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    हर जिले के 2-2 पीएम श्री विद्यालयों का गहन निरीक्षण करेंगे संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी

    3 months ago

    – मुख्य सचिव ने शिक्षा अधिकारियों की बैठक में दिए दिशा-निर्देश

    जयपुर।

    मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सोमवार को शिक्षा संकुल में शिक्षा अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। गत माह नई दिल्ली में पीएम श्री विद्यालयों को लेकर आयोजित मुख्य सचिव सम्मेलन के फॉलोअप में आयोजित इस बैठक में मुख्य सचिव ने प्रदेश में स्कूल शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए किए जा रहे सुधारात्मक प्रयासों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

     

    निगरानी व्यवस्था सुदृढ़, पीएम श्री विद्यालयों को आदर्श मॉडल के रूप में विकसित करने पर जोर

    मुख्य सचिव ने कहा कि पीएम श्री विद्यालयों को आदर्श विद्यालयों के रूप में विकसित किया जाए ताकि उनके शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं आधारभूत ढांचे को अन्य राजकीय विद्यालयों में भी प्रभावी रूप से लागू किया जा सके। उन्होंने विद्यालय परिसरों में उपलब्ध स्थान एवं संसाधनों के अधिकतम उपयोग पर बल दिया। साथ ही प्रदेश के सभी 41 जिलों में निगरानी को मजबूत करने के उद्देश्य से संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारियों द्वारा प्रत्येक जिले के 2-2 पीएम श्री विद्यालयों का गहन निरीक्षण कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अधिकारी विद्यालयों में रात्रि विश्राम कर शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से संवाद स्थापित करेंगे। यह निरीक्षण कार्य आगामी 15 दिवस में पूर्ण कर इसकी समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी।

     

    शैक्षणिक गुणवत्ता, मातृभाषा आधारित शिक्षण एवं अभिभावक सहभागिता पर फोकस

    मुख्य सचिव ने कहा कि प्रारंभिक कक्षाओं में बच्चों की सीखने की क्षमता को सुदृढ़ करने के लिए मातृभाषा आधारित शिक्षण को प्रभावी रूप से लागू किया जाए। उन्होंने विद्यालयी शिक्षा में अभिभावकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए अभिभावक-शिक्षक बैठकों में पिताओं की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही बालिकाओं के लिए सुरक्षित एवं पर्याप्त शौचालय सुविधा सुनिश्चित करने पर विशेष जोर देते हुए इस कार्य को समयबद्ध रूप से 8 मार्च 2026 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए।

     

    आंगनबाड़ी सह-स्थान, छात्र पहचान और निपुण मिशन में विस्तार

     

    मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि आंगनबाड़ियों को स्कूलों के साथ सह-स्थान पर स्थापित किया जाए और इस कोलोकेशन के लिए पीएम गति शक्ति योजना का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि APAAR की यूनिक छात्र पहचान रजिस्ट्री अभियानात्मक रूप से लागू की जाए, जिससे यह प्रणाली सरकारी और गैर-सरकारी स्कूलों दोनों में समान रूप से सटीक और प्रभावी ढंग से काम कर सके। इसके अतिरिक्त, उन्होंने निपुण मिशन को कक्षा 5 तक विस्तारित करने के निर्देश दिए, ताकि प्रारंभिक साक्षरता और गणित (FLN/Learning Outcomes) पर विशेष ध्यान दिया जा सके और बच्चों की सीखने की क्षमता मजबूत हो।

     

    डेटा आधारित समीक्षा और निरीक्षण प्रणाली में सुधार

    मुख्य सचिव ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को परिणामोन्मुखी बनाने के लिए विद्या समीक्षा केंद्र के डाटा सेट्स को और सशक्त किया जाए तथा पीएम श्री विद्यालयों के प्रदर्शन की मासिक समीक्षा एवं रैंकिंग को नियमित और प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने विद्यालय निरीक्षण प्रणाली को अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के लिए निरीक्षण से संबंधित परिपत्रों को अद्यतन करने के निर्देश भी दिए।

     

    बैठक में पीएम श्री विद्यालयों की मासिक रैंकिंग, मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान, मिशन स्टार्ट, मिड-डे मील योजना, जिला रैंकिंग, प्रबल कार्यक्रम तथा विद्या समीक्षा केंद्र की गतिविधियों सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। शासन सचिव स्कूल शिक्षा कृष्ण कुणाल ने विभाग द्वारा किए जा रहे नवाचारों और सुधारात्मक प्रयासों की जानकारी साझा करते हुए बताया कि मुख्य सचिव के निर्देशानुसार, संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी प्रदेश के सभी 41 जिलों में पीएम श्री विद्यालयों का निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।

     

    बैठक में राज्य परियोजना निदेशक एवं आयुक्त श्रीमती अनुपमा जोरवाल, आयुक्त माध्यमिक एवं प्रारंभिक शिक्षा सीताराम जाट, आयुक्त मिड-डे मील विश्वमोहन शर्मा, कॉलेज शिक्षा आयुक्त ओपी बैरवा, निदेशक आरएसआरटीसी श्रीमती श्वेता फगेड़िया, आयुक्त संस्कृत शिक्षा श्रीमती प्रियंका जोधावत, , मुख्य सचिव के संयुक्त सचिव मुकेश शर्मा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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