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    यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी द्वारा ग्राम तीतरिया में दवाओं के सही उपयोग पर जागरूकता अभियान आयोजित

    1 hour ago

    आज ग्राम तीतरिया पंचायत में यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के फार्मेसी विभाग द्वारा दवाओं के प्रभाव एवं दुष्प्रभाव के संबंध में एक जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को दवाओं के सही उपयोग, उनके लाभ एवं संभावित दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना था।

    कार्यक्रम के दौरान गाँव की महिलाओं, आंगनवाड़ी केंद्र की कार्यकर्ताओं तथा अन्य ग्रामीणों को एकत्रित कर उन्हें दवाओं के सेवन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ विस्तारपूर्वक प्रदान की गईं। उपस्थित लोगों को बताया गया कि बिना चिकित्सकीय परामर्श के दवाओं का उपयोग करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है तथा इससे गंभीर दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं। साथ ही, दवाओं की निर्धारित मात्रा, समय एवं अवधि का पालन करने की आवश्यकता पर भी विशेष जोर दिया गया।

     

    यूनिवर्सिटी की ओर से इस अभियान में फार्मेसी विभाग के डीन डॉ राम गर्ग, अखिलेश गोयल एवं नरेंद्र कुमावत उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त ग्राम पंचायत तीतरिया के सरपंच महोदय एवं अन्य गणमान्य नागरिकों की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। फार्मेसी विभाग के छात्र-छात्राओं ने भी कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

     

    डॉ राम गर्ग ने अपने संबोधन में कहा कि दवाओं का सेवन हमेशा योग्य चिकित्सक की सलाह से ही किया जाना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से एंटीबायोटिक्स के दुरुपयोग के प्रति लोगों को सचेत करते हुए बताया कि अधूरी दवा लेने से रोग पूरी तरह ठीक नहीं होता और भविष्य में दवाओं का असर कम हो सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे स्वयं दवा लेने से बचें और किसी भी प्रकार की समस्या होने पर चिकित्सकीय परामर्श अवश्य लें।

     

    प्रेसिडेंट डॉ रश्मि जैन ने अपने संदेश में कहा कि दवाओं का सुरक्षित एवं सही उपयोग प्रत्येक व्यक्ति के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बिना उचित जानकारी के दवा लेने से स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है, इसलिए जागरूकता ही बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज में स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

     

    प्रो प्रेसिडेंट डॉ अंकित गांधी ने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता अभियान समाज के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने बताया कि सही जानकारी के अभाव में लोग अक्सर दवाओं का गलत उपयोग कर लेते हैं, जिससे स्वास्थ्य को नुकसान हो सकता है। उन्होंने विश्वविद्यालय की ओर से आश्वासन दिया कि भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर किया जाता रहेगा।

    प्रो चेयरपर्सन डॉ अंशु सुराना ने अपने संदेश में कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल शिक्षा प्रदान करना ही नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाना भी है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि सही जानकारी ही स्वस्थ समाज की आधारशिला है। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों से आग्रह किया कि वे दवाओं का उपयोग सोच-समझकर करें तथा किसी भी दवा के सेवन से पूर्व विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

    कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना की तथा भविष्य में भी ऐसे जागरूकता अभियानों के आयोजन की अपेक्षा व्यक्त की। यह कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

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