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    यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी में आयोजित हुआ “साइबर सिक्योर राजस्थान” कार्यक्रम

    43 minutes ago

    जयपुर। यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी की NSS इकाई द्वारा विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से “साइबर सिक्योर राजस्थान 2026” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, डिजिटल सुरक्षा और साइबर अपराध से बचाव के विभिन्न उपायों की जानकारी दी गई। प्रो-चेयरपर्सन डॉ. अंशु सुराना ने कहा कि आज के डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा केवल तकनीकी विषय नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। विद्यार्थियों को डिजिटल संसाधनों का उपयोग करते समय सतर्क रहना चाहिए और साइबर अपराध के प्रति जागरूकता को समाज तक पहुंचाने में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। प्रेसिडेंट प्रोफेसर डॉ. रश्मि जैन ने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास के साथ-साथ उन्हें जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनाने के लिए भी प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सतर्कता, जागरूकता और सही जानकारी ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। प्रो-प्रेसिडेंट प्रोफेसर डॉ. अंकित गांधी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि इंटरनेट और डिजिटल भुगतान का उपयोग करते समय सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे स्वयं साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहें और अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी साइबर फ्रॉड से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक करें। कार्यक्रम के दौरान NSS Programme Officer यश यादव ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए साइबर फ्रॉड के बढ़ते मामलों और उनसे बचने के महत्वपूर्ण तरीकों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, UPI PIN, बैंकिंग पासवर्ड अथवा अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। साथ ही, संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने और अनजान QR कोड स्कैन करने से बचने के लिए भी जागरूक किया। इस अवसर पर डॉ. प्रेम कुमार ने भी विद्यार्थियों के साथ अपने विचार साझा करते हुए कहा कि डिजिटल तकनीक हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति का डिजिटल रूप से जागरूक और सतर्क होना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को साइबर अपराध की स्थिति में घबराने के बजाय सही प्रक्रिया अपनाने और समय पर शिकायत करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को साइबर फ्रॉड से संबंधित एक लघु जागरूकता वीडियो भी दिखाया गया। वीडियो के माध्यम से विद्यार्थियों को बताया गया कि साइबर ठगी किस प्रकार की जा सकती है, ऐसी स्थिति में स्वयं को कैसे सुरक्षित रखा जाए तथा साइबर अपराध होने पर क्या कदम उठाए जाने चाहिए। विद्यार्थियों ने वीडियो के माध्यम से साइबर सुरक्षा से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं को समझा। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को “सोचें, सत्यापित करें और सुरक्षित रहें” का संदेश दिया गया। NSS इकाई द्वारा आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक करना तथा एक सुरक्षित और साइबर जागरूक राजस्थान के निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना रहा।

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