Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    जेएनयू में पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ नारे, उमर खालिद–शरजील इमाम को जमानत न मिलने पर भड़के छात्र; BJP और कांग्रेस आमने-सामने

    3 months ago

    Yugcharan News

    दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) एक बार फिर राजनीतिक विवाद के केंद्र में आ गया है। सोशल मीडिया पर सामने आए एक कथित वीडियो में जेएनयू परिसर के भीतर कुछ छात्रों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ विवादित नारे लगाते हुए देखा गया है। यह विरोध प्रदर्शन सुप्रीम कोर्ट द्वारा 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े कथित साजिश मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इनकार किए जाने के बाद हुआ।

    जानकारी के अनुसार, यह प्रदर्शन सोमवार रात को किया गया, जिसमें छात्रों ने शीर्ष अदालत के फैसले के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। वीडियो वायरल होने के बाद राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) तथा विपक्षी कांग्रेस के बीच बयानबाजी तेज हो गई।

    BJP नेताओं की कड़ी प्रतिक्रिया

    इस घटना को लेकर BJP नेताओं ने तीखा रुख अपनाया है। दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों की आलोचना करते हुए उन्हें “अलगाववादी सोच वाला” बताया। उन्होंने कहा कि अगर इस देश में सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के खिलाफ भी इस तरह के विरोध होंगे, तो कानून और संविधान का क्या सम्मान बचेगा।

    सिरसा ने आरोप लगाया कि ऐसे छात्र देश, संविधान और कानून का सम्मान नहीं करते और हमेशा देश को तोड़ने वाली मानसिकता को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल बेहद शर्मनाक है।

    वहीं, दिल्ली सरकार के एक अन्य मंत्री कपिल मिश्रा ने प्रदर्शनकारी छात्रों को “देश के दुश्मन” करार दिया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग राष्ट्र, धर्म और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के खिलाफ नारे लगाते हैं और आतंकवादियों व नक्सलियों का समर्थन करते हैं। कपिल मिश्रा के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ऐसे लोगों की हताशा अब खुलकर सामने आ रही है।

    कांग्रेस का बचाव

    इस पूरे मामले में कांग्रेस ने जेएनयू छात्रों का बचाव किया है। कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा कि यह विरोध छात्रों के गुस्से और असंतोष की अभिव्यक्ति का तरीका है। उनके अनुसार, 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर जेएनयू परिसर में नाराजगी है और छात्र उसी भावना को जाहिर कर रहे हैं।

    कांग्रेस नेताओं का कहना है कि असहमति जताना लोकतंत्र का हिस्सा है और छात्रों की आवाज को सीधे देशविरोधी करार देना गलत है।

    छात्र संघ का पक्ष

    जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष अदिति मिश्रा ने इस मुद्दे पर सफाई देते हुए कहा कि हर साल 5 जनवरी 2020 को परिसर में हुई हिंसा की निंदा करने के लिए छात्र एकजुट होते हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान लगाए गए नारे वैचारिक थे और किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाने के उद्देश्य से नहीं लगाए गए थे।

    छात्र संघ का कहना है कि छात्रों ने केवल अपनी असहमति और नाराजगी जाहिर की है, जिसे गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।

    पुलिस की स्थिति

    दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि फिलहाल इस मामले में किसी भी तरह की औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं की गई है। पुलिस वायरल वीडियो की जांच कर रही है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

    बार-बार विवादों में रहा है जेएनयू

    यह पहली बार नहीं है जब जेएनयू राजनीतिक विवादों में घिरा हो। इससे पहले भी देशविरोधी नारे, कैंपस राजनीति और वैचारिक टकराव को लेकर यह विश्वविद्यालय सुर्खियों में रहा है। जेएनयू को जहां एक ओर वैचारिक बहस और अकादमिक स्वतंत्रता का केंद्र माना जाता है, वहीं दूसरी ओर बार-बार उठने वाले विवाद इसे राजनीतिक टकराव का मैदान बना देते हैं।

    राजनीतिक असर

    विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है। एक तरफ BJP इसे राष्ट्रवाद और कानून के सम्मान से जोड़ रही है, वहीं कांग्रेस इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक अधिकारों का मुद्दा बता रही है। ऐसे में जेएनयू एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गया है।

    Click here to Read More
    Previous Article
    जनवरी में नहीं आएगा रूसी तेल, पिछले तीन हफ्तों से भी आपूर्ति शून्य: रिलायंस इंडस्ट्रीज
    Next Article
    आज का भूकंप: पश्चिमी जापान में 6.2 तीव्रता का भूकंप, सुनामी की चेतावनी जारी नहीं टोक्यो

    Related देश Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment