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    पुस्तकालय सोच को दिशा, सपनों को उड़ान और व्यक्तित्व को गहराई देगा- प्रोफ़ेसर जनक सिंह मीणा

    3 months ago

    पुस्तकालय एवम वाचनालय का उद्घाटन

     राजकीय कन्या महाविद्यालय, सिकंदरा, दौसा में मुख्यमंत्री बजट घोषणा 2024-25 की अनुपालना में प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क वाचनालय का उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया । समारोह की विधिवत शुरुआत माँ सरस्वती को द्वीप प्रज्जवलित एवं माल्यार्पण कर की गई । इसकी अध्यक्षता महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. अखय राज मीणा ने की व मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय विश्वविद्यालय, गुजरात के प्रोफ़ेसर जनक सिंह मीना रहे । इसके साथ ही श्री धारासिंह गुर्जर महाविद्यालय विकास समिति, माननीय विधायक महोदय, एवं श्री रामवतार कसाना , महाविद्यालय विकास समिति मुख्य अतिथि रहे । ज्ञान, विचार और चेतना के नए केंद्र - वाचनालय जैसी बेहतरीन सुविधा छात्राओं तक पहुँचाने के लिए सरकार निरंतर प्रयास करती है । छात्राओं का मनोबल बढ़ाते हुए महाविद्यालय प्राचार्य ने अपने संबोधन में बताया कि वाचनालय उन मित्रों का ऐसा घर है, जहाँ से सोच को दिशा, सपनों को उड़ान और व्यक्तित्व को गहराई मिलेगी । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रोफ़ेसर जनक सिंह मीणा ने डॉक्टर अंबेडकर से प्रेरित होकर व्यक्तित्व निर्माण पर बल दिया, छात्राओं को अनुशासन का पाठ पढ़ाया व निसंकोच होकर ज्ञान के महासागर को निरंतर अपने जीवन में अपनाने का अनुरोध किया । इसके अतिरिक्त उन्होंने 11,000 रूपये तक की अकादमिक एवं प्रतियोगिता परीक्षाओं से संबंधित किताबें महाविद्यालय को भेंट देने की घोषणा की जिसे 15 फ़रवरी तक महाविद्यालय पहुँचाना सुनिश्चित किया जायेगा । उन्होंने बताया कि वाचनालय जैसी सुविधा छात्राओं की जीवन में एक नया मार्गदर्शन लाएगी जिससे वह समाज में उच्च स्तर पर अन्य व्यक्तियों के साथ क़दम से क़दम मिलाकर चल पाएंगी । महाविद्यालय प्राचार्य ने वाचनालय के उद्घाटन की गरिमा बढ़ाते हुए स्वयं द्वारा रचित ‘राजस्थान में राजनीतिः विविध आयाम’ की 10 प्रतियां जिनका मूल्य 3,500 रु. है, वाचनालय में भेंट की । कार्यक्रम का संचालन वाचनालय अध्यक्ष, अंग्रेज़ी की सहायक आचार्य, सुश्री हिमानी शर्मा के द्वारा किया गया जिन्होंने छात्राओं को ज़रूरी निर्देश साँझा करते हुए बताया की वाचनालय केवल पुस्तकों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह विचारों की प्रयोगशाला है, संवाद का मंच है, और आत्म विकास का आधार है । वाचनालय आने वाली पीढ़ियों के लिए ज्ञान का दीपस्तंभ बनेगा । इस आयोजन को सफल बनाने में शिक्षकगण , आयोजन समिति एवं छात्राओं का बहुमूल्य योगदान रहा| इस अवसर पर डॉ. अजय सिंह कसाना, कन्हैया लाल बैरवा, श्रीमती सविता सिंह, योगेन्द्र सिंह गुर्जर , सुरेन्द्र सिंह कसाना, उूमा गुर्जर, लेखराज जांगिड, मौजूद रहे ।

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