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    शिक्षक स्वयं आदर्श प्रस्तुत कर समाज में बदलाव के अग्रदूत बने : महेंद्र कपूर

    3 weeks ago

    आज राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के जिला जयपुर प्रथम एवम् द्वितीय का तीन दिवसीय कार्यकर्ता प्रशिक्षण वर्ग  आनंदीलाल पोद्दार राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय  (बधिर) जयपुर में सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ।
    कार्यक्रम में मुख्य वक्ता अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री महेंद्र कपूर ने हमारा विद्यालय हमारा स्वाभिमान विषय पर  संबोधित करते हुए शिक्षकों का आव्हान किया कि अपने विद्यालय को तीर्थ बनाने, आदर्श जीवन मूल्यों की स्थापना एवम्  सुसंस्कृत समाज के निर्माण के लिए उन्हें स्वयं को एक आदर्श के रूप में प्रस्तुत करना चाहिए। उन्होंने बताया कि हमारे ध्येय एवं विचार “राष्ट्र के हित में शिक्षा, शिक्षा के हित में शिक्षक, शिक्षक के हित में समाज" के पुरूषार्थ को लेकर राष्ट्रीयता और भारतीय दर्शन की भावना से ओतप्रोत, प्राथमिक से लेकर विश्वविद्यालय स्तर के शिक्षकों को शामिल करते हुए अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ पूरे भारत के प्रत्येक विद्यालय में हमारा विद्यालय हमारा स्वाभिमान कार्यक्रम चला रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षक अपने कार्य से समाज की दशा और दिशा बदल सकता है और इस कार्य की नींव शिक्षकों द्वारा स्वयं के विद्यालय के कक्षा कक्षों से रखी जानी चाहिए। विद्यालय में प्रार्थना सभा को बहुत  सुन्दर बनाने, विद्यालय की भौतिक सुविधाओं , साज सज्जा को आकर्षक बनाने ,स्वच्छ एवम् सकारात्मक वातावरण तैयार करने,अच्छे कार्यों की शुरुआत में आने वाली बाधाओं का मजबूती से सामना करने, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के साथ समान स्नेहपूर्ण संबंध रखने, विद्यार्थियों के अच्छे गुणों को सभी के सामने रखने,अपने विषय पर पूर्ण तैयारी रखने आदि विभिन्न माध्यमों से शुरुआत कर हम विद्यालय को इस स्तर का बनाने का प्रयास करें कि बालक और समाज का हर नागरिक मंदिर की तरह अपने अतिथि को अपने विद्यालय को दिखाने का अनुग्रह करें।
    उन्होंने कहा कि शिक्षक को उसके प्रयासों की पराकाष्ठा करनी होगी ,तभी हम समर्थ भारत, श्रेष्ठ भारत और विकसित भारत के सपने को पूर्ण कर पाएंगे।

    आज आठवें सत्र में संगठन के संरक्षक  प्रहलाद शर्मा ने कार्यकर्ताओं को १९५४ में संगठन निर्माण से वर्तमान तक की चुनौतीपूर्ण यात्रा को विस्तार से रखते हुए बताया कि राष्ट्रहित में शिक्षा की चुनौतियों का सामुहिक संगठन- शक्ति से मुकाबला कर विजय प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने कहा कि हमारा संगठन विधान और विचार आधारित रहा है। यह  शिक्षार्थी को केंद्र में रखकर शिक्षा, शिक्षक एवम् समाज की उन्नति लिए प्रतिबद्ध है।उन्होंने संगठन को आज इतनी ऊंचाइयों पर पहुंचाने वाले सभी साथियों के योगदान को सूक्ष्मता से बताते हुए महामनीषी ,संगठन के आधार स्तंभ स्व जयदेव जी पाठक के जीवन एवं योगदान पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने संगठन में सामूहिक निर्णय,कार्यकर्ता निर्माण एवम् परिष्कार, संगठन  सर्वोपरि, विचार के प्रति सदैव प्रतिबद्धता,आर्थिक एवम् चारित्रिक शुचिता जैसे मूल्यों को सदैव अपनाने की बात कही।

    इससे पूर्व ३ जनवरी को प्रशिक्षण वर्ग का उद्घाटन सत्र रहा जिसमें मुख्य वक्ता राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशिक्षण एक निरंतर सीखने और सिखाने की प्रक्रिया है। उन्होंने संगठन की रीति नीति की विस्तार से सभी को जानकारी दी।उन्होंने कहा की कार्यकर्ताओं के दायित्व तो बदलते रहते हैं परंतु कार्यकर्ता स्थाई है। हम एक व्यक्तिवादी संगठन नहीं है बल्कि एक राष्ट्रीय विचार को लेकर आगे बढ़ाने वाले हैं।उन्होंने कहा कि संगठन के प्रत्येक कार्यक्रम को धरातल पर उतारने की जिम्मेदारी दायित्व वान कार्यकर्ताओं की होती है, उन्हें कार्यक्रमों की संपूर्ण एवं प्रमाणिक जानकारी होनी चाहिए। प्रत्येक कार्यक्रम के पश्चात उसकी समीक्षा हर स्तर पर की जानी चाहिए। प्रत्येक स्तर पर संगठन द्वारा कार्यों  का विभिन्न आयामों के अनुसार विकेंद्रीकरण किया गया है, इसी आधार पर विभिन्न कार्यशालाओं का आयोजन भी किया जा रहा है।

    शिक्षक संघ राष्ट्रीय के प्रदेश अतिरिक्त महामंत्री बसंत जिंदल ने प्रशिक्षण वर्ग की आवश्यकता एवं संगठनात्मक परिचय विषय पर कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।

    द्वितीय सत्र में दायित्व आधारित समूह बैठ के संपन्न हुई। तृतीय सत्र में मुख्य वक्ता बजरंग लाल कुमावत उप शाखा मंत्री चोमू ने मेरा विद्यालय मेरा तीर्थ विषय पर विस्तार से अपनी बात रखी।

    चतुर्थ सत्र में जयपुर महानगर शहर कार्यवाहक  अशोक ने कार्यकर्ता विकास विषय पर विचार रखते हुए कहा कि ध्येय के प्रति निरंतरता,  कथनी व करनी में अंतर न होना, कार्यकर्ताओं के अच्छे गुणों एवं कार्यों को प्रोत्साहित करना,आत्म निरीक्षण करना,आर्थिक एवं चारित्रिक सुचिता रखना आदि कार्यकर्ता निर्माण एवम् विकास के प्रमुख सोपान है।

    छठे सत्र में मुख्य वक्ता अभय सिंह राठौड़ प्रदेश उपाध्यक्ष ने पंच परिवर्तन एवम् विमर्श विषय पर विचार रखे।उन्होंने स्व के बोध,नागरिक कर्तव्य,सामाजिक समरसता,पर्यावरण, एवम् कुटुंब प्रबोधन विषयों पर सारगर्भित उद्बोधन दिया।
    आठवें सत्र में मुख्य वक्ता नोरंग सहाय भारतीय प्रदेश संयुक्त मंत्री शिक्षक संघ राष्ट्रीय ने प्रवासी कार्यकर्ता एवं कार्यक्रम योजना पर विस्तार से जानकारी दी।

    प्रशिक्षण वर्ग में प्रदेश अतिरिक्त महामंत्री बसंत जिंदल, प्रदेश उपसभा अध्यक्ष चंद्र प्रकाश शर्मा, प्रदेश संयुक्त मंत्री नोरंग सहाय भारतीय,प्रदेश प्रतिनिधि निधि छीपा, प्रदेश मीडिया प्रकोष्ठ सहसंयोजक देवेंद्र शर्मा, अभिलेखागार प्रकोष्ठ सहसंयोजक जयकिशन दाधीच, प्रदेश महिला प्रकोष्ठ सहसंयोजक सुनीता शर्मा, संभाग संगठन मंत्री कमलेश चौधरी संभाग संयुक्त मंत्री शकुंतला मौर्य, संभाग मीडिया प्रभारी ओमप्रकाश टेलर,विभाग संगठन मंत्री दिलीप शर्मा,अध्यक्ष जिला जयपुर प्रथम केशव राज चौहान , अध्यक्ष जिला जयपुर द्वितीय चौथमल कुमावत , मंत्री जयपुर प्रथम जुगराज सिंह नाथावत , मंत्री जयपुर द्वितीय रमेश चंद्र गुप्ता सहित जयपुर जिला कार्यकारिणी उप शाखा कार्यकारिणी के पदाधिकारी एवं सक्रिय कार्यकर्ता एवं प्रबंधनकर्ता उपस्थित रहे।
    अंत में कल्याण मंत्र के साथ  प्रशिक्षण वर्ग का समापन हुआ।

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