Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    सक्सेस का असली मतलब सोसाइटी को वापस देना है: प्रो. अच्युता सामंत ने जेईसीआरसी ग्रेजुएट्स को सिखाया ’आर्ट ऑफ गिविंग'

    3 months ago

    -इंटेलिजेंस विद ह्यूमैनिटी: जेईसीआरसी कॉन्वोकेशन में लीडरशिप का नया डेफिनिशन

    -इंजीनियरिंग ही नहीं, अब 'नए स्कूल्स' के छात्र भी छू रहे आसमान: क्लैट और एसएसबी में चयन लेकर जेईसीआरसी के स्टूडेंट्स ने बढ़ाया गौरव

    जयपुर,

    जेनेसिस- यानी एक नई शुरुआत। इसी विज़न के साथ जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी का नवां कॉन्वोकेशन, स्टूडेंट्स की एकेडमिक जर्नी के कल्मिनेशन और प्रोफेशनल लाइफ़ के आगाज़ का गवाह बना। 9.6% की रिमार्केबल ग्रोथ के साथ, शनिवार को हुए इस समारोह में 2,704 ग्रेजुएट्स ने दीक्षांत परेड का हिस्सा बनते हुए अपनी हार्ड-अर्नड डिग्रीज़ रिसीव कीं।

    महज 4 साल की उम्र में पिता को खोने और घोर गरीबी में 7 भाई-बहनों के साथ पलने वाले चीफ गेस्ट, प्रो. अच्युता सामंत (फाउंडर - केआईआईटी, केआईएसएस, केआईएमएस, भुबनेश्वर, उड़ीसा & फ़ॉर्मर एमपी,
    गवर्नमेंट ऑफ़ इंडिया) ने बताया कि कैसे, मात्र 5,000 रुपये और 12 स्टूडेंट्स के साथ एक छोटे से वोकेशनल सेंटर की शुरुआत की गई, जो आज केआईआईटी और केआईएसएस जैसे वर्ल्ड-क्लास इंस्टिट्यूशंस बन चुके हैं। अपने की-नोट एड्रेस में 'एजुकेशन' और 'ह्यूमैनिटी' के बैलेंस को लाइफ का सबसे बड़ा एसेट बताया। उन्होंने कहा कि रियल सक्सेस केवल डिग्री या हाई-पेइंग जॉब्स तक लिमिटेड नहीं है, बल्कि इसका असली मकसद सोसाइटी में पॉजिटिव इम्पैक्ट क्रिएट करना है। प्रो. सामंत ने ग्रेजुएट्स से अपील की कि वे अपने प्रोफेशनल करियर में कितनी भी ऊंचाइयों पर पहुँचें, लेकिन अपनी रूट्स और सिंपलिसिटी को कभी न भूलें। उनके अनुसार, एक एम्पैथेटिक और विज़नरी लीडर ही सही मायनों में नेशन बिल्डिंग में कंट्रीब्यूट करता है।

    वहीं, गेस्ट ऑफ ऑनर, रेवती मन्नेपल्ली (जॉइंट वायरलेस एडवाइज़र, गवर्नमेंट ऑफ इंडिया) ने यंग ग्रेजुएट्स को गाइड किया कि प्रोफेशनल ग्रोथ कभी भी लीनियर नहीं होती, इसलिए सेटबैक्स से घबराने के बजाय रेजिलिएंस के साथ आगे बढ़ना ज़रूरी है। उन्होंने टेक्नोलॉजी के इस दौर में एजुकेशन को महज़ एक स्किल सेट न मानकर इसे एक मोरल कंपास के रूप में अपनाने की सलाह दी, ताकि वे फ्यूचर चैलेंजेज़ का सामना एक एथिकल लीडर की तरह कर सकें।

    इस हिस्टोरिक मौके पर 1,966 अंडरग्रेजुएट्स और 720 पोस्टग्रेजुएट्स को डिग्रीज़ कन्फर की गईं। साथ ही रिसर्च को प्रोत्साहन देते हुए 18 पीएचडी डिग्रीज़ और सोसाइटी में एक्सेप्शनल कंट्रीब्यूशन के लिए चीफ गेस्ट, प्रो. अच्युता सामंत व गेस्ट ऑफ ऑनर, रेवती मन्नेपल्ली को 'ऑनरिस कॉज़ा' से सम्मानित किया गया। वहीं, एकेडमिक एक्सीलेंस को रिवॉर्ड करते हुए 37 गोल्ड, 22 सिल्वर और 11 ब्रॉन्ज़ मेडल्स मेरिटोरियस स्टूडेंट्स को सौंपे गए।

    सेरेमनी को प्रिसाइड करते हुए जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के चेयरपर्सन, ओ. पी. अग्रवाल ने इंस्टिट्यूशन की लिगेसी और फ्यूचर रोडमैप पर बात की। उन्होंने अलवर में नए 'जेईसीआरसी एनसीआर कैंपस' और 2027 तक 150 सीट्स वाले मेडिकल कॉलेज की घोषणा की। साथ ही स्वामी विवेकानंद के विचारों को साझा करते हुए कहा कि एजुकेशन मनुष्य के भीतर मौजूद परफेक्शन का मैनिफेस्टेशन है। यूथ को इंस्पायर करते हुए यह स्पष्ट किया कि फेलियर सफलता का अपोजिट नहीं, बल्कि जर्नी का इंटिग्रल पार्ट है। उन्होंने ग्रेजुएट्स को सलाह दी कि वे असफलताओं से डरने के बजाय 'गिविंग अप टू सून' से डरें, क्योंकि इतिहास के हर महान इन्वेंशन और विज़नरी लीडर के पीछे 'परसिस्टेंस' ही सबसे बड़ी ताकत रही है। साथ ही छात्रों को याद दिलाया कि वे यहाँ से सिर्फ डिग्री लेकर नहीं, बल्कि एक रिस्पॉन्सिबल सिटीज़न और 'इनोवेटर' के रूप में समाज में जा रहे हैं।

    यूनिवर्सिटी के विज़न को नई दिशा देते हुए, डिजिटल स्ट्रैटिजिस्ट धीमांत अग्रवाल ने इस अवसर पर कहा कि जेईसीआरसी की नींव 'इनोवेशन' और 'एंटरप्रेन्योरशिप' है। उन्होंने ग्रेजुएट्स को 'जॉब सीकर्स' के बजाय 'जॉब क्रिएटर्स' बनने का आह्वान किया। उनका मानना है कि 'जेनेसिस' सिर्फ डिग्री लेने का दिन नहीं, बल्कि उन विज़नरी आइडियाज़ को एग्ज़िक्यूट करने की शुरुआत है जो 'न्यू इंडिया' की तस्वीर बदलेंगे।

    यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट प्रो. विक्टर गंभीर ने एनुअल रिपोर्ट में बताया कि इस साल 20,000 से अधिक स्टूडेंट्स कैंपस में एनरोल्ड हैं और प्लेसमेंट ड्राइव्स में 174 कंपनियों ने हिस्सा लिया, जिसमें, एक्सेंचर, कैपजेमिनी, अमेज़ॅन, एलटीआई माइंडट्री, कॉग्निजेंट जैसी टॉप एमएनसीज़ शामिल हैं। उन्होंने साझा किया कि पासिंग-आउट बैच के लिए अब तक 2230 से अधिक प्लेसमेंट ऑफर्स रिसीव किए जा चुके हैं व यूनिवर्सिटी का हाईएस्ट पैकेज 33 लाख व एवरेज पैकेज 6 लाख रहा।

    प्रो. सामंत के 'नेवर गिव अप' एटीट्यूड की जीती-जागती मिसाल बनकर उभरे स्कूल ऑफ़ लॉ के एलुम्नस अक्षत तिवारी। जिस तरह प्रो. सामंत के लिए शिक्षा ही एकमात्र सहारा थी, वैसे ही अक्षत के लिए जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी एक 'इमोश्नल एंकर' साबित हुई। क्लैट पीजी में 326वीं रैंक के साथ एनएलयू दिल्ली तक पहुँचने का अक्षत का सफर आसान नहीं था। भावुक होते हुए उन्होंने साझा किया कि 'इनिशियल फेलियर्स' ने उनके कॉन्फ़िडेंस को पूरी तरह हिला दिया था। ऐसे वक्त में जब उम्मीद धुंधली पड़ने लगी थी, तब यूनिवर्सिटी के सपोर्टिव ऐकडेमिक एनवायरनमेंट ने उन्हें बिखरने नहीं दिया। उन्होंने विशेष रूप से फैकल्टी का आभार जताया, जिनके द्वारा क्लियर किए गए लीगल कॉन्सेप्ट्स ने उनकी प्रिपरेशन की फाउंडेशन रखी। राजस्थान हाई कोर्ट में 'लीगल रिसर्चर' की ज़िम्मेदारी और फिज़िकल ओएमआर जैसी स्ट्रैटेजीज़ के साथ लिखी गई उनकी यह जीत साबित करती है कि चाहे प्रो. सामंत की तरह संसाधनों की कमी हो या अक्षत की तरह शुरुआती असफलताएं- अगर इरादे पक्के हों, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती।

    वहीं, अपने अंकल की देश के प्रति समर्पण की भावना से प्रभावित होकर डिफेंस सर्विसेज़ में करियर बनाने का सपना देखने वाले बीबीए (बीएफएसआई) के छात्र शुभवर्धन सिंह हाडा ने 123वि एसएससी (एनसीसी स्पेशल एंट्री) के तहत 34 एसएसबी इलाहाबाद से रेकमेंडेशन हासिल कर यूनिवर्सिटी का गौरव बढ़ाया।शुभवर्धन ने अपने कॉलेज डेज़ में एक सक्रिय एनसीसी कैडेट के रूप में कई कैंप्स में हिस्सा लिया, जिसने उनकी लीडरशिप स्किल्स को मजबूत किया।

    इन सभी उपलब्धियों के पीछे एक मजबूत 'मैंटल सपोर्ट सिस्टम' का भी हाथ है। कैंपस पर स्थापित एम्पावर सेल आज 5000 से अधिक स्टूडेंट्स की मेंटल वैल-बींग का ख्याल रख रहा है। यह सेल न केवल एक काउंसलिंग सेंटर है, बल्कि एक सेफ स्पेस है जो स्टूडेंट्स को एकेडमिक प्रेशर और पर्सनल चैलेंजेस फ़ेस करने को एम्पावर करता है, ताकि वे बिना किसी मानसिक तनाव के अपने लक्ष्यों को हासिल कर सकें।

    Click here to Read More
    Previous Article
    देवस्थान विभाग मंत्री जोराराम कुमावत का झुंझुनूं दौरा आज
    Next Article
    उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कोटा हाड़ौती ट्रैवल मार्ट-2026 में प्रदर्शनी का किया शुभारंभ

    Related जॉब और कॅरियर Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment