Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    आस्था और पर्यावरण की बड़ी जीत: भैराणा धाम में प्रस्तावित रीको इंडस्ट्रियल एरिया का आवंटन निरस्त

    1 day ago

    संतों और ग्रामीणों के लंबे संघर्ष का हुआ सुखद अंत

    दूदू (जयपुर)। दादू पंथ की लगभग 500 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक एवं पवित्र तपोस्थली भैराणा धाम (बिचून) में प्रस्तावित रीको (RIICO) औद्योगिक क्षेत्र की परियोजना को आखिरकार निरस्त कर दिया गया है। राज्य सरकार और प्रशासन द्वारा 21 खसरों की लगभग 206.98 हेक्टेयर (करीब 800 बीघा) जमीन के आवंटन को निरस्त किए जाने के बाद संत समाज, श्रद्धालुओं और स्थानीय ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

     क्या था पूरा मामला

    जयपुर ग्रामीण के बिचून/दूदू क्षेत्र स्थित संत दादू दयाल जी की तपोस्थली भैराणा धाम की 800 बीघा जमीन पर राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (RIICO) द्वारा इंडस्ट्रियल पार्क विकसित करने की योजना बनाई गई थी।

    इस परियोजना के विरोध में संत समाज, स्थानीय ग्रामीण और 'भैराणा धाम बचाओ संघर्ष समिति' पिछले कई महीनों से अनिश्चितकालीन आंदोलनरत थे। संतों और ग्रामीणों का कहना था कि औद्योगिक क्षेत्र बनने से धाम की आध्यात्मिक पवित्रता, हजारों पेड़-पौधों से समृद्ध प्राकृतिक ग्रीन बेत और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुँचता।

    संतों का 'अग्नि-तप' और जयपुर कूच का अल्टीमेटम

    आंदोलन के दौरान विरोध प्रदर्शन बेहद तीखा हो गया था:

    • संतों का तप: कड़कड़ाती धूप और भीषण गर्मी के बीच साधु-संतों ने धूणियों के पास बैठकर 'अग्नि-तप' किया और धरना दिया।

    • जनसमर्थन व सियासत: आंदोलन को स्थानीय जनप्रतिनिधियों, नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल एवं राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों का खुलकर समर्थन मिला।

    • जयपुर कूच का अल्टीमेटम: 27 मई को आयोजित विशाल महापंचायत के दौरान सरकार को अल्टीमेटम देते हुए जयपुर कूच का ऐलान किया गया था, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया।

    • प्रशासनिक वार्ता और ऐतिहासिक फैसला

    आंदोलन के उग्र रूप को देखते हुए प्रशासन ने वार्ता का दौर शुरू किया। जयपुर रेंज आईजी और जयपुर जिला कलेक्टर ने संघर्ष समिति तथा जन-प्रतिनिधियों के साथ लंबी दौर की वार्ताएँ कीं।

    जाँच और समीक्षा के बाद अंततः सरकार ने जनभावनाओं, धार्मिक आस्था और पर्यावरणीय संतुलन को सर्वोपरि मानते हुए 800 बीघा जमीन पर प्रस्तावित रीको औद्योगिक क्षेत्र के आवंटन को पूरी तरह निरस्त करने का आदेश जारी कर दिया।

     फैसले के मायने और खुशी का माहौल

    • ग्रीन बेल्ट और तपोस्थली सुरक्षित: आवंटन रद्द होने से अब इस क्षेत्र में किसी भी तरह की फैक्ट्रियां या औद्योगिक इकाइयाँ स्थापित नहीं होंगी, जिससे भैराणा धाम का आध्यात्मिक वातावरण और ग्रीन एरिया पूरी तरह सुरक्षित रहेगा।

    • संतों और जनता में उत्सव: निर्णय की जानकारी मिलते ही भैराणा धाम परिसर में संतों और ग्रामीणों ने एक-दूसरे को बधाई दी और इसे सत्य, धर्म व पर्यावरण की ऐतिहासिक जीत बताया।

    Click here to Read More
    Previous Article
    गोविंद सिंह डोटासरा, टीकाराम जूली, मुकेश भाकर व अन्य वरिष्ठ नेताओं की समझाइश के बाद अनशनकारी छात्र नेता शुभम रेवाड़ ने तोड़ा अनशन
    Next Article
    Former Tehelka Editor Tarun Tejpal Sentenced to 10 Years in 2013 Sexual Assault Case; Bombay High Court Overturns Acquittal

    Related राजस्थान Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment