए तृतीय श्रेणी अध्यापकों को राजकीय सेवा नहीं मानकर सीधी भर्ती से प्राध्यापक पदों पर जॉइन के बाद पे प्रोटेक्शन को सही नहीं माना जा रहा है। आक्षेप लगाकर कटौती के आदेश किए जा रहे हैं। जिसका संगठन पूरजोर‌ विरोध करता है, इस सम्बन्ध में निदेशक से स्पष्ट आदेश जारी करने की मांग की है।

    *राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के मुख्य महामंत्री महेंद्र पाण्डे ने‌ बताया कि प्राथमिक तथा उच्च प्राथमिक विद्यालयों में नियुक्त अध्यापक तृतीय श्रेणी Panchayati Raj Institutions के नहीं राज्य सरकार शिक्षा विभाग के कार्मिक हैं। इसके सम्बन्ध में निम्न तथ्य है ---

    1- पंचायत समिति में प्राथमिक विद्यालयों में विकास अधिकारी द्वारा नियुक्ति व जिला परिषद द्वारा चयनित अध्यापक तृतीय श्रेणी की वरिष्ठता RESSR 1971 व RES 2021 के अनुसार जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक शिक्षा द्वारा संधारित की जाती है। ( ज्ञात रहे वरिष्ठता निर्धारण नियुक्ति अधिकारी द्वारा होती है )

    2- उक्त वरिष्ठता से शिक्षा शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अध्यापक पदों पर पदौन्नतियां होती है।

    3- फिर इन्हीं वरिष्ठ अध्यापकों की शिक्षा विभाग के RESSR 1971 व RES 2021 नियमानुसार प्राध्यापक, वाइस प्रिंसिपल, प्रिंसिपल, जिला शिक्षा अधिकारी आदि पदों पर पदोन्नतियां होती है।

    4- राजस्थान सरकार ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज) क्रमांकःएफ.4 (2) पंराज / सशक्त/2010/10 जयपुर, दिनांकः 14-3-2011 आज्ञा के बिन्दु 9 "प्रारम्भिक शिक्षा के संदर्भ में वर्तमान व्यवस्था जिसमें प्रारम्भिक शिक्षा स्कूल शिक्षा विभाग के अधीन है, को ही पैतृक विभाग रखे जाने की वर्तमान स्थिति को लागू रखा जावे " वर्णित है। यही विवरण प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर के परिचय में अंकित है।

    5- राज्य में गठित कर्मचारी चयन बोर्ड जयपुर द्वारा अध्यापक लेवल -1 व अध्यापक लेवल -2 पदों पर नियुक्ति के लिए जारी विज्ञापन में स्पष्ट लिखा जाता है कि सामान्य/संस्कृत शिक्षा के लिए। विज्ञापन 06-11-2025

    6- इनके वेतन से जीपीएफ, एसआई कटौती हो रही है।

    7- शिक्षा विभाग के पदोन्नति नियमों के तहत इन्हें चयनित वेतनमान/एसीपी/एमएसीपी स्वीकृत हो रहे हैं।

    8- इन्हें प्रथम नियुक्ति से गणना कर सेवानिवृत्ति पर राज्य कार्मिकों के समान पेंशन स्वीकृत हो रही है।

    9- शिक्षा विभाग में अध्यापक लेवल-1 व अध्यापक लेवल -2 को नियुक्ति के बाद प्राथमिक, उच्च प्राथमिक तथा उच्च माध्यमिक विद्यालयों में पोस्टिंग दी जाने लगी है। शिविरा-प्रारं/नियु-प्रको/नियु-2/982/नवीन भर्ती 48000/वो-2/2022/ दिनांक 04-08-2023

     संगठन का आग्रह है कि उक्त वेतन निर्धारण आक्षेप के संदर्भ में स्पष्टीकरण जारी कर आक्षेप व कटौती आदेश प्रत्याहरित करवाया जाना समीचीन रहेगा ताकि अध्यापक लेवल -1 व अध्यापक लेवल -2 रहते मेहनत से सीधी भर्ती से उच्च पद (वरिष्ठ अध्यापक, प्राध्यापक) पर चयनित होने वालों की पे प्रोटेक्शन यथावत रहे एवं वेतन कटौती नहीं हो।

     

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