Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    दिल्ली-एनसीआर में GRAP-3 प्रतिबंध हटाए गए, वायु गुणवत्ता में आंशिक सुधार के बाद राहत

    6 days ago

    दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के लोगों को गुरुवार को कुछ राहत मिली, जब वायु गुणवत्ता में आंशिक सुधार के बाद चरणबद्ध प्रतिक्रिया कार्ययोजना (GRAP) के तीसरे चरण से जुड़े प्रतिबंध हटा लिए गए। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने एक आधिकारिक आदेश जारी कर यह जानकारी दी।

    आयोग के अनुसार, राजधानी दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) गुरुवार को दर्ज आंकड़ों के अनुसार पहले की तुलना में बेहतर स्थिति में पहुंचा, जिसके बाद GRAP-3 के तहत लागू सख्त उपायों को वापस लेने का निर्णय लिया गया। मौसम विभाग के पूर्वानुमान में भी संकेत दिया गया है कि आने वाले दिनों में वायु गुणवत्ता “मध्यम” से “संतोषजनक” के बीच बने रहने की संभावना है।

    क्या होता है GRAP?

    GRAP यानी ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान एक चरणबद्ध व्यवस्था है, जिसे दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता के स्तर के अनुसार लागू किया जाता है। इसका उद्देश्य प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करना और नागरिकों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करना है।

    GRAP को अलग-अलग चरणों में बांटा गया है:

    • पहला और दूसरा चरण: हल्के से मध्यम स्तर की स्थिति में लागू होता है

    • तीसरा चरण (GRAP-3): स्थिति गंभीर होने पर लागू किया जाता है

    • चौथा चरण: अत्यंत खराब हालात में सख्त कदम उठाए जाते हैं

    तीसरे चरण के तहत निर्माण गतिविधियों पर नियंत्रण, कुछ औद्योगिक कार्यों पर रोक और वाहनों से जुड़े प्रतिबंध शामिल होते हैं।

    क्यों हटाए गए प्रतिबंध?

    वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने बताया कि हाल के दिनों में मौसम की परिस्थितियों में बदलाव देखने को मिला है। हवा की गति में सुधार और वातावरण में नमी के स्तर में परिवर्तन के कारण प्रदूषण कणों के जमाव में कमी आई, जिससे वायु गुणवत्ता में आंशिक सुधार दर्ज किया गया।

    आयोग ने अपने आदेश में कहा कि वर्तमान रुझानों और मौसम पूर्वानुमानों को देखते हुए, आने वाले कुछ दिनों में स्थिति और अधिक बिगड़ने की आशंका कम है। इसी आधार पर GRAP-3 के प्रतिबंधों को हटाने का निर्णय लिया गया।

    दिल्ली की वायु गुणवत्ता की स्थिति

    केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली की वायु गुणवत्ता पिछले कुछ दिनों से उतार-चढ़ाव भरी रही है। हालांकि, बुधवार और गुरुवार के बीच इसमें मामूली सुधार देखने को मिला।

    विशेषज्ञों का कहना है कि यह सुधार स्थायी नहीं माना जा सकता, क्योंकि सर्दियों के मौसम में वायु गुणवत्ता कई कारकों पर निर्भर करती है, जैसे:

    • तापमान

    • हवा की दिशा और गति

    • स्थानीय उत्सर्जन स्रोत

    • पड़ोसी राज्यों में गतिविधियां

    इसी कारण प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

    सर्वोच्च न्यायालय की भूमिका

    इस बीच, देश की सर्वोच्च अदालत ने भी दिल्ली सरकार और अन्य संबंधित एजेंसियों को वायु गुणवत्ता सुधार के लिए दीर्घकालिक उपायों पर गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा कि केवल अस्थायी प्रतिबंध पर्याप्त नहीं हैं और प्रदूषण के स्थायी समाधान के लिए संरचनात्मक सुधार आवश्यक हैं।

    अदालत ने विशेष रूप से वाहनों से होने वाले उत्सर्जन, सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने अदालत को आश्वासन दिया है कि दीर्घकालिक योजनाओं पर काम जारी है।

    प्रशासन की तैयारी

    दिल्ली सरकार और नगर निकायों ने कहा है कि भले ही GRAP-3 हटाया गया हो, लेकिन निगरानी और एहतियाती कदम जारी रहेंगे। यदि वायु गुणवत्ता फिर से बिगड़ती है, तो चरणबद्ध तरीके से प्रतिबंध दोबारा लागू किए जा सकते हैं।

    अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे:

    • निजी वाहनों के उपयोग को सीमित करें

    • सार्वजनिक परिवहन का अधिक इस्तेमाल करें

    • खुले में कचरा या अन्य सामग्री न जलाएं

    • ऊर्जा संरक्षण के उपाय अपनाएं

    आम लोगों को क्या राहत?

    GRAP-3 हटने से कई गतिविधियों को फिर से अनुमति मिल गई है। निर्माण कार्यों में आंशिक ढील, औद्योगिक गतिविधियों में सहजता और परिवहन से जुड़े कुछ प्रतिबंधों में राहत मिलने से आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।

    व्यापार संगठनों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा है कि इससे छोटे और मध्यम उद्यमों को कुछ राहत मिलेगी, जो प्रतिबंधों के कारण प्रभावित हो रहे थे।

    विशेषज्ञों की राय

    पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि यह सुधार सकारात्मक संकेत जरूर है, लेकिन इसे स्थायी समाधान नहीं माना जाना चाहिए। उनका कहना है कि जब तक उत्सर्जन के मूल कारणों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया जाता, तब तक हर साल सर्दियों में इसी तरह की स्थिति दोहराई जाती रहेगी।

    विशेषज्ञ दीर्घकालिक रणनीतियों पर जोर देते हुए कहते हैं कि:

    • स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा

    • इलेक्ट्रिक वाहनों का विस्तार

    • हरित क्षेत्र बढ़ाना

    • क्षेत्रीय समन्वय को मजबूत करना

    जैसे कदम अनिवार्य हैं।

    निष्कर्ष

    दिल्ली-एनसीआर में GRAP-3 प्रतिबंधों का हटना फिलहाल राहत की खबर है, लेकिन प्रशासन और नागरिकों दोनों के लिए यह एक चेतावनी भी है कि वायु गुणवत्ता की स्थिति नाजुक बनी हुई है। विशेषज्ञों और न्यायालय के निर्देशों के अनुसार, दीर्घकालिक और ठोस उपाय ही इस समस्या का स्थायी समाधान दे सकते हैं।

    फिलहाल, हालात बेहतर होने के संकेत जरूर हैं, लेकिन आने वाले दिनों में मौसम और मानवीय गतिविधियों की भूमिका अहम होगी।

    Click here to Read More
    Previous Article
    ट्रंप का ‘बोर्ड ऑफ पीस’: पाकिस्तान की एंट्री, इज़राइल की नाराज़गी और भारत की खामोशी कहानी यहीं खत्म नहीं होती
    Next Article
    16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया उपयोग पर दिशा-निर्देशों पर विचार कर रही आंध्र प्रदेश सरकार

    Related देश Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment