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    विद्यार्थियों ने अनुभव से समझे व्यावसायिक अवसर व चुनौतियां

    3 months ago

    - व्यावसायिक शिक्षा योजना के तहत 10 दिवसीय इंटर्नशिप संपन्न

    जयपुर। प्रदेश के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों व पीएम श्री उच्च माध्यमिक विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा योजना के अंतर्गत अध्ययनरत विद्यार्थियों ने इंटर्नशिप कार्यक्रम के दौरान अपने ट्रेड से जुड़े कौशल, अवसर व चुनौतियों को नजदीक से समझा। प्रदेश के सभी जिलों के पीएम श्री विद्यालयों के व्यावसायिक शिक्षा योजना के तहत अध्ययनरत कुल 13324 विद्यार्थी व समग्र शिक्षा के तहत सात संभागीय जिलों मुख्यालयों के व्यावसायिक शिक्षा संचालित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों के 15 हजार विद्यार्थी इंटर्नशिप से लाभान्वित हुए। समग्र शिक्षा के तहत अजमेर, भरतपुर, जयपुर, बीकानेर, कोटा, जोधपुर और उदयपुर के राजकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को इंटर्नशिप का लाभ मिला। इंटर्नशिप 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को कराई गई जिसके तहत हर विद्यार्थी को 80 घंटे की ट्रेनिंग संबंधित सेक्टर से जुड़ी औद्योगिक इकाई/संस्थान पर दी गई। विद्यार्थियों के इंटर्नशिप स्थल पर आवागमन, भोजन, सर्टिफिकेट प्रिंटिंग एवं सर्टिफिकेट वितरण समारोह आदि के लिए शिक्षा विभाग की ओर से 2000 रुपए प्रति विद्यार्थी जारी किए गए। 

     

     

    इन ट्रेड्स में दिया जा रहा है प्रशिक्षण:

     

    1. कृषि

    2. परिधान निर्माण एवं गृह साज-सज्जा

    3. ऑटोमोबाइल (वाहन उद्योग)

    4. बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं एवं बीमा

    5. ब्यूटी एंड वेलनेस

    6. निर्माण (कंस्ट्रक्शन)

    7. इलेक्ट्रॉनिक्स एवं हार्डवेयर

    8. खाद्य प्रसंस्करण

    9. स्वास्थ्य सेवाएं

    10. आईटी/आईटीईएस

    11. प्लम्बिंग 

    12. सुरक्षा सेवाएं

    13. रिटेल 

    14. दूरसंचार 

    15. पर्यटन एवं आतिथ्य

    16. मल्टीमीडिया

     

    व्यस्थित प्रक्रिया के साथ किया जा रहा कौशल विकास: 

     

    प्रदेश में व्यावसायिक शिक्षा योजना के तहत चयनित विद्यालयों में अभी 16 सेक्टर्स में विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। प्रत्येक विद्यालय में प्रति सेक्टर एक वोकेशनल ट्रेनर कार्यरत है जिन्हें सेवा प्रदाता एजेंसी की ओर से नियुक्त किया गया है। हर विद्यालय में एक वरिष्ठ शिक्षक को नोडल अधिकारी बनाया जाता है जिन्हें कौशल मित्र कहा जाता है। प्रत्येक 30 व्यावसायिक विद्यालयों पर एक समन्वयक कार्यरत है। संबंधित विद्यालय के प्राचार्य, वोकेशनल ट्रेनर, समन्वयक व कौशल मित्र अपने कैचमेंट ऐरिया के बिजनेस हाउस, संस्थान, औद्योगिक इकाइयों आदि से संपर्क कर उन्हें विद्यालय के साथ लिंक करते हैं। यहां विद्यार्थियों को उनके अभिभावकों की सहमति से इंटर्नशिप करवाई जाती हैं। इंटर्नशिप के दौरान वोकेशनल ट्रेनर विद्यार्थियों के साथ रहते हैं। छात्राओं के साथ महिला शिक्षिका की उपस्थिति सुनिश्चित की जाती है। इंटर्नशिप के दौरान संबंधित अधिकारी समय-समय पर विजिट कर गतिविधि की मॉनिटरिंग करते हैं। विद्यार्थी अपने अनुभव, सामने आने वाली चुनौतियों सहित अन्य सभी तथ्यों को डेली डायरी में लिखते हैं। विद्यार्थी अपनी डेली डायरी व इंटर्नशिप के दौरान लिए गए फोटो, वीडियो आदि को विभाग की ओर से तैयार किए गए एमआईएस पोर्टल 'लाइट हाउस' पर अपलोड करते हैं। इस जानकारी के आधार पर विभाग द्वारा एआई आधारित विश्लेषण किया जाता है जो आगामी कार्ययोजना बनाने व विद्यार्थियों की प्रगति रिपोर्ट बनाने में काम आता है। 

     

    इनका कहना है- 

     

    व्यावसायिक शिक्षा योजना के तहत इंटर्नशिप एक अहम गतिविधि है। इससे विद्यर्थियों को तकनीकी कौशल के साथ ही व्यावहारिक कौशल और वर्कलाइफ एक्सपोजर भी मिलता है। इससे विद्यार्थी कक्षा में लिए गए ज्ञान को धरातल पर काम में लेकर देख पाते हैं व अपने सेक्टर के अवसर व चुनौतियों से रू ब रू हो पाते हैं। इंटर्नशिप से सेवा प्रदाता कंपनियों/औद्योगिक इकाइयों व संस्थानों को भी अपने भावी सहयोगी खोजने में सहायता मिलती है। 

    - संतोष कुमार मीना 

    उपायुक्त, व्यावसायिक शिक्षा, राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद

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