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    शिक्षकों के ज्वलंत मुद्दों पर शिक्षक महासंघ करेगा व्यापक आंदोलन

    3 months ago

    राजस्थान एकीकृत शिक्षक महासंघ के बैनर तले आज जयपुर स्थित पिंक सिटी प्रेस क्लब में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शिक्षक महासंघ के नव निर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष भेराराम बैड़ा का स्वागत-सत्कार किया गया। प्रेस वार्ता में संगठन के प्रदेश संयोजक हरपाल दादरवाल ने वर्तमान समय में शिक्षा विभाग से जुड़े शिक्षकों के ज्वलंत एवं लंबित मुद्दों पर महासंघ का पक्ष मजबूती से रखा।
    प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष भेराराम बैड़ा ने कहा कि प्रदेश में शीघ्र ही ब्लॉक स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक एक सशक्त संगठनात्मक ढांचा तैयार किया जाएगा और शिक्षक समुदाय की तत्कालीन मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।
    उन्होंने बताया कि शिक्षक महासंघ की प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं—
    प्रमुख मांगें
    शिक्षकों के सभी वर्गों के स्थानांतरण पारदर्शी नीति के तहत किए जाएँ।
    सभी संवर्गों की लंबित डीपीसी को 1 अप्रैल 2026 से पूर्व पूर्ण किया जाए।
    नवक्रमोन्नत विद्यालयों में आवश्यकतानुसार पदों का सृजन किया जाए तथा वेतन विसंगतियों को दूर किया जाए।
    महात्मा गांधी विद्यालयों के लिए अलग कैडर बनाया जाए तथा जिन पदों पर अब तक पदस्थापन नहीं हुआ है, उनका प्राथमिकता से पदस्थापन किया जाए —
    (वरिष्ठ कंप्यूटर अनुदेशक, बेसिक कंप्यूटर अनुदेशक, प्रयोगशाला सहायक, लाइब्रेरियन, PTI ग्रेड-3, कंप्यूटर टीचर, सामाजिक विज्ञान, हिंदी लेवल-2, विशेष शिक्षक)।
    कंप्यूटर अनुदेशकों का पृथक कैडर निर्माण कर उनका वेतनमान शिक्षकों के समान किया जाए—
    बेसिक कंप्यूटर अनुदेशक : 4200 ग्रेड पे
    वरिष्ठ कंप्यूटर अनुदेशक : 4800 ग्रेड पे (व्याख्याता के समान)
    शिक्षक भर्ती 2022 के 1301 शिक्षकों हेतु शैडो पद सृजित कर उनका वेतन नियमितीकरण किया जाए।
    विद्यालयों में स्टाफिंग पैटर्न लागू किया जाए, जिससे हजारों नए पदों का सृजन हो सके।
    विशेष शिक्षकों के नए पद सृजित कर शीघ्र नियमित भर्ती की जाए।
    नई शिक्षक भर्ती (REET/सीधी भर्ती) शीघ्र निकाली जाए एवं रिक्त पदों का वार्षिक भर्ती कैलेंडर जारी किया जाए।
    शिक्षकों को अतिरिक्त गैर-शैक्षणिक कार्यों— जैसे चुनाव ड्यूटी, सर्वे, ऐप डाटा एंट्री आदि से मुक्त किया जाए।
    पुरानी पेंशन योजना (OPS) को प्रभावी रूप से लागू रखा जाए तथा NPS/UPS से जुड़े भ्रम स्पष्ट किए जाएँ।
    समयबद्ध पदोन्नति योजना (ACP/MACP) का लाभ लंबित शिक्षकों को शीघ्र दिया जाए।
    स्थानांतरित शिक्षकों के जॉइनिंग में देरी पर की जाने वाली वेतन कटौती समाप्त की जाए।
    विद्यालयों में विषयवार शिक्षक उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, विशेषकर गणित, विज्ञान एवं अंग्रेजी विषयों में।
    संविदा, गेस्ट फैकल्टी एवं अस्थायी शिक्षकों का चरणबद्ध नियमितीकरण किया जाए।
    विद्यालयों में आधारभूत सुविधाएँ— कक्षा कक्ष, शौचालय, बिजली, इंटरनेट, फर्नीचर एवं प्रयोगशालाएँ— शीघ्र उपलब्ध कराई जाएँ।
    प्रयोगशाला सहायक, लाइब्रेरियन एवं PTI के रिक्त पद तत्काल भरे जाएँ।
    शिक्षकों के मेडिकल अवकाश, चाइल्ड केयर लीव एवं अध्ययन अवकाश को सरल व ऑनलाइन प्रक्रिया से स्वीकृत किया जाए।
    नए शिक्षा सत्र से पूर्व पाठ्यपुस्तकें, प्रयोगशाला सामग्री एवं आईसीटी संसाधन विद्यालयों को उपलब्ध कराए जाएँ।
    प्रधानाचार्य/प्रधानाध्यापक के रिक्त पदों को डीपीसी द्वारा शीघ्र भरा जाए।
    प्रदेश अध्यक्ष भेराराम बैड़ा ने कहा कि यदि सरकार ने इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो ब्लॉक एवं जिला स्तर पर ज्ञापन देने के साथ-साथ प्रदेश स्तरीय व्यापक आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।
    इस अवसर पर नव निर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में प्रदेशभर से सैकड़ों शिक्षक उपस्थित रहे।

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