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    यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, जयपुर में राष्ट्रीय हिंदी दिवस मनाया गया, हिन्दी का बड़ा रुतबा

    45 minutes ago

    यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, जयपुर में 15 सितम्बर 2026 को मानविकी, कला एवं सामाजिक विज्ञान विद्यापीठ की ओर से राष्ट्रीय हिंदी दिवस बड़े उत्साह, उमंग और गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य हिंदी भाषा के महत्व, उसकी समृद्ध साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विरासत तथा वर्तमान समय में हिंदी की उपयोगिता के प्रति विद्यार्थियों और विश्वविद्यालय परिवार में जागरूकता एवं सम्मान की भावना विकसित करना रहा। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर हिंदीमय वातावरण से सराबोर रहा तथा विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रो-चेयरपर्सन डॉ. अंशु सुराना ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदी भारत की सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक एकता और भावनात्मक जुड़ाव की सशक्त भाषा है। उन्होंने कहा कि हिंदी को केवल अभिव्यक्ति एवं संवाद के माध्यम के रूप में नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान, परंपरा और संस्कारों को नई पीढ़ी तक पहुँचाने वाली भाषा के रूप में देखना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग के लिए प्रेरित किया।

    विश्वविद्यालय की प्रेसिडेंट प्रोफेसर (डॉ.) रश्मि जैन ने राष्ट्रीय हिंदी दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि हिंदी भारतीय संस्कृति और विविधता में एकता की महत्वपूर्ण संवाहक भाषा है। उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक परिवेश में हिंदी का महत्व निरंतर बढ़ रहा है। डिजिटल माध्यमों, शिक्षा, साहित्य, मीडिया, तकनीक और संचार के विभिन्न क्षेत्रों में हिंदी के प्रयोग की संभावनाएँ तेजी से विस्तृत हो रही हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे हिंदी भाषा के प्रति गर्व की भावना रखते हुए इसके समृद्ध साहित्य और ज्ञान परंपरा से जुड़ें तथा हिंदी को आधुनिक तकनीक और नवाचार के साथ आगे बढ़ाने में अपनी भूमिका निभाएँ। प्रो-प्रेसिडेंट डॉ. अंकित गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि आज हिंदी केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज करा रही है। इंटरनेट, सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के विस्तार ने हिंदी के प्रयोग को नए आयाम प्रदान किए हैं। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. अनूप शर्मा ने कहा कि युवा पीढ़ी हिंदी के साथ तकनीकी एवं व्यावसायिक कौशल को जोड़कर रोजगार और उद्यमिता के नए अवसरों का सृजन कर सकती है।

    मानविकी, कला एवं सामाजिक विज्ञान विद्यापीठ के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने हिंदी दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदी हमारी संवेदनाओं, विचारों और सांस्कृतिक चेतना को अभिव्यक्त करने वाली समृद्ध भाषा है। उन्होंने विद्यार्थियों को हिंदी के साहित्यिक, सामाजिक और वैश्विक महत्व से परिचित कराया तथा कहा कि हिंदी को विश्वस्तर पर और अधिक प्रतिष्ठित बनाने में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों से हिंदी में अध्ययन, लेखन, पठन-पाठन और सृजनात्मक अभिव्यक्ति को बढ़ावा देने का आह्वान किया। राष्ट्रीय हिंदी दिवस के अवसर पर श्री वेद प्रकाश चौधरी (सहायक आचार्य, मानविकी, कला एवं सामाजिक विज्ञान विद्यापीठ) के निर्देशन में विभिन्न रचनात्मक एवं साहित्यिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों के लिए हिंदी कविता-पाठ, निबंध लेखन, चित्रकारी एवं अन्य रचनात्मक प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं। विभिन्न संकायों के विद्यार्थियों ने इन प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया। कविता-पाठ के माध्यम से विद्यार्थियों ने देशप्रेम, प्रकृति, सामाजिक सरोकार, मानवीय संवेदनाओं और समकालीन जीवन से जुड़े विषयों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। निबंध लेखन प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने हिंदी की वर्तमान प्रासंगिकता, डिजिटल युग में हिंदी की भूमिका, मातृभाषा का महत्व तथा हिंदी के वैश्विक विस्तार जैसे विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए। चित्रकारी प्रतियोगिता में भी विद्यार्थियों ने अपनी सृजनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए हिंदी भाषा एवं भारतीय संस्कृति से संबंधित विषयों को कलात्मक रूप में प्रस्तुत किया।

    कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने हिंदी भाषा के अधिकाधिक प्रयोग, हिंदी साहित्य के अध्ययन तथा हिंदी के प्रचार-प्रसार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में अपनी भाषा और संस्कृति के प्रति आत्मीयता एवं गौरव की भावना को मजबूत किया। साथ ही, यह संदेश भी दिया गया कि हिंदी का विकास केवल सरकारी या शैक्षणिक स्तर तक सीमित न रहकर समाज, तकनीक, रोजगार, शोध और डिजिटल दुनिया के प्रत्येक क्षेत्र में होना चाहिए। कुशलतापूर्वक मंच संचालन एवं कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन मानविकी, कला एवं सामाजिक विज्ञान विद्यापीठ की सहायक आचार्य सुश्री खुशबू चौधरी द्वारा प्रस्तुत किया गया। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन, सभी पदाधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हिंदी का सम्मान केवल हिंदी दिवस तक सीमित न रहकर हमारे दैनिक व्यवहार, अध्ययन, लेखन और कार्य-संस्कृति का हिस्सा बनना चाहिए। इस प्रकार यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, जयपुर में राष्ट्रीय हिंदी दिवस-2026 का आयोजन हिंदी भाषा के प्रति सम्मान, गौरव और जागरूकता की भावना को सुदृढ़ करने वाला प्रेरणादायी एवं सफल आयोजन रहा। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को हिंदी की समृद्ध परंपरा से जोड़ने के साथ-साथ आधुनिक एवं डिजिटल युग में हिंदी की बढ़ती संभावनाओं को समझने का अवसर प्रदान किया।

     

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