Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    राजस्थान विश्वविद्यालय ने 80वाँ स्थापना दिवस हर्षोल्लास से मनाया

    3 months ago

    कुलगुरु ने विश्वविद्यालय की विरासत, उपलब्धियों और भविष्य की दिशा को रेखांकित किया

    जयपुर. राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर ने आज अपना 80वाँ स्थापना दिवस भव्य, गरिमामयी एवं उत्सवपूर्ण वातावरण में मनाया। इस अवसर पर आयोजित समारोह के मुख्य अतिथि अर्जुन राम मेघवाल, केन्द्रीय मंत्री, विधि एवं न्याय मंत्रालय, भारत सरकार रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में बाबूलाल, प्रान्त प्रचारक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, जयपुर प्रान्त की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस पावन अवसर पर प्रोफेसर भगवती प्रसाद सारस्वत, कुलगुरु, कोटा विश्वविद्यालय तथा डॉ. ओम प्रकाश बैरवा, आयुक्त कॉलेज शिक्षा की गरिमामयी उपस्थिति रही।

     समारोह को संबोधित करते हुए कुलगुरु प्रो अल्पना कटेजा ने कहा कि राजस्थान विश्वविद्यालय न केवल राजस्थान का सबसे प्राचीन एवं प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थान है, बल्कि यह ज्ञान, नैतिक मूल्यों और सामाजिक चेतना का सशक्त केन्द्र भी रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालय की स्थापना 8 जनवरी 1947 को राजपूताना विश्वविद्यालय के रूप में होने तथा इसके गौरवशाली ऐतिहासिक सफर का उल्लेख किया। कुलगुरु ने विश्वविद्यालय के ध्येय वाक्य “धर्मो विश्वस्य जगतः प्रतिष्ठा” की व्याख्या करते हुए कहा कि यह भारतीय ज्ञान परम्परा का वह वैश्विक सन्देश है, जो मानवता को नैतिक दिशा प्रदान करता है। उन्होंने विश्वविद्यालय के संस्थापक कुलगुरु डॉ. जी. एस. महाजनी के दूरदर्शी योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि उनके विचार आज भी विश्वविद्यालय के मूल दर्शन और कार्यसंस्कृति का मार्गदर्शन कर रहे हैं।

     कुलगुरु प्रो कटेजा ने अपने उद्बोधन में विश्वविद्यालय की अकादमिक उपलब्धियों, सामाजिक योगदान तथा प्रशासन, न्यायपालिका, राजनीति, शिक्षा, संस्कृति और खेल के क्षेत्रों में विश्वविद्यालय से निकली विशिष्ट प्रतिभाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक न्याय और समावेशन राजस्थान विश्वविद्यालय के कार्य प्राथमिकताओं के केन्द्र में रहे हैं।

     

     नैक पीयर टीम द्वारा दिये गये सुझावों का उल्लेख करते हुए कुलगुरु ने कहा कि विश्वविद्यालय भविष्य में फैकल्टी भर्ती, औद्योगिक सहयोग, प्लेसमेंट, डिजिटल लर्निंग तथा रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों के विस्तार पर विशेष ध्यान देगा। उन्होंने यह भी कहा कि विकसित भारत-2047 के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने में राजस्थान विश्वविद्यालय बौद्धिक, सामाजिक एवं नवाचार आधारित नेतृत्वकारी भूमिका निभाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

     समारोह के मुख्य अतिथि अर्जुन राम मेघवाल, माननीय केन्द्रीय मंत्री, विधि और न्याय मंत्रालय, भारत सरकार ने अपने उद्बोधन में राजस्थान विश्वविद्यालय को नैक द्वारा प्रदान की गई A+ ग्रेड को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुसंधान संस्कृति, हरित परिसर, महिला सशक्तिकरण, खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियों की सुदृढ़ पुष्टि होना बताया। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास और प्रतिबद्धता को दिया।

     कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि बाबूलाल, प्रान्त प्रचारक, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने इस अवसर पर सम्मानित होने वाले प्रतिभावान विद्यार्थियों की उपलब्धियों की सराहना की। साथ ही कहा कि विविध क्षेत्रों में विद्यार्थियों की इन उपलब्धियों ने राजस्थान विश्वविद्यालय को एक राष्ट्रीय अग्रणी उच्च शिक्षण संस्थान के रूप में और अधिक सुदृढ़ प्रतिष्ठा प्रदान की है। 

     इस अवसर पर आयोजित अचीवर्स फेलिसिटेशन कार्यक्रम में शैक्षणिक सत्र 2024-25 के दौरान खेल, शिक्षा, एनसीसी, ललित कला एवं व्यावसायिक क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 100 से अधिक विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। साथ ही विश्वविद्यालय की यात्रा में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले सेवानिवृत्त प्रोफेसर्स, पूर्व कुलपतियों एवं पूर्व विद्यार्थियों को भी उनके विशिष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। जिन विद्यार्थियों की राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियाँ विशेष रूप से उल्लेखनीय रहीं। उनमें से प्रमुख हैं अवनि लेखरा ने 2025 पैरा शूटिंग वर्ल्ड कप में स्वर्ण पदक जीतकर विश्वविद्यालय को वैश्विक पहचान दिलाई, जबकि एनसीसी कैडेट मोनिका ने माउंट एवरेस्ट पर सफल आरोहण कर ऐतिहासिक उपलब्धि अर्जित की। 

     प्रो. रेशमा बूलचंदानी, समन्वयक, आई.क्यू.ए.सी. ने समारोह के अन्त में सभी अतिथिगणों एवं आगन्तुकों का धन्यवाद 

    Click here to Read More
    Previous Article
    पुष्पेंद्र सिंह को पीएच.डी. की उपाधि
    Next Article
    सुप्रीम कोर्ट के TET संबंधी निर्णय पर ABRSM प्रतिनिधिमंडल की केंद्रीय शिक्षा मंत्री से भेंट, समुचित कार्यवाही की मांग

    Related शिक्षा Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment