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    6ठे दिन भी नहीं टूटी आरयू के छात्र नेता शुभम रेवाड़ की तपस्या: जब तक लिखित आदेश नहीं, तब तक अन्न का दाना नहीं, मांगे पूरी होने तक जारी रहेगा विरोध

    1 hour ago

    जयपुर | राजस्थान विश्वविद्यालय का अनशन स्थल अब केवल विरोध प्रदर्शन का केंद्र नहीं, बल्कि छात्र चेतना की कर्मभूमि बन चुका है। अपनी मातृभाषा राजस्थानी और प्रदेश के लाखों युवाओं के अधिकारों के लिए अनशन पर बैठे छात्र नेता शुभम रेवाड़ की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल आज 6ठे दिन में प्रवेश कर गई है। लगातार 6 दिनों से अन्न त्याग के कारण शरीर पर असर साफ़ दिख रहा है, लेकिन शुभम रेवाड़ के तेवर और इरादे पहले से भी अधिक कड़े नज़र आ रहे हैं। 6ठे दिन सुबह से ही राजस्थान के अलग-अलग जिलों से युवाओं के जत्थे सत्याग्रह स्थल पहुँचे और एकजुटता जताई।

    मीडिया से बातचीत करते हुए शुभम रेवाड़ ने साफ़ शब्दों में कहा:

    "प्रशासन और सरकार शायद हमारे सब्र की परीक्षा ले रही है, लेकिन वे यह भूल रहे हैं कि यह लड़ाई किसी निजी स्वार्थ की नहीं, बल्कि राजस्थानी भाषा के आत्मसम्मान और छात्र लोकतंत्र को बचाने की है। मौखिक आश्वासनों का दौर अब बीत चुका है; जब तक दोनों माँगों पर नोटिफ़िकेशन (लिखित आदेश) जारी नहीं होता, अनशन स्थल से उठने का सवाल ही पैदा नहीं होता।"

    शेष 2 मुख्य मांगें:

    राजस्थानी भाषा विभाग की स्थापना: राजस्थान विश्वविद्यालय में पृथक 'राजस्थानी भाषा विभाग' का गठन हो।

    छात्रसंघ चुनाव की बहाली : प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव तुरंत कराए जाएँ।

     

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