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    एनएसएस केमिस्ट्री प्लास्टिक फ्री अर्थ मेगा ड्राइव: 100 किलोग्राम सिंगल यूज वेस्ट प्लास्टिक किया निस्तारित

    3 months ago

    कुलगुरु प्रोफेसर अल्पना कटेजा ने स्वयंसेवकों के प्रयासों को सराहा; प्लास्टिक मुक्त कैम्पस बनाने का दिया संदेश

    जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय की केमिस्ट्री एनएसएस इकाई (विज्ञान संकाय) द्वारा शनिवार तृतीय एक दिवसीय शिविर का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अमित शर्मा ने बताया कि इस शिविर का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना और विश्वविद्यालय परिसर को स्वच्छ बनाना था।

     

    शिविर का प्रथम चरण: मेगा क्लीनलीनेस ड्राइव और जागरूकता रैली

    शिविर की शुरुआत “सिंगल यूज प्लास्टिक संग्रहण एवं निस्तारण मेगा ड्राइव” के साथ हुई। डॉ. अमित शर्मा के नेतृत्व में 100 स्वयंसेवकों की टीम ने विश्वविद्यालय परिसर के बाहर सार्वजनिक स्थल से लगभग 100 किलोग्राम (1 क्विंटल) सिंगल यूज प्लास्टिक कचरा एकत्रित कर उसका सुरक्षित निस्तारण किया। इस दौरान स्वच्छता जागरूकता रैली भी निकाली गई, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों ने आमजन को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

     

    विश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रोफेसर अल्पना कटेजा ने सभी स्वयंसेवकों को अपना शुभाशीष प्रदान किया। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा किए गए स्वच्छता प्रयासों की सराहना करते हुए सिंगल यूज़ प्लास्टिक के उपयोग को कम करने की दिशा में प्रभावी मुहिम चलाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऐसी भागीदारी ही समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती है।

     

    रसायनशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्षा प्रोफेसर नीलिमा गुप्ता ने कहा कि यह मेगा ड्राइव न केवल स्वच्छता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है, बल्कि यह हमारे विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक सशक्त कदम है। रसायन शास्त्र विभाग भविष्य में भी सामाजिक सरोकार के ऐसे कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाता रहेगा।

    डॉ. नवीन शर्मा ने स्वयंसेवकों को सामाजिक सरोकार के कार्यों की दिशा में पूर्ण निष्ठा और समर्पण के साथ सदैव सक्रिय रहने हेतु प्रेरित किया ।

     

    शिविर के द्वितीय चरण: "अपनी यूनिवर्सिटी को जानें" प्रतियोगिता

    द्वितीय सत्र में विद्यार्थियों के लिए “अपनी यूनिवर्सिटी को जानें” प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को अपने विश्वविद्यालय के गौरवशाली इतिहास और उपलब्धियों से अवगत कराना था। 

    मुख्य अतिथि प्रोफेसर शरीफ़ अहमद

    (प्रोफेसर, जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय) ने कहा कि विज्ञान के विद्यार्थी होने के नाते, यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम रसायनों और प्लास्टिक के दुष्प्रभावों को समझें और समाज को इसके सुरक्षित विकल्पों के प्रति जागरूक करें।

    प्रोफेसर शरीफ़ अहमद, विभागाध्यक्ष प्रोफेसर नीलिमा गुप्ता एवं कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अमित शर्मा ने विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए ।

     

    तृतीय एवं अंतिम चरण: बौद्धिक कौशल और सांस्कृतिक गतिविधियाँ

    शिविर के तीसरे चरण में 'यस एवम् नो' गेम का आयोजन किया गया, जिसने स्वयंसेवकों की त्वरित निर्णय क्षमता और तार्किक सोच का परीक्षण किया। शिविर का समापन उत्साहपूर्ण अंताक्षरी प्रतियोगिता के साथ हुआ, जिसमें स्वयंसेवकों ने देशभक्ति और सुमधुर गीतों की प्रस्तुतियाँ दीं। डॉ. मीनाक्षी ने विद्यार्थियों के प्रयास की भूरी-भूरी प्रशंसा की ।

    इस अवसर पर विभिन्न संकाय सदस्य और एनएसएस के स्वयंसेवक उपस्थित रहे। 

     

    कार्यक्रम का समापन पुलवामा हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के साथ हुआ । 

    इस शिविर विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर, उन्हें 'अपने विश्वविद्यालय को जानें' और 'यस/ नो’ जैसी प्रतियोगिताओं के जरिए मानसिक रूप से जागरूक और निर्णय लेने में सक्षम बनाने का प्रयास किया है।

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