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    पिछली सरकार केवल स्कूल खोल देती थी, लेकिन शिक्षक नहीं लगाते थे:दिलावर

    1 hour ago

    —शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत पहुंचे जयपुर बाल महोत्सव में

    ———बच्चों से संवाद के दौरान सवालों के दिए जवाब

     

    जयपुर। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने स्कूली बच्चों से संवाद करते हुए कहा कि पिछली सरकार में स्कूल खोल दिए जाते थे, लेकिन शिक्षकों के पदों पर ध्यान ​नहीं दिया जाता था। अब हमने यह कोशिश की है कि सभी स्कूलों में रिक्त पदों को भरा जाए। इसके लिए हम नई भर्तियां कर रहे हैं। अब तक 30 हजार पदों को हम भर चुके हैं। आने वाले समय में किसी भी स्कूल में शिक्षकों का कोई पद खाली नहीं रहेगा।

     

    दरअसल, यह बात शिक्षा मंत्री ने पिंजरापोल गौशाला में चल रहे जयपुर बाल महोत्सव के दूसरे दिन एक छात्रा की ओर से पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कही। उन्होंने कहा कि हमारा ध्यान नई स्कूल और नए संकाय खोलने की बजाय इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में है। इस दौरान एक विद्यार्थी ने झालावाड़ में हुए स्कूल हादसे को लेकर सवाल किया तो मंत्री ने कहा कि हम जर्जर स्कूलों को दुरूस्त कर रहे हैं। अब बन रही स्कूलों में निर्माण तिथि के साथ ही वह तारीख भी लिखी जा रही है, जब तक उस भवन या कक्ष को उपयोग में लिया जा सकेगा। दिलावर ने विश्वास दिलाया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और उसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। इस दौरान मंत्री ने बाल महोत्सव के आयोजन को लेकर डिजिटल बाल मेला और फ्यूचर सोसायटी को धन्यवाद दिया। साथ ही कहा कि इस तरह के आयोजन प्रदेश में जगह—जगह होने चाहिए। उन्होंने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि हालही में जारी हुए बोर्ड परिणामों में सरकारी स्कूलों ने निजी शिक्षण संस्थाओं को पछाड़ दिया है। हम शिक्षा के मामले में अब देशभर में चौथे पायदान पर पहुंच चुके हैं। इस अवसर पर उन्होंने मेले में लगी अलग—अलग जिलों की स्टॉल का भी अवलोकन किया।

     

    जल संरक्षण में बच्चे निभा सकते हैं अहम भूमिका:सुरेश रावत

     

    जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने बाल महोत्सव में बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि बच्चों का आत्मविश्वास मजबूत होगा तो निश्चित रूप से देश आने वाले समय में विश्वगुरु बनेगा। उन्होंने कहा कि इस महोत्सव की खास बात यह है कि इसकी अधिकांश व्यवस्थाएं स्वयं बच्चों की ओर से संचालित की जा रही हैं, जो उनके नेतृत्व और क्षमता को दर्शाता है। मंत्री रावत ने जल के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि पानी हमारे जीवन की मूल आवश्यकता है और इसके बिना कुछ भी संभव नहीं है। भोजन, दैनिक जीवन, वनस्पति और पशु-पक्षियों के अस्तित्व के लिए पानी अनिवार्य है, इसलिए जल संरक्षण के प्रति जागरूक होना समय की जरूरत है। इसलिए जल संरक्षण में बच्चे अहम भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पीकेसी-ईआरसीपी परियोजना के माध्यम से 17 जिलों तक पानी पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है, जिससे राज्य की लगभग 40 प्रतिशत आबादी को लाभ मिलेगा। साथ ही उन्होंने वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने की अपील करते हुए सभी से पानी बचाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। रावत ने यह भी बताया कि राजस्थान के प्रवासी अपने-अपने गांवों में कर्मभूमि से मातृभूमि के प्रति दायित्व निभाते हुए जल संग्रहण के कार्यों में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्रफल की दृष्टि से राजस्थान देश में अग्रणी है और यहां जल प्रबंधन के प्रभावी उपायों की विशेष आवश्यकता है।

     

     

    मोबाइल से नहीं, बल्कि मैदान में खेलें बच्चे:कल्ला

     

    इस अवसर पर पूर्व शिक्षा मंत्री बी.डी. कल्ला ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों को पढ़ाई में एकाग्रता रखनी चाहिए। साथ ही अभिभावकों से अपील की कि बच्चों को संतुलित और पौष्टिक आहार दें। पिज्जा, बर्गर जैसे जंक फूड से परहेज करने पर जोर देते हुए कहा कि स्वस्थ आहार से ही स्वस्थ मस्तिष्क का निर्माण होता है। कल्ला ने बच्चों को संदेश दिया कि वे खेल जरूर खेलें, लेकिन मोबाइल फोन से दूर रहें और मैदान में सक्रिय रहें। साथ ही उन्होंने व्यसनों से दूर रहने की सलाह देते हुए कहा कि माता-पिता और गुरु साक्षात भगवान के समान हैं, जिनका सम्मान करना चाहिए।

     

    सरकार के साथ आमजन की भी जिम्मेदारी अहम:कमलेश शर्मा

     

    बाल महोत्सव में प्रसिद्ध उद्योगपति एवं समाजसेवी कमलेश शर्मा ने कहा कि सरकार के साथ निजी लोगों की भी जिम्मेदारी है कि वह शिक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाए। उन्होंने कहा कि बड़ी—बड़ी कंपनियों को अपने सीएसआर का पैसा बच्चों के लिए खर्च करना चाहिए ताकि उनका भविष्य सुनहरा बन सके। वहीं, डॉ.मीना शर्मा ने कहा कि बच्चों की दुनिया में काम करने की बेहद जरूरत है। इस अवसर पर डिजिटल बाल मेला की जान्हवी शर्मा समेत बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।

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