Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    गौशालाओं को अनुदान भी देंगे और निर्माण भी कराएंगे - गोपालन मंत्री

    3 days ago

    जयपुर। गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में गौवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। गौवंश की सेवा हमारी संस्कृति और परम्परा का अभिन्न अंग है। उन्होंने सदन में कहा कि निराश्रित गौवंश के लिए राज्य में 4 हजार से अधिक गौशालाएं संचालित हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अनुदान के लिए पात्र 3 हजार 310 गौशालाओं से प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

     कुमावत ने कहा कि कई स्थानों पर गौचर भूमि में गौशालाएं संचालित हैं लेकिन एक रिट प्रकरण के कारण भूमि उनके नाम पर आवंटित नहीं हो रही है। उन्होंने बताया कि राजस्व विभाग के एक नए परिपत्र के अनुसार जिस भी ग्राम पंचायत में सिवायक चक भूमि नहीं है लेकिन गौवंश के लिए पर्याप्त गौचर है, वहां गौशालाओं के लिए भूमि आवंटित हो सकती है। उन्होंने सदन में बताया कि ऐसे प्रकरणों में जिला कलेक्टर के माध्यम से नियमानुसार भूमि आवंटन करवाया जा सकता है।

    गोपालन मंत्री ने विधायक बहादुर सिंह के पूरक प्रश्न के जवाब में कहा कि ग्राम पंचायतों में चारागाह भूमि पंचायती राज विभाग के अंतर्गत आती है। यदि उस पर अतिक्रमण है तो शीघ्र हटाया जाना चाहिए। उन्होंने पंचायती राज मंत्री से आग्रह किया कि ऐसे प्रकरणों को चिंहित कर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाए। कुमावत ने कहा कि प्रदेश में नई गौशालाएं और खुलनी चाहिए जिससे निराश्रित गौवंश की उचित देखभाल संभव हो सके।

    उन्होंने बताया कि प्रदेश में ‘पशु आश्रय स्थल योजना‘, ‘पंचायत समिति स्तरीय नंदीशाला जन सहभागिता योजना‘ और 'गौशाला विकास योजना' संचालित है। उन्होंने सभी सदस्यों से आग्रह किया कि इन योजनाओं के बारे में अधिकाधिक प्रचार-प्रसार करें। नियमानुसार नई गौशालाएं खोलकर विभाग को प्रस्ताव भेजे जाएं, ताकि उन्हें अनुदान और अन्य सहायता मिल सकें।

    इससे पहले सदस्य के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में गोपालन मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का विधान सभा क्षेत्र वैर के उपखण्ड मुख्यालय वैर में गौशाला खोलने का विचार नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश में गौशालाओं की स्थापना एवं संचालन स्वयं सेवी संस्था/ट्रस्ट द्वारा किया जाता है।

    उन्होंने बताया कि राजस्थान गौसंरक्षण एवं संवर्धन निधि नियम, 2016 संशोधित 2021 के अंतर्गत पात्र गौशालाओं में संधारित गौवंश को चारा-पानी एवं पशु आहार हेतु सहायता राशि तथा आधारभूत परिसम्पतियों के निर्माण हेतु अनुदान दिये जाने का प्रावधान है।

    उन्होंने जानकारी दी कि वैर विधानसभा क्षेत्र में ग्राम पंचायत गौशाला एवं पशु आश्रय स्थल जनसहभागिता योजनान्तर्गत गौशाला खोलने के लिए विगत तीन वर्षों में स्था्नीय जन प्रतिनिधियों तथा सामाजिक संगठनों द्वारा आवेदन नहीं किया गया है।

     

    Click here to Read More
    Previous Article
    राजस्थान विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने विधायकों के सवालों के दिए जवाब
    Next Article
    महारानी गायत्री देवी गर्ल्स स्कूल में 'क्रॉस कंट्री रन' का आयोजन

    Related राजस्थान Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment