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    वैश्विक स्तर पर नेस्ले का बड़ा कदम: शिशु आहार के कुछ बैच वापस मंगाए गए, सुरक्षा को लेकर सतर्कता

    3 months ago

    दुनिया की प्रमुख खाद्य एवं पेय कंपनियों में शामिल स्विट्ज़रलैंड की नेस्ले (Nestlé) ने उपभोक्ता सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए शिशु आहार (इन्फेंट फॉर्मूला) के कुछ बैचों को एहतियातन वापस मंगाने का फैसला किया है। यह रिकॉल यूरोप के कई देशों में लागू किया गया है, जिनमें जर्मनी, ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, इटली और स्वीडन शामिल हैं। कंपनी का कहना है कि यह कदम किसी संभावित गुणवत्ता समस्या को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, ताकि बच्चों की सेहत पर किसी भी तरह का जोखिम न बने।

    नेस्ले के अनुसार, उत्पादन प्रक्रिया में उपयोग किए गए एक कच्चे माल से जुड़ी गुणवत्ता संबंधी आशंका सामने आई थी। यह सामग्री कंपनी को एक बाहरी सप्लायर द्वारा उपलब्ध कराई जाती है। इसी के बाद आंतरिक जांच के आधार पर कंपनी ने स्वेच्छा से कुछ बैचों को बाजार से हटाने का निर्णय लिया। नेस्ले ने साफ किया है कि यह फैसला उसकी सख्त गुणवत्ता और सुरक्षा नीतियों के अनुरूप है।

    अब तक बीमारी का कोई मामला सामने नहीं

    कंपनी ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल तक इन उत्पादों के सेवन से जुड़ी किसी भी बीमारी या स्वास्थ्य समस्या की पुष्टि नहीं हुई है। नेस्ले ने कहा कि वह संबंधित देशों की खाद्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है, ताकि सभी जरूरी कदम समय पर उठाए जा सकें। उपभोक्ताओं को आश्वस्त करते हुए कंपनी ने यह भी दोहराया कि शिशु आहार की सुरक्षा उसके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है।

    टॉक्सिन को लेकर चेतावनी

    इस बीच, ब्रिटेन की फूड स्टैंडर्ड्स एजेंसी (FSA) ने भी उपभोक्ताओं के लिए चेतावनी जारी की है। एजेंसी के अनुसार, रिकॉल किए गए कुछ बैचों में ‘सेरियूलाइड’ (cereulide) नामक टॉक्सिन की मौजूदगी की आशंका हो सकती है। यह एक ऐसा विषाक्त तत्व है जो अत्यधिक गर्मी में भी नष्ट नहीं होता। यानी, दूध तैयार करते समय उबलता पानी इस्तेमाल करने के बावजूद यह टॉक्सिन निष्क्रिय नहीं होता।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि यह टॉक्सिन शरीर में पहुंच जाए, तो इसके लक्षण तेजी से सामने आ सकते हैं। यही वजह है कि संबंधित बैचों के उत्पादों का उपयोग न करने की सख्त सलाह दी गई है।

    जांच और परीक्षण जारी

    नेस्ले ने जानकारी दी है कि वह इस मामले को लेकर अतिरिक्त जांच और परीक्षण कर रही है। कंपनी ने अपने सभी अराकिडोनिक एसिड ऑयल और उससे जुड़े मिश्रणों की व्यापक जांच शुरू कर दी है, जो संभावित रूप से प्रभावित उत्पादों के निर्माण में उपयोग किए गए थे। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में किसी भी तरह की गुणवत्ता संबंधी चूक न हो।

    अलग-अलग देशों में अलग ब्रांड नाम

    रिकॉल किए गए उत्पाद विभिन्न देशों में अलग-अलग ब्रांड नामों से बेचे जाते हैं। उदाहरण के तौर पर, जर्मनी में ये उत्पाद ‘बेबा’ और ‘अल्फामिनो’ जैसे नामों से बाजार में उपलब्ध हैं। नेस्ले ने उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए अपनी स्थानीय वेबसाइट्स पर प्रभावित उत्पादों की तस्वीरें और बैच नंबर जारी किए हैं, ताकि माता-पिता और अभिभावक आसानी से पहचान कर सकें कि उनके पास मौजूद उत्पाद इस रिकॉल के दायरे में आते हैं या नहीं।

    ग्राहकों के लिए रिफंड और सहायता

    कंपनी ने यह भी बताया है कि प्रभावित उत्पादों को वापस करने पर ग्राहकों को पूरा रिफंड दिया जाएगा। इसके अलावा, माता-पिता और देखभाल करने वालों के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं, जहां वे अपनी शंकाओं का समाधान पा सकते हैं। ब्रिटेन और आयरलैंड सहित अन्य देशों में भी इसी तरह की ग्राहक सहायता व्यवस्थाएं की गई हैं।

    खाद्य सुरक्षा पर दोहराया भरोसा

    नेस्ले ने अपने बयान में दोहराया कि वह खाद्य सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह का समझौता नहीं करती। कंपनी ने कहा कि जहां भी जरूरी होगा, वह बिना किसी देरी के उत्पाद वापस मंगाने जैसे कदम उठाती रहेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह का स्वैच्छिक रिकॉल उपभोक्ताओं के प्रति कंपनी की जिम्मेदारी को दर्शाता है।

    माता-पिता के लिए जरूरी सलाह

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों और खाद्य सुरक्षा एजेंसियों ने माता-पिता से अपील की है कि वे अपने पास मौजूद शिशु आहार के बैच नंबरों की तुरंत जांच करें। यदि उत्पाद रिकॉल सूची में शामिल है, तो उसका उपयोग न करें और कंपनी द्वारा बताए गए निर्देशों के अनुसार उसे वापस करें।

    कुल मिलाकर, नेस्ले का यह कदम भले ही एहतियाती हो, लेकिन यह एक बार फिर यह दिखाता है कि शिशु आहार जैसे संवेदनशील उत्पादों में थोड़ी सी भी आशंका को गंभीरता से लिया जाता है। उपभोक्ताओं के लिए सतर्कता और सही जानकारी ही इस तरह की स्थितियों में सबसे बड़ा बचाव है।

     
     
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