Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    दिल्ली में मानसून की धमाकेदार एंट्री, मुंबई में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त; कई राज्यों में बाढ़ और भूस्खलन का कहर

    1 hour ago

    युगचरण न्यूज़ / 2 जुलाई 2026

    देशभर में मानसून ने अब तेज़ रफ्तार पकड़ ली है। गुरुवार को दक्षिण-पश्चिम मानसून ने आखिरकार राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में दस्तक दे दी, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली। वहीं दूसरी ओर, मुंबई समेत महाराष्ट्र के कई इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश ने सामान्य जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। देश के विभिन्न राज्यों में बाढ़, जलभराव, भूस्खलन और सड़क बाधित होने जैसी घटनाएं सामने आई हैं। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कई राज्यों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

    दिल्ली में मानसून सामान्य तिथि से कुछ दिन बाद पहुंचा, लेकिन इसके साथ ही राजधानी के कई इलाकों में सुबह से ही हल्की से मध्यम बारिश शुरू हो गई। बारिश के कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। मौसम विभाग के अनुसार दिनभर बादल छाए रहने और रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। अगले तीन से चार दिनों तक दिल्ली-एनसीआर में बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है।

    मौसम विभाग ने बताया कि मानसून अब पूरे दिल्ली क्षेत्र, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश के शेष हिस्सों, मध्य प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों और गुजरात के कुछ भागों तक पहुंच चुका है। अगले दो से तीन दिनों में इसके राजस्थान और उत्तर-पश्चिम भारत के अन्य क्षेत्रों में भी आगे बढ़ने की संभावना है।

    उधर आर्थिक राजधानी मुंबई में गुरुवार सुबह से लगातार तेज बारिश ने शहर की रफ्तार धीमी कर दी। कई इलाकों में सड़कें पानी में डूब गईं, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। अंधेरी, दादर, चेंबूर, कुर्ला, किंग्स सर्किल, गांधी मार्केट और अन्य क्षेत्रों में भारी जलभराव की स्थिति देखने को मिली। कई स्थानों पर रेलवे ट्रैक पर भी पानी भर गया, जिसके कारण लोकल ट्रेन सेवाएं देरी से संचालित हुईं।

    मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने शहर और उपनगरों में अगले 24 घंटों के दौरान भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना जताई है। प्रशासन ने नागरिकों से अनावश्यक यात्रा से बचने, जलभराव वाले क्षेत्रों में न जाने और मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। तेज हवाओं की भी संभावना जताई गई है, जिनकी गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

    भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मुंबई, ठाणे, पालघर और रायगढ़ जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों ने लोगों को कमजोर भवनों, बिजली के खंभों और बड़े पेड़ों से दूर रहने की सलाह दी है। लगातार बारिश को देखते हुए राहत एवं बचाव दलों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।

    उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में लगातार बारिश के चलते नदियों और जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। जिला प्रशासन ने बताया कि जलस्तर चेतावनी स्तर के करीब पहुंच रहा है। यदि स्थिति और गंभीर होती है तो स्थानीय लोगों को समय रहते अलर्ट जारी किया जाएगा तथा संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की गई है।

    हिमाचल प्रदेश में भी लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। कई सड़कें बंद हो गई हैं और बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों को पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने से बचने की सलाह दी है। मौसम विभाग ने अगले कई दिनों तक भारी वर्षा की संभावना व्यक्त की है।

    जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के भलेसा क्षेत्र में भी लगातार बारिश जारी है। प्रशासन ने लोगों को भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने और केवल आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी है। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि लगातार वर्षा के कारण सड़क अवरुद्ध होने और अचानक बाढ़ आने का खतरा बना हुआ है।

    कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में बारिश से जुड़ी घटनाओं में लोगों की जान जाने की खबरें भी सामने आई हैं। कहीं भूस्खलन हुआ तो कहीं बिजली गिरने की घटनाएं हुईं। राहत और बचाव एजेंसियां प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।

    महाराष्ट्र में लगातार बारिश के बीच हाल ही में एक स्कूल बस पर पेड़ गिरने की घटना के बाद ठाणे नगर निगम ने शहरभर में खतरनाक पेड़ों का सर्वे कराने का निर्णय लिया है। अधिकारियों को स्कूलों, अस्पतालों, आवासीय परिसरों और प्रमुख सड़कों के किनारे लगे पुराने तथा कमजोर पेड़ों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

    मौसम विभाग का कहना है कि जुलाई महीने में देश के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम वर्षा हो सकती है, जबकि उत्तर-पश्चिम भारत, पूर्वोत्तर भारत और कुछ पूर्वी क्षेत्रों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज होने की संभावना है। हालांकि स्थानीय स्तर पर भारी वर्षा और अचानक मौसम परिवर्तन की घटनाएं जारी रह सकती हैं।

    विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार हो रही भारी बारिश के दौरान लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें, बिजली के खुले तारों और कमजोर संरचनाओं से दूरी बनाए रखें तथा प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी सभी चेतावनियों का पालन करें।

     

    देशभर में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। जहां एक ओर यह किसानों के लिए राहत और खेती के लिहाज से सकारात्मक संकेत लेकर आया है, वहीं दूसरी ओर कई राज्यों में भारी बारिश जनजीवन के लिए चुनौती भी बनती जा रही है। आने वाले दिनों में प्रशासन की तैयारियां और नागरिकों की सतर्कता ही संभावित नुकसान को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    Click here to Read More
    Previous Article
    राम मंदिर दान घोटाला: शौचालय में छिपाई जाती थी नकदी, फिर छोटे-छोटे हिस्सों में बाहर निकाली जाती थी; जांच में नए खुलासे
    Next Article
    पीएम मोदी ने जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची का किया स्वागत, भारत-जापान साझेदारी को नई गति देने पर जोर

    Related देश Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment