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    प्रो. जनक सिंह मीना राजस्थान अम्बेडकर अवार्ड से सम्मानित

    2 hours ago

    आनन्दश्री चेतना केन्द्र उदयपुरवाटी द्वारा बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 135 वीं जन्म जयन्ती के अवसर पर एक राष्ट्रीय विचार गोष्ठी का आयोजन स्वामी लोकेश्वरानन्द महाराज के सानिध्य में किया गया । इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्ण राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय जोधपुर के कुलगुरू प्रो. गोविन्द शुक्ला, अध्यक्षता अटल बिहारी हिन्दी विश्वविद्यालय भोपाल के कुलगुरू प्रो.मोहनलाल छीपा, मुख्यवक्ता गुजरात केन्द्रीय विश्वविद्यालय वडोदरा के प्रोफेसर डॉ. जनक सिंह मीना एवं विशिष्ट अतिथि डॉ. प्रीति जोशी एवं बिजेन्द्र सिंह इन्द्रपुरा रहे । कार्यक्रम का शुभारम्भ बाबा साहेब की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलन एवं माल्यार्पण कर किया गया । इस अवसर पर प्रो. जनक सिंह ने अपना उदबोधन में डॉ. भीमराव अम्बेडकर का सामाजिक समरसता की स्थापना में योगदान विषय पर देते हुए कहा कि भारत एक बहुस्तरीयए बहुजातीयए बहुधार्मिक और बहुभाषिक समाज है । ऐसी विविधता में सामाजिक समरसता केवल एक नैतिक आदर्श नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की अनिवार्य आवश्यकता है । भारतीय समाज में जाति आधारित विभाजन, अस्पृश्यता, सामाजिक बहिष्कार और असमानता जैसी समस्याएँ रही हैं, जिन्होंने समरसता को कमजोर किया । डॉ. अंबेडकर का सामाजिक चिंतन पारंपरिक सुधारवाद से अलग था। वे केवल सुधार नहींए बल्कि संपूर्ण सामाजिक पुनर्निर्माण के पक्षधर थे । बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने अपने भाषण में कहा था कि - भारत शताब्दियों के बाद स्वाधीन हुआ है। अब इस स्वराज की रक्षा हमारा प्रथम कर्तव्य है। अपने समाज में किसी प्रकार की फूट पुनः हमसे स्वराज छीन लेगी। शताब्दियों ही गुलामी के परिणामस्वरूप हममें कुछ विकृतियां, ऊंच-नीच भेद,आर्थिक विषमता,पिछडापन, जातिवाद आदि उत्पन्न हुए होंगे। परन्तु इसे अपना हथियार बनाकर कोई विदेशी हमारे स्वत्वों का अपहरण करना चाहेंगे तो हम उसे सहन नहीं करेंगे। हम उनकी यह आकांक्षा मिट्टी में मिला देंगें। डॉ. बी.आर.अम्बेडकर ने संविधान के माध्यम से सामाजिक समरसता को संस्थागत रूप दिया । डॉ. बी.आर.अम्बेडकर ने सामाजिक समरसता को केवल एक आदर्श नहींए बल्कि एक संघर्ष, चेतना और संस्थागत निर्माण की प्रक्रिया के रूप में प्रस्तुत किया। अंबेडकर का दर्शन आज भी एक न्यायपूर्णए समावेशी और समरस समाज के निर्माण का सबसे मजबूत आधार है। इस अवसर पर प्रो. जनक सिंह मीना को राजस्थान अम्बेडकर अवार्ड से सम्मानित किया गया ।

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