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    कोचिंग हब में शिफ्टिंग की पैरवी करने वाले कोचिंग महासंघ अध्यक्ष को जान से मारने की धमकी का आरोप, एफआईआर दर्ज

    39 minutes ago

    - संयुक्त अभिभावक संघ का सवाल—कोचिंग संचालकों के बीच ही धमकी और हिंसा की आशंका, तो कोचिंग सेंटरों में पढ़ने वाले लाखों विद्यार्थी कितने सुरक्षित?

    जयपुर। राजस्थान में कोचिंग सेंटरों की कार्यप्रणाली, व्यवस्थाओं और विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जयपुर के नारायण विहार थाने में ऑल कोचिंग इंस्टीट्यूट महासंघ के अध्यक्ष अनीष कुमार की शिकायत पर जान से मारने की धमकी देने और षड्यंत्र रचने के आरोपों के संबंध में एफआईआर संख्या 0437/2026 दर्ज की गई है। एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता की धाराएं 55 और 61(2) अंकित हैं।

    शिकायत के अनुसार, गोपालपुरा बाईपास क्षेत्र के कोचिंग संस्थानों को प्रताप नगर स्थित नए कोचिंग हब में स्थानांतरित करने के मुद्दे पर मतभेद चल रहे हैं। महासंघ अध्यक्ष अनीष कुमार का कहना है कि वे कोचिंग हब में स्थानांतरण के पक्ष में हैं, लेकिन वहां निर्धारित दरों को अधिक बताते हुए उनमें कमी की मांग कर रहे हैं। इसी विषय पर संबंधित अधिकारियों से सामूहिक रूप से मिलने की पहल के दौरान विवाद सामने आया।

    शिकायतकर्ता अनीष कुमार ने आरोप लगाया है कि 6 अक्टूबर 2026 को राजस्थान कोचिंग एसोसिएशन, जयपुर के महासचिव एन.के. झा से फोन पर बातचीत के बाद कॉल डिस्कनेक्ट नहीं हुई और आगे हुई बातचीत में उन्हें नुकसान पहुंचाने तथा जान से मारने की धमकी जैसी बातें सुनाई दीं। शिकायतकर्ता के अनुसार, इस बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग भी उनके पास उपलब्ध है। इसी आधार पर उन्होंने पुलिस से कार्रवाई की मांग की।

    संयुक्त अभिभावक संघ ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि यदि कोचिंग व्यवस्था से जुड़े संगठनों के पदाधिकारियों के बीच ही इस स्तर के आरोप सामने आ रहे हैं, तो विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों की सुरक्षा को लेकर चिंता होना स्वाभाविक है। कोचिंग सेंटरों में पढ़ने वाले विद्यार्थी अपने भविष्य के निर्माण के लिए संस्थानों पर भरोसा करते हैं। ऐसे में संस्थानों के संचालन, विवादों के समाधान और विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है।

    संघ प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू ने सवाल उठाया कि क्या कोचिंग क्षेत्र में नियमों और जवाबदेही से ऊपर कोई है? क्या विद्यार्थियों की सुरक्षा केवल कागजों और दावों तक सीमित रह जाएगी? जब कोचिंग सेंटरों के संचालन और स्थानांतरण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विवाद सामने आते हैं, तब सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वे निष्पक्ष कार्रवाई करें और विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

    संयुक्त अभिभावक संघ की प्रमुख मांगें

    1. पुलिस एफआईआर में लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच करे और उपलब्ध कॉल रिकॉर्डिंग सहित सभी साक्ष्यों की विधिसम्मत जांच की जाए।

    3. शिकायतकर्ता की सुरक्षा संबंधी आशंकाओं का आकलन कर आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जाएं।

    5. प्रदेश के कोचिंग संस्थानों में विद्यार्थियों की सुरक्षा, शिकायत निवारण और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी निगरानी व्यवस्था बनाई जाए।

    7. प्रताप नगर कोचिंग हब में स्थानांतरण, निर्धारित दरों और कोचिंग संचालकों के बीच विवादों का समाधान संवाद एवं कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाए।

    अभिषेक जैन बिट्टू ने स्पष्ट किया कि यह मामला केवल दो पक्षों के बीच विवाद का नहीं, बल्कि कोचिंग क्षेत्र में सुरक्षित और जवाबदेह माहौल सुनिश्चित करने की आवश्यकता का भी है। विद्यार्थियों का भविष्य किसी भी व्यावसायिक विवाद, दबाव या आपसी टकराव की भेंट नहीं चढ़ना चाहिए। प्रशासन को समय रहते कार्रवाई कर अभिभावकों का भरोसा कायम करना चाहिए।

     

     

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