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    अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “Biotech Innovations 2026: From Discovery to Translation” का आयोजन

    3 weeks ago

    अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “Biotech Innovations 2026: From Discovery to Translation” का आयोजन 26 मार्च 2026 को सुरेश ज्ञान विहार विश्वविद्यालय, जयपुर में हुआ, जिसे भारत सरकार के जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) का समर्थन प्राप्त है। इस सम्मेलन का उद्देश्य मूलभूत शोध को व्यावहारिक अनुप्रयोगों से जोड़ना तथा वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, उद्योग विशेषज्ञों और युवा शोधकर्ताओं को एक साझा मंच प्रदान करना है। सम्मेलन में स्वास्थ्य, कृषि, औद्योगिक जैव प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा ट्रांसलेशनल रिसर्च जैसे उभरते क्षेत्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया।

     

    उद्घाटन सत्र की शुरुआत माँ सरस्वती के पुष्प अर्पण से हुई, जिसके बाद सम्मेलन संयोजक प्रो. (डॉ.) गौरव शर्मा ने स्वागत उद्बोधन दिया। इस अवसर पर सम्मेलन की स्मारिका-सह-सार संग्रह (Souvenir-cum-Abstract Book) का विमोचन भी किया गया, जो प्रस्तुत शोध कार्यों का संकलन है। एसजीवीयू की अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) ऋतु गिल्होत्रा ने अपने “वर्ड्स ऑफ विज़डम” में नवाचार-आधारित शोध और अंतःविषय सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।

     

    मुख्य अतिथि पद्मश्री प्रो. (डॉ.) योगेश कुमार चावला, पूर्व निदेशक, पीजीआईएमईआर चंडीगढ़, ने अपने उद्घाटन भाषण में इस बात पर जोर दिया कि प्रयोगशाला में विकसित तकनीकों को समाज के लिए सुलभ और किफायती स्वास्थ्य समाधान में परिवर्तित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जैव प्रौद्योगिकी का वास्तविक उद्देश्य समाज के जीवन स्तर में सुधार लाना होना चाहिए। वहीं, विशिष्ट अतिथि प्रो. डॉ. सुनील के. देशमुख ने अपने संबोधन में स्वास्थ्य, पर्यावरण और औद्योगिक चुनौतियों के समाधान के लिए अंतःविषय एवं सतत जैव प्रौद्योगिकी दृष्टिकोण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

     

    सम्मेलन में प्रो. के.सी. बंसल और प्रो. प्रदीप वर्मा जैसे प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों द्वारा मुख्य व्याख्यान प्रस्तुत किए जा रहे हैं, जिनमें कृषि जैव प्रौद्योगिकी और बायोमास प्रोसेसिंग के उन्नत पहलुओं पर चर्चा की गई। विभिन्न तकनीकी सत्रों का आयोजन स्वास्थ्य एवं औषधि जैव प्रौद्योगिकी, कृषि एवं खाद्य जैव प्रौद्योगिकी तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं उद्यमिता जैसे विषयों पर किया जा रहा है। इन सत्रों में CRISPR आधारित जीन थेरेपी, नैनोज़ाइम्स, कैंसर उपचार तथा AI-आधारित डायग्नोस्टिक्स जैसे आधुनिक विषयों को शामिल किया गया है।

     

    इसके अतिरिक्त, सम्मेलन में यंग साइंटिस्ट प्रेज़ेंटेशन, स्टार्टअप प्रदर्शनी, आइडियाथॉन और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं, जो अकादमिक और औद्योगिक क्षेत्रों के बीच सहयोग को बढ़ावा देते हैं। यह तीन दिवसीय सम्मेलन 28 मार्च 2026 को समापन समारोह और पुरस्कार वितरण के साथ समाप्त होगा।

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