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    युवा पीढ़ी के मानसिक स्वास्थ्य के लिए परिवार, शिक्षण संस्थान और समाज को मिलकर करना होगा प्रयास”—प्रो. बी. पी. सारस्वत , कुलगुरु राजस्थान विश्वविद्यालय

    1 hour ago

    मानसिक स्वास्थ्य से आत्मविश्वास तक—महारानी महाविद्यालय में ‘मन उत्सव 2026’ का आयोजन

    “सामूहिकता, आत्मीयता और परस्पर सहयोग से ही मानसिक तनाव की चुनौतियों का सामना संभव”—प्रो. बी. पी. सारस्वत , कुलगुरू राजस्थान विश्वविद्यालय

    जयपुर, राजस्थान विश्वविद्यालय के महारानी महाविद्यालय में गुरुवार को ‘मन उत्सव 2026 – मानसिक स्वास्थ्य से आत्मविश्वास तक’ का आयोजन उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया। छात्राओं के मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक कल्याण, आत्मविश्वास और सकारात्मक जीवनशैली को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित इस उत्सव में विभिन्न जागरूकतापरक, रचनात्मक एवं सहभागितापूर्ण गतिविधियाँ आयोजित की गईं।

    कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए राजस्थान विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. बी. पी. सरस्वत ने अपने संबोधन में मानसिक स्वास्थ्य, युवा पीढ़ी के समक्ष उपस्थित चुनौतियों तथा छात्राओं के सर्वांगीण विकास पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि बेटियाँ हमारी संस्कृति की संवाहक और शक्तिस्वरूपा हैं। उनका मानसिक अवसाद से ग्रस्त होना चिंताजनक है। इस चुनौती से निपटने के लिए हमें मानसिक स्वास्थ्य के प्रति अपनी पारंपरिक भारतीय दृष्टि और जीवन-पद्धति की ओर लौटना होगा। भारतीय संस्कृति सामूहिकता, आत्मीयता और परस्पर सहयोग में विश्वास करती है। इसी सामूहिक चेतना और सामाजिक सहभागिता के माध्यम से भावी पीढ़ी को मानसिक तनाव एवं अवसाद जैसी चुनौतियों से बचाने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाने चाहिए।

    कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में श्रीमती सरिता बडगुजर, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने उद्बोधन में छात्राओं के मानसिक स्वास्थ्य, आत्मविश्वास, आत्मरक्षा तथा वर्तमान समय में महिलाओं के समक्ष उपस्थित चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि छात्राओं का सशक्तीकरण केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक रूप से भी सशक्त बनाना आवश्यक है। जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और दृढ़ इच्छाशक्ति अत्यंत महत्त्वपूर्ण हैं।

    मुख्य वक्ता डॉ. सुनील शर्मा, प्रिंसिपल स्पेशलिस्ट, मनोचिकित्सा केंद्र, जयपुर ने अपने संबोधन में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने, भावनात्मक संतुलन बनाए रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर उचित मार्गदर्शन और मनोवैज्ञानिक सहायता प्राप्त करने के महत्त्व पर प्रकाश डाला।

    महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. नूपुर माथुर ने अपने स्वागत उद्बोधन में महारानी महाविद्यालय की गौरवशाली परंपरा, शैक्षणिक उत्कृष्टता तथा छात्राओं के सर्वांगीण विकास के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य व्यक्ति के व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण का महत्त्वपूर्ण आधार है। ‘मन उत्सव’ जैसी पहल छात्राओं को अपनी भावनाओं को समझने, तनाव का सामना करने तथा स्वयं के प्रति संवेदनशील बनने के लिए प्रेरित करती है।

    कार्यक्रम संयोजक एवं उप-प्राचार्या डॉ. चन्द्राणी सेन ने उत्सव की संकल्पना और उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि ‘मन उत्सव’ का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य को केवल समस्या अथवा उपचार तक सीमित न रखते हुए इसे आत्म-अभिव्यक्ति, आत्मविश्वास, आनंद और समग्र कल्याण से जोड़ना है। उन्होंने कार्यक्रम के आयोजन में सहयोग देने वाले सभी सदस्यों, संकाय सदस्यों एवं छात्राओं के योगदान की सराहना की।

    उत्सव के अंतर्गत ट्रेजर हंट, फ्लैश मॉब, साइकोड्रामा प्रतियोगिता, एक्सटेम्पोर प्रतियोगिता, मानसिक स्वास्थ्य प्रश्नोत्तरी तथा मार्शल आर्ट्स जैसी विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों के माध्यम से छात्राओं को टीम भावना, निर्णय क्षमता, आत्म-अभिव्यक्ति, रचनात्मकता और आत्मरक्षा के प्रति जागरूक होने का अवसर मिला।

    कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में महारानी महाविद्यालय की पूर्व छात्रा परिषद के दानदाताओं को सम्मानित किया गया। साथ ही, राजस्थान विश्वविद्यालय के अन्य संघटक महाविद्यालयों की प्राचार्याओं का भी सम्मान किया गया।

    सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में उत्साह, उमंग और सकारात्मकता का संचार किया। ‘मन उत्सव 2026’ ने यह संदेश दिया कि मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर संवाद करना, अपनी भावनाओं को समझना और आवश्यकता पड़ने पर सहयोग प्राप्त करना स्वस्थ जीवन का अभिन्न हिस्सा है। यह आयोजन छात्राओं को शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ-साथ मानसिक, भावनात्मक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महाविद्यालय का एक सार्थक प्रयास रहा।

    कार्यक्रम के सफल आयोजन में आयोजन समिति, संकाय सदस्यों एवं छात्राओं की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही। सभी के समन्वित प्रयासों से उत्सव की विभिन्न गतिविधियाँ सफलतापूर्वक संपन्न हुईं। कार्यक्रम का समापन सकारात्मकता, आत्मविश्वास और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के संदेश के साथ हुआ।

     

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