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    तमिलनाडु विधानसभा में विजय सरकार ने हासिल किया विश्वास मत, विपक्ष ने उठाए कई सवाल

    5 hours ago

    Yugcharan News / 13 May 2026

    तमिलनाडु की राजनीति में बुधवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) सरकार ने विधानसभा में विश्वास मत हासिल कर लिया। विधानसभा में हुए शक्ति परीक्षण के दौरान सरकार के पक्ष में 144 विधायकों ने मतदान किया, जबकि 22 सदस्यों ने प्रस्ताव का विरोध किया। वहीं पांच सदस्य मतदान से दूर रहे।

    यह शक्ति परीक्षण राज्य की नई राजनीतिक परिस्थितियों और चुनाव परिणामों के बाद बने समीकरणों के बीच आयोजित किया गया था। विधानसभा की कार्यवाही के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। विपक्षी दलों ने सरकार के गठन और समर्थन जुटाने के तरीके को लेकर सवाल उठाए, जबकि मुख्यमंत्री विजय ने अपनी सरकार को “जनता की सरकार” बताते हुए सभी कल्याणकारी योजनाओं को जारी रखने का भरोसा दिया।

    विधानसभा में दिनभर चला राजनीतिक घटनाक्रम

    तमिलनाडु विधानसभा का सत्र बुधवार सुबह शुरू हुआ। मुख्यमंत्री विजय ने सदन में विश्वास प्रस्ताव पेश किया और अपनी सरकार के लिए बहुमत साबित करने का अनुरोध किया। इसके बाद विभिन्न दलों के नेताओं ने प्रस्ताव पर अपनी-अपनी राय रखी।

    शुरुआती चरण में कांग्रेस, CPI(M), CPI, VCK और IUML सहित कई दलों ने TVK सरकार को समर्थन देने की घोषणा की। इसके अलावा AIADMK के बागी गुट ने भी सरकार के पक्ष में मतदान करने का ऐलान किया, जिसने पूरे राजनीतिक समीकरण को बदल दिया।

    विश्वास मत के दौरान कुल 171 विधायक सदन में मौजूद रहे। मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्पीकर ने घोषणा की कि सरकार को 144 मत प्राप्त हुए हैं और प्रस्ताव पारित हो गया है।

    DMK का वॉकआउट

    विश्वास मत से पहले विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने सदन में सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने बहुमत जुटाने के लिए राजनीतिक समझौतों और “बैकडोर” समर्थन का सहारा लिया है।

    अपने संबोधन में उन्होंने मुख्यमंत्री विजय की हालिया राजनीतिक बैठकों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता “परिवर्तन” चाहती थी, लेकिन जो घटनाएं सामने आ रही हैं, उनसे कई नए प्रश्न खड़े हो रहे हैं।

    भाषण समाप्त होने के बाद DMK के सभी विधायक सदन से वॉकआउट कर गए। उनके साथ DMDK की विधायक प्रेमलता विजयकांत भी बाहर चली गईं।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि DMK ने मतदान से दूरी बनाकर यह संदेश देने की कोशिश की कि वह सरकार के गठन में बाधा नहीं बनना चाहती, लेकिन उसके तरीकों से सहमत भी नहीं है।

    AIADMK में अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आई

    विश्वास मत के दौरान सबसे अधिक चर्चा AIADMK के भीतर चल रहे मतभेदों को लेकर रही। पार्टी के एक धड़े ने सरकार के विरोध में मतदान किया, जबकि दूसरे समूह ने मुख्यमंत्री विजय का समर्थन कर दिया।

    पूर्व मंत्री एस.पी. वेलुमणि के नेतृत्व वाले बागी समूह ने सदन में खुलकर सरकार के पक्ष में मतदान किया। इससे सदन में कुछ समय के लिए हंगामे जैसी स्थिति बन गई।

    दूसरी ओर AIADMK नेतृत्व से जुड़े नेताओं ने आरोप लगाया कि कुछ विधायकों को कथित रूप से राजनीतिक पदों और जिम्मेदारियों के आश्वासन दिए गए। हालांकि इन आरोपों को लेकर आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

    राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि यह घटनाक्रम राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से द्रविड़ राजनीति का केंद्र रही AIADMK अब आंतरिक चुनौतियों का सामना कर रही है।

    मुख्यमंत्री विजय ने दिया “स्थिर और धर्मनिरपेक्ष सरकार” का संदेश

    विश्वास प्रस्ताव पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि उनकी सरकार धर्मनिरपेक्ष मूल्यों के आधार पर काम करेगी और राज्य के विकास को प्राथमिकता देगी।

    उन्होंने कहा कि सरकार पूर्व प्रशासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को जारी रखेगी और जनता से किए गए वादों को पूरा करने का प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उनकी सरकार राजनीतिक टकराव की जगह प्रशासनिक गति और पारदर्शिता पर ध्यान देगी।

    विधानसभा में दिए गए भाषण में उन्होंने शिक्षा, सामाजिक कल्याण और विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने का भरोसा दिया।

    NEET मुद्दा भी विधानसभा में उठा

    विश्वास मत के दौरान राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG 2026) का मुद्दा भी विधानसभा में उठा। कुछ सदस्यों ने परीक्षा में कथित अनियमितताओं और हालिया विवादों का जिक्र करते हुए राज्य सरकार से स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की।

    विधायकों ने कहा कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा को लेकर छात्रों और अभिभावकों में चिंता का माहौल है और राज्य सरकार को इस विषय पर केंद्र के समक्ष अपनी स्थिति मजबूती से रखनी चाहिए।

    इसके अलावा कुछ सदस्यों ने शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी पिछली सरकार की योजनाओं को जारी रखने की भी अपील की।

    OSD नियुक्ति पर भी उठा विवाद

    सदन की कार्यवाही के दौरान मुख्यमंत्री कार्यालय में हाल ही में हुई एक नियुक्ति को लेकर भी विपक्ष ने सवाल उठाए। विपक्षी नेताओं ने सरकार से पूछा कि किस आधार पर संबंधित व्यक्ति को विशेष दायित्व सौंपा गया है।

    हालांकि सत्ता पक्ष के मंत्रियों ने जवाब देते हुए कहा कि नियुक्ति प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत की गई है और संबंधित व्यक्ति पहले से पार्टी के मीडिया कार्यों से जुड़े रहे हैं।

    इस मुद्दे को लेकर सदन में कुछ समय तक तीखी बहस देखने को मिली।

    भाजपा और PMK ने अपनाया अलग रुख

    विश्वास मत के दौरान भारतीय जनता पार्टी के एकमात्र विधायक ने तटस्थ रहने का फैसला किया। वहीं पट्टाली मक्कल काची (PMK) के विधायकों ने मतदान से दूरी बनाई।

    राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इन दलों का रुख भविष्य की राजनीतिक रणनीति का संकेत हो सकता है। तमिलनाडु की राजनीति में नए गठबंधन और समीकरणों की संभावनाओं को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।

    सदन की कार्यवाही के बाद शुरू हुआ जश्न

    विश्वास मत जीतने के बाद TVK कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा गया। पार्टी समर्थकों ने कई स्थानों पर जश्न मनाया और इसे “नई राजनीति की शुरुआत” बताया।

    मुख्यमंत्री विजय ने सोशल मीडिया के माध्यम से समर्थन देने वाले दलों और विधायकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास करेगी।

    राज्य की राजनीति में नए दौर की शुरुआत?

    राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह शक्ति परीक्षण केवल बहुमत साबित करने तक सीमित नहीं था, बल्कि इसने तमिलनाडु की बदलती राजनीतिक दिशा को भी उजागर किया है।

    लंबे समय तक राज्य की राजनीति DMK और AIADMK के इर्द-गिर्द घूमती रही, लेकिन अब TVK के उभरने के बाद राजनीतिक समीकरण तेजी से बदलते दिखाई दे रहे हैं।

    हालांकि विपक्ष लगातार सरकार की स्थिरता और समर्थन जुटाने के तरीके पर सवाल उठा रहा है। आने वाले महीनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मुख्यमंत्री विजय अपनी सरकार को कितनी मजबूती से आगे बढ़ा पाते हैं और क्या वह जनता की अपेक्षाओं पर खरे उतरते हैं।

    फिलहाल, विधानसभा में विश्वास मत जीतकर TVK सरकार ने अपना पहला बड़ा राजनीतिक परीक्षण सफलतापूर्वक पार कर लिया है।

     
     
     
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