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    बहुविषयक शोध से विकसित भारत की राह होगी मजबूत

    1 hour ago

    कानोड़िया पीजी महिला महाविद्यालय, जयपुर एवं इंस्पिरा रिसर्च एसोसिएशन (IRA), जयपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया: मल्टीडिसिप्लिनरी रिसर्च एंड इनोवेशन ICTMRI Hybrid-2026” का आज समापन हुआ। समापन समारोह में महाविद्यालय प्राचार्य एवं आयोजन संयोजक डॉ. सीमा अग्रवाल ने स्वागत उद्बोधन में सभी अतिथियों, शोधकर्ताओं एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान समय में जटिल सामाजिक एवं राष्ट्रीय चुनौतियों के समाधान के लिए विभिन्न विषयों के बीच सहयोग और समन्वय आवश्यक है। डॉ. रंजना अग्रवाल ने सम्मेलन की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए विभिन्न अकादमिक सत्रों एवं शोध प्रस्तुतियों की जानकारी दी। समारोह के मुख्य अतिथि प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल, कुलगुरु, महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर ने अपने उद्बोधन में भारत की समृद्ध बौद्धिक एवं शोध परंपरा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक शोध के साथ जोड़ते हुए अनुसंधान को सामाजिक समस्याओं के समाधान की दिशा में आगे बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने अकादमिक विषयों के अत्यधिक विभाजन के स्थान पर विभिन्न ज्ञान-विषयों के बीच समन्वय और संवाद की आवश्यकता पर बल दिया। प्रो. एन.डी. माथुर, कुलगुरु, विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी, जयपुर ने कहा कि विभिन्न विषयों के बीच अंतर्सबंध को प्रभावी एवं उपयोगी शोध के लिए आवश्यक बताया। प्रो. अनुकृति शर्मा, विभागाध्यक्ष, पर्यटन एवं आतिथ्य प्रबंधन विभाग, कोटा विष्वविद्यालय ने तकनीकी विकास के साथ कौशल विकास को समान रूप से महत्वपूर्ण बताया और युवाओं को रोजगार देने वाला बनने हेतु प्रेरित किया। प्रो. एच.एस. शर्मा, पूर्व विभागाध्यक्ष, भूगोल विभाग, राजस्थान विश्वविद्यालय ने शोध में नवीनता एवं नवाचार को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। वहीं डॉ. रश्मि चतुर्वेदी, निदेशक, कानोड़िया पीजी महिला महाविद्यालय ने कन्वर्जेन्स, ट्रांसफॉर्मेशन एवं इनोवेशन को वर्तमान शोध की प्रमुख आवश्यकता बताया। सम्मेलन के अंतर्गत तीसरे तकनीकी सत्र में सामाजिक विज्ञान, शिक्षा, विधि एवं लोक प्रशासन तथा चौथे तकनीकी सत्र में विज्ञान, इंजीनियरिंग, स्वास्थ्य, कृषि एवं पर्यावरणीय स्थिरता विषयों पर शोध-पत्र प्रस्तुत किए गए। विभिन्न विषयों के शोधकर्ताओं ने अपने शोध निष्कर्ष साझा किए, जिससे सम्मेलन में सार्थक एवं बहुआयामी अकादमिक संवाद को बढ़ावा मिला। समापन समारोह में इंस्पिरा रिसर्च एसोसिएशन द्वारा उत्कृष्ट शोध एवं अकादमिक योगदान के लिए विभिन्न पुरस्कार प्रदान किए गए। इसके अंतर्गत अकादमिक एवं शोध क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए महाविद्यालय निदेशक, डॉ. रश्मि चतुर्वेदी एवं प्रो. एच.एस. शर्मा को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। दो दिन के चारों तकनीकी सत्रों में उत्कृष्ट शोध-पत्र प्रस्तुत करने वाले प्रतिभागियों को बेस्ट पेपर अवॉर्ड भी प्रदान किए गए। अंत में इंस्पिरा की ओर से डॉ रविकांत मोदी ने इस सफल आयोजन के लिए सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया ।इस दो दिवसीय सम्मेलन में 400 से अधिक प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर इस आयोजन को सार्थकता प्रदान की और देश-विदेश के लगभग 150 शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं एवं विषय-विशेषज्ञों ने ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से सहभागिता करते हुए बहुविषयक शोध, नवाचार और ज्ञान के समन्वय पर पत्र प्रस्तुत कर विचार-विमर्श किया।

     

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