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    स्टूडेंट-फर्स्ट अप्रोच से बदलेगा एजुकेशन का भविष्य: अर्पित अग्रवाल

    1 day ago

     *राज शमानी के पॉडकास्ट में जेईसीआरसी के अर्पित अग्रवाल: भारतीय उच्च शिक्षा के भविष्य और बदलते परिदृश्य पर खास बातचीत*

    - *नई पीढ़ी, नई शिक्षा: इंडस्ट्री और क्लासरूम के बीच पुल बनाने की पहल*

    जयपुर,

    देश में उच्च शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है और अब पढ़ाई केवल किताबों तक सीमित नहीं रह गई है। इसी बदलते दौर को समझने और नए एजुकेशन मॉडल पर चर्चा करने के लिए मशहूर पॉडकास्टर राज शमानी के लोकप्रिय पॉडकास्ट में जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के वाइस चेयरपर्सन अर्पित अग्रवाल ने अपनी बात रखी। 14 अप्रैल को जारी इस विशेष एपिसोड में उन्होंने शिक्षा के वर्तमान हालात, चुनौतियों और भविष्य की दिशा पर विस्तार से चर्चा की।

    बातचीत के दौरान अर्पित अग्रवाल ने साफ कहा कि आज के समय में कॉलेज और यूनिवर्सिटी को पारंपरिक पढ़ाई से आगे बढ़कर छात्रों को वास्तविक दुनिया के लिए तैयार करना होगा। उन्होंने ‘फ्यूचर-रेडी’ संस्थानों की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि अब शिक्षा का मकसद केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि छात्रों को ऐसे कौशल देना है जो उन्हें जीवन और करियर दोनों में सफल बना सकें।

    उन्होंने ‘स्टूडेंट-फर्स्ट’ अप्रोच को शिक्षा का सबसे महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा कि हर निर्णय में छात्रों की जरूरत और उनके भविष्य को केंद्र में रखना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने इनोवेशन, प्रैक्टिकल एक्सपोज़र और टेक्नोलॉजी के बेहतर इस्तेमाल को मजबूत शिक्षा प्रणाली की पहचान बताया।

    पॉडकास्ट में इंडस्ट्री और शिक्षा के बीच बढ़ती दूरी को भी एक बड़ी चुनौती के रूप में रखा गया। अर्पित अग्रवाल ने कहा कि यदि कोर्स और पढ़ाई का तरीका इंडस्ट्री की मांग के अनुसार तैयार किया जाए, तो छात्रों को नौकरी के लिए अलग से संघर्ष नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने इंटरडिसिप्लिनरी लर्निंग, यानी अलग-अलग विषयों को जोड़कर पढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया, जिससे छात्र व्यापक समझ विकसित कर सकें।

    आज के युवाओं की बदलती सोच पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि वह ऐसी पढ़ाई चाहती है जो सीधे उनके करियर और जीवन में काम आए। यही कारण है कि अब स्किल-बेस्ड लर्निंग और प्रैक्टिकल नॉलेज की मांग तेजी से बढ़ रही है।

    उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में वही संस्थान आगे बढ़ेंगे जो छात्रों को एक समावेशी माहौल, इंडस्ट्री से जुड़ाव और नए अवसर प्रदान करेंगे। शिक्षा और इंडस्ट्री के बीच बेहतर तालमेल बनाकर ही एक मजबूत और ‘फ्यूचर-रेडी’ इकोसिस्टम तैयार किया जा सकता है।

    यह एपिसोड न केवल छात्रों बल्कि शिक्षकों और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों के लिए बेहद उपयोगी है। यह वर्तमान स्थिति को समझाने के साथ-साथ आने वाले समय के लिए एक स्पष्ट दिशा भी देता है, जिसमें शिक्षा अधिक व्यावहारिक, समावेशी और भविष्य के अनुरूप बनती नजर आती है।

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