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    स्मार्ट लाइब्रेरीज़, AI और IoT आधारित लर्निंग पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन जेईसीआरसी फ़ाउंडेशन में हुआ आयोजित

    4 months ago

    जयपुर स्थित जेईसीआरसी फ़ाउंडेशन और जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के संयुक्त तत्वावधान में 13वाँ इंटरनेशनल लाइब्रेरी इनफ़ॉर्मेशन प्रोफेशनल्स सम्मेलन (I-LIPS 2025) का भव्य शुभारंभ हुआ। “इमर्जिंग टेक्नोलॉजी फ़ॉर स्मार्ट लाइब्रेरीज़” विषय पर आधारित यह तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आधुनिक पुस्तकालयों में आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस, स्मार्ट इंफॉर्मेशन मैनेजमेंट और IoT आधारित लर्निंग की संभावनाओं पर केंद्रित रहा। सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय स्तर से 10 से अधिक विशेषज्ञों तथा देश भर से 50 से अधिक राष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्राप्त 550 शोध-पत्रों में से 310 का चयन किया गया, जिनका हाइब्रिड मोड में प्रस्तुतीकरण किया जाएगा। सम्मेलन के प्रथम दिन उद्घाटन समारोह के साथ कई महत्वपूर्ण की-नोट सत्र संपन्न हुए।

     

    उद्घाटन सत्र में जेईसीआरसी फ़ाउंडेशन के प्राचार्य डॉ. वी.के. चंदाना ने संबोधित करते हुए कहा कि पुस्तकालय किसी भी शैक्षणिक संस्थान का वास्तविक डेटा सेंटर होता है, जहाँ अनगिनत संसाधन और ज्ञान-सामग्री उपलब्ध रहती है। उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल लाइब्रेरी के इस युग में छात्र शोध, नवाचार और ज्ञान-वृद्धि हेतु व्यापक संसाधनों तक पहुँच सकते हैं। पुस्तकालय केवल पुस्तकों का संग्रह नहीं, बल्कि सीखने, सोचने और भविष्य गढ़ने का सशक्त माध्यम है। उनका यह संदेश सम्मेलन के उद्देश्य—ज्ञान, तकनीक और शोध को एक ही मंच पर लाने—को और अधिक सुदृढ़ करता है।

     

    आज हुए पेपर प्रेज़ेंटेशन सत्रों में विशेषज्ञों ने बताया कि लाइब्रेरी साइंस में आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस किस प्रकार लाइब्रेरी को अधिक तेज़, अधिक सुलभ और शोध-अनुकूल बना रहा है। ऑटोमेटेड इंडेक्सिंग, स्मार्ट कैटलॉगिंग, रिकमेंडेशन सिस्टम, डेटा मैनेजमेंट और डिजिटल आर्काइविंग जैसी तकनीकों के माध्यम से लाइब्रेरी सिस्टम अधिक प्रभावी स्वरूप ले रहा है और आने वाले समय में इसका उपयोग और भी व्यापक होने वाला है।

     

    कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री अर्पित अग्रवाल (उपाध्यक्ष, जेईसीआरसी जयपुर) उपस्थित रहे। इस अवसर पर डॉ. विक्टर घंबीर (कुलपति, जेईसीआरसी विश्वविद्यालय), डॉ. वी.के. चंदाना (प्राचार्य, जेईसीआरसी) और मुख्य पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. अनीता जैन ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों में प्रो. डॉ. लोए एपलटन (यूनिवर्सिटी ऑफ शेफ़ील्ड, यूके), डॉ. सुजिन बुटडिसुवन (शिनावात्रा विश्वविद्यालय, थाईलैंड) और डॉ. के.पी. सिंह (डीआरडीओ) शामिल रहे। इसके साथ ही डेलनेट की डॉ. संगीता कौल और गलगोटियास विश्वविद्यालय के डॉ. देबल सी. कर ने भी अपने विचार साझा किए। यह सम्मेलन मुख्य रूप से डीआरडीओ और राजा राम मोहन राय लाइब्रेरी फ़ाउंडेशन द्वारा प्रायोजित रहा।

     

    सम्मेलन में छात्रों का उत्साह विशेष रूप से देखने योग्य रहा। इंजीनियरिंग एवं अन्य संकायों के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और आधुनिक तकनीकों तथा स्मार्ट लाइब्रेरी प्रणालियों को समझने का अवसर प्राप्त किया। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे आयोजन छात्रों को उभरती तकनीकों का ज्ञान, रिसर्च एवं इनोवेशन की दिशा, वैश्विक विशेषज्ञों से संवाद का अवसर तथा लाइब्रेरी सिस्टम की गहन समझ प्रदान करते हैं।

     

    I-LIPS 2025 न केवल लाइब्रेरी प्रोफेशनल्स के लिए बल्कि विद्यार्थियों के लिए भी अत्यंत प्रेरणादायक सिद्ध हुआ। इस सम्मेलन ने छात्रों में तकनीक, अनुसंधान और नवाचार को लेकर नई ऊर्जा और उत्साह का संचार किया तथा भविष्य की स्मार्ट लाइब्रेरी प्रणाली के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी स्थापित किया।

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