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    मुख्यमंत्री के समक्ष रखी शिक्षकों की समस्याएं

    2 weeks ago

    मुख्यमंत्री का कर्मचारी संगठनों से बजट पूर्व संवाद में राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विपिन प्रकाश शर्मा ने मुख्यमंत्री के समक्ष शिक्षकों की समस्याएं रखी। 

     

     जिसमें शिक्षकों की ज्वलंत मांगों में सरकार द्वारा 5 वर्ष से तृतीय श्रेणी की डीपीसी तथा 3 वर्ष से वरिष्ठ अध्यापक एवं विशेष शिक्षा की डीपीसी नहीं हो रही है अगर डीपीसी हो जाती है तो करीब 30 हजार तृतीय श्रेणी के पद रिक्त हो जाएंगे जिसमें बेरोजगार का भर्ती की जा सकती है।

     

      शर्मा ने मुख्यमंत्री को बताया कि शिक्षक भर्ती लेवल-2 के रिजल्ट रिवाइज के बाद 1301 पदो शिक्षकों की नौकरी से निकाले जाने की नौबत आ गई थी, जिस पर महोदय आपने ने सह्दयता दिखाते हुए 1301 शैडो पद स्वीकृत किए थे। मुख्यमंत्री द्वारा सहमति प्रदान करने के बाद भी अधिकारियों द्वारा पिछले 6 माह से आदेश नहीं निकाले गए हैं जिससे शिक्षकों के स्थाईकरण एवं नियमितीकरण प्रभावित हो रहा है ।

     

     महात्मा गांधी अंग्रेजी विद्यालयों में 11000 शिक्षकों को उनके गृह जिले में पदस्थापन मिल गया है , इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब द्वितीय चरण कर सभी साढ़े सात हजार शैक्षणिक तथा गैर शैक्षणिक पदों पर भी समायोजन अतिशीघ्र करवाया जाए ।

     

    शर्मा ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया की तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण खोलें जाए तथा पारदर्शी स्थानांतरण पॉलिसी से स्थानांतरण किया जाए , *बोर्ड परीक्षा में इस तरह के तबादलों से शिक्षण व्यवस्था बिगड़ेगी ऐसे में तबादलों का भी समयबद्ध शेड्यूल जारी किया जाए!*

     

    शर्मा ने कहा कि *सभी कर्मचारियों की डबल इंजन की सरकार से मांग है कि राजस्थान मे ओपीएस लागू होने के बाद कर्मचारियों का 51 हजार करोड़ रूपया केंद्र से लाकर सभी कर्मचारी के जीपीएफ खातों में जमा कराया जाए!* तथा 

     

    *सभी संगठनों की वार्ताएं मंत्री एवं शासन सचिव स्तर से अति शीघ्र कराई जाए ताकि सभी मांगों का समाधान हो सके।* 

     

    उसके बाद मुख्यमंत्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि कर्मचारियों की मांगों पर ध्यान रखा जाएगा और यह एक निरंतर प्रक्रिया है जिसमें कर्मचारियों की मांगे एक साथ पूरी नहीं की जा सकती ऐसे में चरणबद्ध रूप से मांगों पर विचार किया जाएगा बैठक के आयोजन के बाद मुख्यमंत्री ने सभी कर्मचारी संगठन के नेताओं से व्यक्तिगत रूप से बैठकर मुलाकातें की।

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