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    शी जिनपिंग अमेरिका पहुंचे, ट्रंप ने एयरपोर्ट पर किया भव्य स्वागत; व्यापार और एआई समेत कई मुद्दों पर होगी अहम वार्ता

    3 hours ago

     

    Yugcharan News / 24-09-2026

    चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग बुधवार को अमेरिका पहुंचे, जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनका बेहद खास और दुर्लभ व्यक्तिगत स्वागत किया। शी जिनपिंग की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं अमेरिका और चीन के बीच व्यापार, तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), ईरान और रणनीतिक संबंधों को लेकर कई महत्वपूर्ण मुद्दे सामने हैं।

    शी जिनपिंग के अमेरिका पहुंचने के साथ ही दोनों देशों ने तीन दिवसीय राजकीय यात्रा की शुरुआत की। ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप ने ज्वाइंट बेस एंड्रयूज पर चीनी राष्ट्रपति और उनकी पत्नी पेंग लियुआन का स्वागत किया। यह अमेरिकी राजधानी वॉशिंगटन के बाहर स्थित प्रमुख सैन्य हवाई अड्डा है।

    ट्रंप ने इस मौके पर शी जिनपिंग से हाथ मिलाया। इसके बाद दोनों नेता रनवे पर एक साथ खड़े हुए, जहां सैन्य बैंड ने प्रस्तुति दी। अमेरिकी वायुसेना के दो बी-1 बॉम्बर विमानों ने भी फ्लाईओवर किया। एयरबेस पर छह एफ-22 लड़ाकू विमान और छह एफ-16 विमान भी खड़े किए गए थे, जिसे चीनी राष्ट्रपति के स्वागत समारोह में अमेरिकी सैन्य क्षमता के प्रदर्शन के तौर पर देखा गया।

    तीन दिन की राजकीय यात्रा में कई कार्यक्रम

    शी जिनपिंग की अमेरिका यात्रा शुक्रवार सुबह तक चलेगी। गुरुवार को व्हाइट हाउस में राजकीय भोज का आयोजन प्रस्तावित है, जिसमें अमेरिकी प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ तकनीकी और कारोबारी जगत की कई प्रमुख हस्तियां भी शामिल होने वाली हैं।

    शुक्रवार सुबह दोनों राष्ट्रपतियों और उनकी पत्नियों के बीच व्हाइट हाउस में चाय का कार्यक्रम होगा। इसके बाद दोनों राष्ट्रपति जोड़ों के नेशनल आर्काइव्स जाने का कार्यक्रम है। नेशनल आर्काइव्स अमेरिका के ऐतिहासिक दस्तावेजों और स्वतंत्रता की घोषणा से जुड़े महत्वपूर्ण रिकॉर्ड का प्रमुख केंद्र है।

    अमेरिकी राष्ट्रपतियों द्वारा विदेशी नेताओं का एयरपोर्ट पर व्यक्तिगत रूप से स्वागत करना आम परंपरा नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, एंड्रयूज एयरबेस पर इस तरह के पिछले प्रमुख स्वागतों में 1962 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन एफ. कैनेडी द्वारा ब्रिटिश प्रधानमंत्री हेरोल्ड मैकमिलन का स्वागत और 1959 में राष्ट्रपति ड्वाइट डी. आइजनहावर द्वारा सोवियत नेता निकिता ख्रुश्चेव का स्वागत शामिल था। पिछले वर्ष ट्रंप ने अलास्का में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का भी उनके विमान से उतरने के बाद स्वागत किया था।

    व्यापार युद्ध और टैरिफ पर रहेगी नजर

    शी जिनपिंग और ट्रंप की बैठक में अमेरिका-चीन व्यापार संबंध सबसे अहम मुद्दों में से एक रहने की संभावना है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से व्यापारिक तनाव बना हुआ है और दोनों पक्षों ने पहले कई वस्तुओं पर शुल्क और अन्य व्यापारिक उपाय लागू किए हैं।

    ट्रंप और शी के बीच पिछली बैठक के बाद व्यापार को लेकर एक अस्थायी समझ बनी थी। अब दोनों देशों के बीच इस व्यापारिक विराम को आगे बढ़ाने को लेकर चर्चा होने की उम्मीद है।

    अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट और चीन के उनके समकक्ष हे लाइफेंग ने रविवार को प्रारंभिक बातचीत की थी। इसके बाद बुधवार को भी दोनों अधिकारियों के बीच आगे की चर्चा हुई। बेसेंट ने इन वार्ताओं को महत्वपूर्ण और विस्तृत बातचीत बताया।

    विश्लेषकों के अनुसार, इस बैठक से किसी बड़े व्यापार समझौते की तत्काल संभावना को लेकर अपेक्षाएं सीमित हैं। हालांकि, दोनों देशों के बीच मौजूदा तनाव को नियंत्रित रखने और व्यापारिक संबंधों में स्थिरता बनाए रखने पर जोर दिया जा सकता है।

    ब्रुकिंग्स इंस्टीट्यूशन के जोनाथन जिन ने एएफपी से बातचीत में कहा कि बैठक से ठोस नतीजों की उम्मीद कम है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच मौजूदा अनौपचारिक समझ को आगे बढ़ाया जा सकता है।

    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भी बातचीत के केंद्र में

    अमेरिका और चीन के बीच तेजी से बढ़ती तकनीकी प्रतिस्पर्धा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में शामिल है। दोनों देश एआई तकनीक में वैश्विक बढ़त हासिल करने के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।

    गुरुवार को ट्रंप और शी जिनपिंग की बैठक में एआई से जुड़े जोखिमों और तकनीकी प्रतिस्पर्धा पर भी चर्चा होने की संभावना है। एआई के तेजी से विकास और इसके संभावित वैश्विक प्रभावों को लेकर दुनिया भर में चिंता जताई जाती रही है।

    हालांकि, दोनों देशों के बीच एआई को नियंत्रित करने के लिए किसी बड़े समझौते की उम्मीद फिलहाल कम बताई जा रही है। रविवार को अमेरिकी और चीनी अधिकारियों के बीच हुई प्रारंभिक बातचीत में एआई से संबंधित चिंताओं को लेकर एक संचार चैनल बनाने के विचार पर भी चर्चा हुई थी।

    यह मुद्दा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अमेरिका और चीन दोनों ही अत्याधुनिक एआई मॉडल, कंप्यूटिंग क्षमता, सेमीकंडक्टर तकनीक और अन्य उन्नत तकनीकों में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।

    शी के प्रतिनिधिमंडल में चीनी कारोबारी प्रमुख नहीं

    चीनी सरकारी मीडिया के अनुसार, शी जिनपिंग के साथ उनके करीबी सहयोगी कै छी और विदेश मंत्री वांग यी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी अमेरिका पहुंचे हैं।

    हालांकि, एएफपी से बातचीत करने वाले दो सूत्रों के अनुसार, शी के प्रतिनिधिमंडल में चीन के प्रमुख कारोबारी या तकनीकी कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शामिल नहीं हैं। यह स्थिति इसलिए उल्लेखनीय है क्योंकि गुरुवार को व्हाइट हाउस में होने वाले राजकीय भोज में अमेरिका की प्रमुख तकनीकी और एआई कंपनियों के शीर्ष अधिकारी शामिल होने वाले हैं।

    इससे यह संकेत मिलता है कि यात्रा का प्रमुख फोकस फिलहाल सरकारों के बीच रणनीतिक और कूटनीतिक बातचीत पर हो सकता है।

    ईरान को लेकर अमेरिका में सवाल

    शी जिनपिंग के भव्य स्वागत को अमेरिका में सभी पक्षों से समान प्रतिक्रिया नहीं मिली है। चीन के प्रति कड़ा रुख रखने वाले कुछ अमेरिकी सांसदों ने इस स्वागत को लेकर सवाल उठाए हैं।

    विशेष रूप से चीन द्वारा ईरान को अमेरिकी सैनिकों के खिलाफ हमलों के लिए कथित तौर पर खुफिया जानकारी उपलब्ध कराने की रिपोर्टों का मुद्दा उठाया गया है। रिपब्लिकन सीनेटर और सीनेट की सशस्त्र सेवा समिति के अध्यक्ष रोजर विकर ने चीन के प्रति कड़ा रुख व्यक्त करते हुए ट्रंप प्रशासन से इस पहलू को ध्यान में रखने की बात कही।

    हालांकि, ट्रंप ने चीन द्वारा ईरान की कथित मदद के मुद्दे को बैठक का केंद्रीय विषय बनाने की आवश्यकता को कम करके पेश किया है। उन्होंने इस संदर्भ में यह तर्क दिया है कि अमेरिका और चीन दोनों एक-दूसरे की गतिविधियों पर निगरानी रखते हैं।

    इस मुद्दे पर अमेरिका और चीन के बीच मतभेद बने हुए हैं, लेकिन दोनों पक्षों के लिए मौजूदा राजनयिक संवाद को जारी रखना भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    घरेलू राजनीतिक दबाव के बीच ट्रंप के लिए महत्वपूर्ण बैठक

    शी जिनपिंग की यात्रा ऐसे समय हो रही है जब अमेरिका में भी राष्ट्रपति ट्रंप को घरेलू स्तर पर कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ईरान युद्ध के प्रभाव से ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का मुद्दा अमेरिकी राजनीति में महत्वपूर्ण बना हुआ है।

    रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले ट्रंप की घरेलू राजनीतिक स्थिति पर भी इसका प्रभाव पड़ रहा है। ऐसे में चीन के साथ राजनयिक संवाद और अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक महत्वपूर्ण विदेशी नेता की मेजबानी अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए भी अहम कूटनीतिक अवसर है।

    दूसरी ओर, विश्लेषकों का कहना है कि चीन दीर्घकालिक रणनीति के तहत अमेरिका के मौजूदा प्रशासन से आगे की अवधि को भी ध्यान में रख रहा है। ट्रंप का दूसरा कार्यकाल 2029 की शुरुआत में समाप्त होना है। इस कारण बीजिंग अमेरिका के साथ तत्काल तनाव कम करने के साथ-साथ लंबी अवधि के लिए अपनी स्थिति मजबूत करने पर भी ध्यान दे सकता है।

    बड़े समझौते की उम्मीद कम, तनाव नियंत्रित रखने पर जोर

    शी जिनपिंग की अमेरिकी यात्रा से दोनों देशों के बीच किसी बड़े और व्यापक समझौते की उम्मीद फिलहाल सीमित है। हालांकि, यह बैठक अमेरिका और चीन के बीच संवाद को बनाए रखने तथा व्यापार और रणनीतिक मुद्दों पर तनाव को नियंत्रित करने के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

    दोनों नेताओं के सामने व्यापार शुल्क, एआई, तकनीकी प्रतिस्पर्धा, ईरान और व्यापक रणनीतिक संबंधों सहित कई जटिल मुद्दे हैं। ऐसे में बैठक का एक प्रमुख उद्देश्य मौजूदा अस्थायी समझ को बनाए रखना और दोनों देशों के बीच संवाद की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना हो सकता है।

    शी जिनपिंग की यात्रा शुक्रवार को समाप्त होगी। इसके बाद यह स्पष्ट होगा कि ट्रंप और शी की बातचीत से व्यापार, तकनीकी सहयोग और दोनों देशों के बीच व्यापक संबंधों को लेकर कोई ठोस घोषणा सामने आती है या दोनों पक्ष मौजूदा समझ और संवाद को ही आगे बढ़ाने पर सहमत होते हैं।

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